3 जुलाई का इतिहास: कब और किसने की International Plastic Bag Free Day की शुरुआत?
Kaushiki | Jul 03, 2026, 08:00 IST
International Plastic Bag Free Day
हर साल 3 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाया जाता है। इसका मकसद सिंगल-यूज प्लास्टिक बैग के नुकसान के प्रति लोगों को जागरूक करना है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी एक छोटी सी आदत पर्यावरण को कितना बड़ा नुकसान पहुँचाती है।
International Plastic Bag Free Day: सुबह उठकर दूध लाना हो या शाम को सब्जी मंडी जाना हो। हमारे हाथ में एक चीज बहुत आसानी से दिख जाती है। वह चीज है सिंगल-यूज प्लास्टिक बैग यानी साधारण प्लास्टिक की थैली। यह थैली हमारे जीवन का एक बेहद अहम हिस्सा बन चुकी है।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटी सी थैली कितनी खतरनाक है? यह सुंदर और हल्की दिखने वाली थैली हमारी प्रकृति के लिए एक बड़ा अभिशाप है। इसी गंभीर खतरे के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए एक खास दिन चुना गया।
हर साल 3 जुलाई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाया जाता है। यह दिन कोई आम उत्सव या त्योहार नहीं है। यह दिन हमारी सोई हुई पर्यावरण चेतना को जगाने का एक बड़ा जरिया है। आइए जानते हैं इस जरूरी दिन की पूरी कहानी और इसके कड़वे सच।
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यह कहानी बहुत पुरानी नहीं है बल्कि कुछ साल पहले की ही है। इस बेहतरीन मुहिम की शुरुआत साल 2008 में यूरोप से हुई थी। जीरो वेस्ट यूरोप नाम के एक संगठन ने इसकी नींव रखी थी। इसका मकसद लोगों को प्लास्टिक के खिलाफ जागरूक करना था।
शुरुआत में यह अभियान (प्लास्टिक के बोरे में) केवल कुछ यूरोपीय देशों तक ही सीमित था। लेकिन धीरे-धीरे इस मुहिम का महत्व पूरी दुनिया को समझ आने लगा। लोगों ने देखा कि प्लास्टिक कचरा एक वैश्विक समस्या बन चुका है। इसके बाद कई अन्य देश भी इस अभियान से जुड़ते चले गए। प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग भी की जाती है।
अब हर साल 3 जुलाई को दुनिया भर के पर्यावरण प्रेमी एकजुट होते हैं। वे लोगों को प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न करने की कसम दिलाते हैं। इस दिन स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं।
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चलिए आपको एक सच्ची और आंखें खोल देने वाली कहानी सुनाते हैं। एक बार समंदर के किनारे एक विशाल व्हेल मछली मृत पाई गई। वैज्ञानिकों ने जब उसकी मौत का कारण जानने के लिए रिसर्च की। तो उसके पेट के अंदर से भारी मात्रा में प्लास्टिक निकला।
उस बेजुबान व्हेल के पेट में करीब 40 किलो प्लास्टिक की थैलियां फंसी हुई थीं। वह मछली कई दिनों तक भूख और असहनीय दर्द से तड़पती रही। हमारी फेंकी हुई एक छोटी सी थैली किसी की जान ले सकती है। यह बात हमें गहराई से सोचनी होगी।
हम अपनी सुख-सुविधा के लिए प्रकृति के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। हम बाजार से सामान लाकर प्लास्टिक बैग को बिना सोचे-समझे फेंक देते हैं। यही लापरवाही लौटकर प्रदूषण और बीमारियों के रूप में हमारे पास वापस आती है।
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इस गंभीर समस्या का समाधान सरकार के नियमों से ज्यादा हमारी आदतों में छिपा है। जब भी आप घर से बाहर निकलें, अपने साथ एक कपड़े का बैग जरूर रखें। अपनी गाड़ी की डिक्की में हमेशा दो-तीन जूट के बैग्स एडवांस में संभालकर रखें।
दुकानदार जब आपको प्लास्टिक बैग में सामान दे, तो उसे साफ मना कर दें। उसे कपड़े या कागज के थैले का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। सिंगल-यूज प्लास्टिक की जगह रीसाइक्लेबल और इको-फ्रेंडली चीजों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
अपने बच्चों को भी बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाएं। उन्हें समझाएं कि प्लास्टिक का कम उपयोग करना देश सेवा से कम नहीं है। छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर एक दिन बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आती हैं।
आज 3 जुलाई के दिन हमें खुद से एक सच्चा वादा करना होगा। हम केवल आज ही नहीं, बल्कि साल के हर दिन प्लास्टिक को ना कहेंगे। हमारी धरती को हरा-भरा और सुरक्षित रखना हमारी अपनी जिम्मेदारी है।
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 03 जुलाई का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 03 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह छोटी सी थैली कितनी खतरनाक है? यह सुंदर और हल्की दिखने वाली थैली हमारी प्रकृति के लिए एक बड़ा अभिशाप है। इसी गंभीर खतरे के प्रति लोगों को सचेत करने के लिए एक खास दिन चुना गया।
हर साल 3 जुलाई को पूरी दुनिया में अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस मनाया जाता है। यह दिन कोई आम उत्सव या त्योहार नहीं है। यह दिन हमारी सोई हुई पर्यावरण चेतना को जगाने का एक बड़ा जरिया है। आइए जानते हैं इस जरूरी दिन की पूरी कहानी और इसके कड़वे सच।
International Plastic Bag Free Day: क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस? भारत में भी बैन - International Plastic Bag Free Day july 03 2022 know significance history ...
