6 जनवरी का इतिहास: 1929, जब मदर टेरेसा ने भारत को बनाया अपना घर
Kaushiki | Jan 06, 2026, 08:00 IST
mother teresa
1929 में मदर टेरेसा भारत आईं और कोलकाता की गलियों में सेवा शुरू की। उनके इस ऐतिहासिक सफर ने दुनिया को मानवता का नया पाठ पढ़ाया। वे मानवता की मिसाल पेश की।
आज के दिन की कहानी:इतिहास के पन्ने हमें कई ऐसी घटनाओं की याद दिलाते हैं जिन्होंने दुनिया बदली। साल 1929 एक ऐसा ही साल था जब भारत को अपनी नई मां मिली। सेवा और समर्पण का एक नया अध्याय शुरू हुआ।
एक युवा नन आयरलैंड से समुद्री यात्रा कर भारत की पावन धरती पर पहुंचीं। उनका नाम एग्नेस गोंझा बोयाजीजू था, जिन्हें दुनिया आज मदर टेरेसा के नाम से जानती है। मात्र 18 साल की उम्र में मदर टेरेसा ने अपने घर को हमेशा के लिए छोड़ दिया।
मदर टेरेसा का मकसद बहुत साफ था और वो था केवल दीन-दुखियों की सेवा करना। 6 जनवरी 1929 को वे कोलकाता पहुंचीं और यहां से शुरू हुआ एक नया युग।
![क्या था मदर टेरेसा का असली नाम? लोगों को समर्पित था उनका पूरा जीवन - mother teresa 109th birth anniversary know about her real name tedu - AajTak]()
मदर टेरेसा का जन्म अल्बानिया में हुआ था लेकिन उनका दिल भारत के लिए धड़का। मदर टेरेसा ने आयरलैंड में 'सिस्टर्स ऑफ लोरेटो' के साथ अपनी शुरुआती धार्मिक ट्रेनिंग पूरी की। वहां से उन्हें भारत में सेवा करने का संदेश मिला और वे जहाज से निकलीं।
कोलकाता के सेंट मैरी स्कूल में उन्होंने कई वर्षों तक भूगोल पढ़ाने का काम किया। स्कूल की खिड़की से बाहर की गरीबी देखकर उनका मन अक्सर बहुत बेचैन रहता था।
मदर टेरेसा को लगा कि प्रभु उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बीमारों के पास बुला रहे हैं। इसी पल उन्होंने तय किया कि उनका पूरा जीवन इन्ही लाचार लोगों के लिए होगा।
![Mother Teresa's feast day: 25 quotes on living life beautifully | Catholic News Agency]()
भारत आने के बाद मदर टेरेसा शुरुआती ट्रेनिंग के लिए पहाड़ों की रानी दार्जिलिंग गईं। वहां उन्होंने नन बनने की प्रारंभिक शपथ ली और 'टेरेसा' नाम को अपना लिया। इसके बाद वे कोलकाता लौटीं और सेंट मैरी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने लगीं।
स्कूल की चहारदीवारी के बाहर बिखरी गरीबी उन्हें हर दिन बहुत ज्यादा परेशान करती थी। वे अक्सर स्कूल के बाहर की झुग्गियों में जाकर लोगों की मदद करना चाहती थीं। अंत में उन्होंने स्कूल की सुरक्षित नौकरी छोड़कर झुग्गियों में जाने का बड़ा फैसला लिया।
![मदर टेरेसा ने की इस बड़ी चैरिटी की स्थापना, आज के दिन मिली थी इजाजत - Mother Teresa Set Up This Missionary Of Charities, Was Granted Permission Today - Amar Ujala Hindi]()
1948 में उन्होंने स्कूल छोड़ा और नीली किनारी वाली सफेद सूती साड़ी पहन ली। उन्होंने कोलकाता की गलियों में लावारिस और बीमार लोगों की सेवा करना शुरू किया। उनके पास शुरू में कोई पैसा नहीं था लेकिन उनका संकल्प पहाड़ जैसा मजबूत था।
1950 में उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' की स्थापना कर सेवा को संस्थागत रूप दिया। उन्होंने निर्मल हृदय जैसे आश्रम खोले जहां लावारिसों को ऑनरेबल एन्ड मिल सके। धीरे-धीरे उनके काम की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देने लगी और लोग जुड़े।
![मदर टेरेसा - विकिपिडिया]()
मदर टेरेसा (Nobel Peace Prize) ने भारत को अपनी कर्मभूमि माना और यहां की नागरिकता भी ले ली। टेरेसा ने कुष्ठ रोगियों के लिए 'शांति नगर' की स्थापना कर समाज की सोच बदली। मदर टेरेसा की निस्वार्थ सेवा के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित किया।
1979 में उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान 'नोबेल शांति पुरस्कार' दिया गया। उन्होंने पुरस्कार की राशि भी गरीबों के भोजन और कल्याण के लिए दान कर दी। मदर टेरेसा अक्सर कहती थीं कि उन्हें ईश्वर से एक विशेष बुलावा आया था।
इसे मदर टेरेसा 'Call Within A Call' यानी बुलावे के अंदर का बुलावा कहती थीं। 1946 में ट्रेन सफर के दौरान उन्होंने महसूस किया कि उन्हें गरीबों की सेवा करनी है। आज भी उनका नाम सुनते ही मन में करुणा और ममता का भाव आता है।