इस वैश्विक अभियान की शुरुआत कब और किसने की
शुरुआत में यह अभियान (प्लास्टिक के बोरे में) केवल कुछ यूरोपीय देशों तक ही सीमित था। लेकिन धीरे-धीरे इस मुहिम का महत्व पूरी दुनिया को समझ आने लगा। लोगों ने देखा कि प्लास्टिक कचरा एक वैश्विक समस्या बन चुका है। इसके बाद कई अन्य देश भी इस अभियान से जुड़ते चले गए। प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग भी की जाती है।
अब हर साल 3 जुलाई को दुनिया भर के पर्यावरण प्रेमी एकजुट होते हैं। वे लोगों को प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न करने की कसम दिलाते हैं। इस दिन स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में कई तरह के कार्यक्रम होते हैं।
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प्लास्टिक बैग के इस्तेमाल के नुकसान
- सैकड़ों साल का जीवन: एक प्लास्टिक बैग (plastic ban) औसतन सिर्फ 15-20 मिनट इस्तेमाल होता है। लेकिन इसे मिट्टी में गलने के लिए 500 से ज्यादा साल लगते हैं।
- बेजुबान जानवरों की मौत: कचरे के डिब्बों में फेंके गए प्लास्टिक बैग को जानवर खा लेते हैं। यह प्लास्टिक उनके पेट में फंसकर उनकी दर्दनाक मौत का कारण बनता है।
- समुद्री जीवन पर संकट: हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा हमारे समंदर में बह जाता है। इससे मछलियां, कछुए और अन्य समुद्री जीव घुट-घुट कर मर रहे हैं।
- जहरीला केमिकल लोचा: प्लास्टिक बैग (plastic recyling) के निर्माण में कई तरह के हानिकारक रसायनों का उपयोग होता है। यह केमिकल हमारी मिट्टी और भूमिगत जल को जहरीला बना देते हैं।
- नालियों का जाम होना: शहरों में जरा सी बारिश होते ही बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। इसका मुख्य कारण प्लास्टिक बैग्स का नालियों में फंस जाना ही है।
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क्या प्लास्टिक बैग्स का कोई सकारात्मक पहलू भी है
- सस्ता और आसान माध्यम: दुकानदारों और ग्राहकों के लिए प्लास्टिक बैग्स बहुत ही सस्ते पड़ते हैं। इन्हें खरीदना और इस्तेमाल करना हर वर्ग के बजट में आसानी से फिट बैठता है।
- वाटरप्रूफ होना: बारिश के मौसम में प्लास्टिक बैग्स सामान को गीला होने से पूरी तरह बचाते हैं। इस वजह से लोग कपड़े के बैग की जगह इसे चुनते हैं।
- वजन में बेहद हल्का: इन बैग्स का खुद का वजन लगभग ना के बराबर होता है। इन्हें मोड़कर जेब में रखना और कहीं भी ले जाना बहुत आसान है।
- रोजगार का जरिया: दुनिया भर में प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री से लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इस वजह से इस पर अचानक पूरी तरह बैन लगाना मुश्किल है।
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हमारी लापरवाही की दर्दनाक दास्तान
उस बेजुबान व्हेल के पेट में करीब 40 किलो प्लास्टिक की थैलियां फंसी हुई थीं। वह मछली कई दिनों तक भूख और असहनीय दर्द से तड़पती रही। हमारी फेंकी हुई एक छोटी सी थैली किसी की जान ले सकती है। यह बात हमें गहराई से सोचनी होगी।
हम अपनी सुख-सुविधा के लिए प्रकृति के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। हम बाजार से सामान लाकर प्लास्टिक बैग को बिना सोचे-समझे फेंक देते हैं। यही लापरवाही लौटकर प्रदूषण और बीमारियों के रूप में हमारे पास वापस आती है।
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इस प्लास्टिक प्रदूषण से बचने के टिप्स
दुकानदार जब आपको प्लास्टिक बैग में सामान दे, तो उसे साफ मना कर दें। उसे कपड़े या कागज के थैले का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। सिंगल-यूज प्लास्टिक की जगह रीसाइक्लेबल और इको-फ्रेंडली चीजों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
अपने बच्चों को भी बचपन से ही पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाएं। उन्हें समझाएं कि प्लास्टिक का कम उपयोग करना देश सेवा से कम नहीं है। छोटी-छोटी कोशिशें मिलकर एक दिन बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव लेकर आती हैं।