![Aaj Ka Itihas 15 February 2025 | Today History Bharat Ka Itihas in Hindi | News Track Hindi News | Latest Update Hindi Samachar Bharat Ka Itihas in Hindi | Aaj Ka]()
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 06 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 06 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
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एक युवा नन आयरलैंड से समुद्री यात्रा कर भारत की पावन धरती पर पहुंचीं। उनका नाम एग्नेस गोंझा बोयाजीजू था, जिन्हें दुनिया आज मदर टेरेसा के नाम से जानती है। मात्र 18 साल की उम्र में मदर टेरेसा ने अपने घर को हमेशा के लिए छोड़ दिया।
मदर टेरेसा का मकसद बहुत साफ था और वो था केवल दीन-दुखियों की सेवा करना। 6 जनवरी 1929 को वे कोलकाता पहुंचीं और यहां से शुरू हुआ एक नया युग।
क्या था मदर टेरेसा का असली नाम? लोगों को समर्पित था उनका पूरा जीवन - mother teresa 109th birth anniversary know about her real name tedu - AajTak
आयरलैंड से कोलकाता तक का कठिन समुद्री सफर
कोलकाता के सेंट मैरी स्कूल में उन्होंने कई वर्षों तक भूगोल पढ़ाने का काम किया। स्कूल की खिड़की से बाहर की गरीबी देखकर उनका मन अक्सर बहुत बेचैन रहता था।
मदर टेरेसा को लगा कि प्रभु उन्हें झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बीमारों के पास बुला रहे हैं। इसी पल उन्होंने तय किया कि उनका पूरा जीवन इन्ही लाचार लोगों के लिए होगा।
Mother Teresa's feast day: 25 quotes on living life beautifully | Catholic News Agency
दार्जिलिंग में ट्रेनिंग और कोलकाता में पहली बार सेवा
स्कूल की चहारदीवारी के बाहर बिखरी गरीबी उन्हें हर दिन बहुत ज्यादा परेशान करती थी। वे अक्सर स्कूल के बाहर की झुग्गियों में जाकर लोगों की मदद करना चाहती थीं। अंत में उन्होंने स्कूल की सुरक्षित नौकरी छोड़कर झुग्गियों में जाने का बड़ा फैसला लिया।
मदर टेरेसा ने की इस बड़ी चैरिटी की स्थापना, आज के दिन मिली थी इजाजत - Mother Teresa Set Up This Missionary Of Charities, Was Granted Permission Today - Amar Ujala Hindi
मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना
1950 में उन्होंने 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' की स्थापना कर सेवा को संस्थागत रूप दिया। उन्होंने निर्मल हृदय जैसे आश्रम खोले जहां लावारिसों को ऑनरेबल एन्ड मिल सके। धीरे-धीरे उनके काम की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई देने लगी और लोग जुड़े।
मदर टेरेसा - विकिपिडिया
नोबेल शांति पुरस्कार का गौरव
1979 में उन्हें दुनिया का सबसे बड़ा सम्मान 'नोबेल शांति पुरस्कार' दिया गया। उन्होंने पुरस्कार की राशि भी गरीबों के भोजन और कल्याण के लिए दान कर दी। मदर टेरेसा अक्सर कहती थीं कि उन्हें ईश्वर से एक विशेष बुलावा आया था।
इसे मदर टेरेसा 'Call Within A Call' यानी बुलावे के अंदर का बुलावा कहती थीं। 1946 में ट्रेन सफर के दौरान उन्होंने महसूस किया कि उन्हें गरीबों की सेवा करनी है। आज भी उनका नाम सुनते ही मन में करुणा और ममता का भाव आता है।
Reference Links
- Vatican News - Mother Teresa Biography Mother Teresa School
- Nobel Prize Official Site - Mother Teresa Facts
- Britannica - Mother Teresa Indian Religious Leader
- Missionaries of Charity Official Portal Charity For Nation
Aaj Ka Itihas 15 February 2025 | Today History Bharat Ka Itihas in Hindi | News Track Hindi News | Latest Update Hindi Samachar Bharat Ka Itihas in Hindi | Aaj Ka
06 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 06 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1066: हेरोल्ड गॉडविंसन को इंग्लैंड के अंतिम एंग्लो-सैक्सन राजा के रूप में ताज पहनाया गया।
- 1322: स्टीफन डेंकस्की अपने सौतेले भाई को हराकर सर्बिया के राजा बने।
- 1449: कॉन्स्टेंटिनोपल के पतन से पहले कांस्टेनटाइन इलेवन पैलियोलोस बीजान्टिन-रोमन सम्राट बने।
- 1773: मैसाचुसेट्स के गुलामों ने अपनी आजादी के लिए विधानमंडल में पहली याचिका दायर की।
- 1824: प्रसिद्ध फ्रांसीसी लेखक एलेग्ज़न्डर डोमा (कनिष्ठ) का पेरिस में जन्म हुआ।
- 1832: विलियम लॉयड गैरीसन ने 'न्यू इंग्लैंड एंटी-स्लेवरी सोसाइटी' की स्थापना की।
- 1838: सैमुअल मोर्स और अल्फ्रेड वेल ने पहली बार विद्युत टेलीग्राफ (Electric Telegraph) का सफल प्रदर्शन किया।
- 1839: आयरलैंड में भीषण तूफान ने तबाही मचाई, डब्लिन के 20% घर नष्ट हो गए।
- 1853: फ्लोरिडा विश्वविद्यालय की नींव रखने वाले कानून पर गवर्नर थॉमस ब्राउन ने हस्ताक्षर किए।
- 1870: ऑस्ट्रिया-हंगरी में प्रसिद्ध वियना मुसिक्वेरिन (Musikverein) का उद्घाटन हुआ।
- 1896: अमेरिका में महिलाओं की पहली छह दिवसीय साइकिल दौड़ मैडिसन स्क्वायर गार्डन में शुरू हुई।
- 1907: मारिया मोंटेसरी ने रोम में बच्चों के लिए अपना पहला 'मोंटेसरी स्कूल' खोला।
- 1912: अल्फ्रेड वेगेनर ने पहली बार 'महाद्वीपीय विस्थापन' (Continental Drift) का सिद्धांत पेश किया।
- 1919: अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थ्योडर रोजवेल्ट का निधन हुआ।
- 1928: चार्ली चैपलिन की प्रसिद्ध मूक फिल्म 'द सर्कस' का प्रीमियर न्यूयॉर्क में हुआ।
- 1932: यूसुफ लियोनस ऑस्ट्रेलिया के 10वें प्रधानमंत्री बने।
- 1950: ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर चीन की कम्युनिस्ट सरकार को मान्यता दी।
- 1953: बर्मा के रंगून में पहला 'एशियाई समाजवादी सम्मेलन' आयोजित किया गया।
- 1955: 'मिस्टर बीन' के नाम से मशहूर अभिनेता रोवन एतकिंसन का जन्म हुआ।
- 1960: नेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट 2511 में बम विस्फोट से 34 लोगों की मौत हुई।
- 1967: संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान (अल्लाह रक्खा रहमान) का जन्म हुआ।
- 1977: रिकॉर्ड लेबल EMI ने पंक रॉक बैंड 'सेक्स पिस्टल्स' के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट खत्म किया।
- 1994: न्यूयॉर्क के लिसेयुम थिएटर में नया शो 'गवर्नमेंट इंस्पेक्टर' शुरू हुआ।
- 1994: अमेरिकी ओलंपिक स्केटर नैन्सी केरिगन पर उनके प्रतिद्वंद्वी के साथियों ने हमला किया।
- 1995: लेनी विल्केन्स NBA के सबसे अधिक मैच जीतने वाले कोच बने।
- 1996: ब्रिटेन में रिकॉर्ड 65.2 मिलियन डॉलर की लॉटरी तीन लोगों ने जीती।
- 1997: प्रसिद्ध शो 'इट्स ए स्लिपरी स्लोप' का समापन न्यूयॉर्क में हुआ।
- 2005: अमेरिका के साउथ कैरोलिना में दो ट्रेनों की टक्कर से जहरीली क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ।
- 2008: अमेरिका के पश्चिमी तट पर आए भीषण तूफान से भारी तबाही हुई।
- 2010: यूरोप में भीषण ठंड के कारण पोलैंड में 122 लोगों की जान गई।
- 2011: चीन ने मोबाइल टेक्स्ट मैसेज पर नए कड़े नियंत्रण लागू किए।
- 2012: पोर्टिया सिम्पसन मिलर जमैका की पीएम बनीं और देश को गणतंत्र बनाने की घोषणा की।
- 2012: सीरिया की राजधानी दमिश्क में आत्मघाती हमले में 26 लोगों की मौत हुई।
- 2013: महमूद अब्बास ने आधिकारिक दस्तावेजों में 'फिलिस्तीन राज्य' शब्द के उपयोग की घोषणा की।
- 2014: जेनेट येलेन अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पहली महिला अध्यक्ष बनीं।
- 2016: उत्तर कोरिया ने सफलतापूर्वक थर्मोन्यूक्लियर हथियार (हाइड्रोजन बम) का परीक्षण किया।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं
- 1885: आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह भारतेंदु हरिश्चंद्र का निधन हुआ।
- 1899: लॉर्ड कर्जन को भारत का नया वायसराय नियुक्त किया गया।
- 1947: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने औपचारिक रूप से भारत के विभाजन को स्वीकार किया।
- 1993: जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षा बलों और नागरिकों के बीच हुई हिंसक घटना में 55 कश्मीरी मारे गए।
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