आज 3 जुलाई के दिन हमें खुद से एक सच्चा वादा करना होगा। हम केवल आज ही नहीं, बल्कि साल के हर दिन प्लास्टिक को ना कहेंगे। हमारी धरती को हरा-भरा और सुरक्षित रखना हमारी अपनी जिम्मेदारी है।
03 जुलाई की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 03 जुलाई (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व और भारत इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1972: भारत और पाकिस्तान युद्ध के बाद दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक शिमला समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे।
- 1989: सोवियत संघ के बेहद प्रभावशाली और पूर्व राष्ट्रपति आन्द्रेई ग्रोमिको का निधन हुआ था।
- 1992: ब्राजील के खूबसूरत शहर रियो डि जेनरो में वैश्विक स्तर पर 'पृथ्वी सम्मेलन' की शुरुआत हुई थी।
- 1999: खाड़ी देश कुवैत में 50 सदस्यीय सीटों के लिए संसदीय चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न हुई थी।
- 2000: लायसेनिया करासे को फिजी देश का नया अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था।
- 2004: रूस की दिग्गज टेनिस स्टार मारिया शारापोवा पहली बार महिला विम्बलडन चैम्पियन बनी थीं।
- 2005: महेश भूपति और मेरी पियर्स की जोड़ी ने विंबलडन टेनिस का मिश्रित युगल (Mixed Doubles) ख़िताब जीता।
- 2006: कैरेबियाई द्वीप (वेस्टइंडीज) पर 35 साल के लंबे इंतजार के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने कोई टेस्ट मैच जीता था।
- 2006: स्पेन के अर्थशास्त्रियों ने भारत के बहुत जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद जताई थी।
- 2007: विवादास्पद और प्रसिद्ध लेखक सलमान रूश्दी ने अपनी पत्नी पद्म लक्ष्मी से तलाक लेने की घोषणा की थी।
- 2008: अमेरिका के न्यूयार्क शहर में दलित अधिकारों और उत्थान को लेकर एक बड़ा सम्मेलन शुरू हुआ था।
- 2017: देश के वरिष्ठ अधिकारी अचल कुमार ज्योति को भारत का नया मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) नियुक्त किया गया था।
- 1616: मुग़ल बादशाह शाहजहाँ के पुत्र और शहजादे शाह शुजा का जन्म हुआ था।
- 1886: दर्शनशास्त्र के महान विद्वान और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष रामचंद्र दत्तात्रेय रानाडे का जन्म हुआ।
- 1892: भारत के वीर स्वतंत्रता सेनानी हबीब उर रहमान लुधियानवी का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
- 1897: देश की प्रसिद्ध समाजसेवी, स्वतंत्रता सेनानी और कुशल शिक्षाविद हंसा मेहता का जन्म हुआ था।
- 1941: मलयालम सिनेमा के जनक और भारत के चोटी के बेहतरीन फ़िल्म निर्माताओं में से एक अदूर गोपालकृष्णन का जन्म हुआ।
- 1952: बुकर प्राइज के लिए शॉर्टलिस्ट हो चुके प्रख्यात भारतीय-कैनेडियन उपन्यासकार रोहिंटन मिस्त्री का जन्म हुआ था।
- 1969: कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाने वाले और 'महावीर चक्र' से सम्मानित वीर भारतीय सैनिक दिगेन्द्र सिंह का जन्म हुआ।
- 1979: भारत का नाम रोशन करने वाली प्रसिद्ध भारतीय महिला निशानेबाज़ (Shooter) आरती सिंह राव का जन्म हुआ था।
- 1948: भारत-पाक के प्रथम युद्ध (1947-48) में शौर्य दिखाते हुए भारतीय सेना के उच्च अधिकारी मोहम्मद उस्मान शहीद हुए थे।
- 1982: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ तथा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री केदार पांडे का निधन हुआ था।
- 1996: अपनी कड़क आवाज और खास अंदाज के लिए मशहूर हिन्दी फ़िल्मों के दिग्गज अभिनेता राज कुमार का निधन हुआ।
- 1999: कारगिल युद्ध में अद्वितीय वीरता दिखाने वाले और 'परमवीर चक्र' से सम्मानित कैप्टन मनोज कुमार पांडेय शहीद हुए थे।
- 2015: भारत के सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के 36वें भूतपूर्व मुख्य न्यायाधीश योगेश कुमार सभरवाल का निधन हुआ।
- 2019: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और सिक्किम जैसे राज्यों के भूतपूर्व राज्यपाल रहे सुदर्शन अग्रवाल का निधन हुआ था।
- 2020: बॉलीवुड फिल्मों की धड़कन और कई मशहूर गानों को कोरियोग्राफ करने वाली प्रसिद्ध सरोज ख़ान का निधन हुआ था।
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