14 अप्रैल का इतिहास: स्कूल से बाहर बैठकर की पढ़ाई, बाद में इसी बालक ने लिखा भारत का संविधान

Kaushiki | Apr 14, 2026, 08:00 IST
Share
ambedkar
ambedkar

14 अप्रैल 1891 को डॉ. अंबेडकर का जन्म हुआ। उन्होंने भारतीय संविधान बनाया और समानता के लिए महान संघर्ष किया। जानें उनके संघर्ष, 32 डिग्रियां और समाज बदलने वाले महान कार्यों को।

आज के दिन की कहानी: कल्पना कीजिए एक ऐसे बच्चे की जिसे प्यास लगने पर पानी छूना मना था। स्कूल में उसे क्लास के बाहर जमीन पर बैठना पड़ता था। लोग उसे अछूत कहकर हर कदम पर अपमानित करते थे। पर उस बालक के इरादे फौलाद जैसे मजबूत थे। अपमान की उस आग ने उसे सबसे बड़ा विद्वान बना दिया।

वही बच्चा आगे चलकर मॉडर्न इंडिया का डेस्टिनी मेकर बना। हम बात कर रहे हैं मॉडर्न इंडिया के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की। उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू सैन्य छावनी में हुआ था। उनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था।

भीमराव अपने माता-पिता की चौदहवीं और सबसे छोटी संतान के रूप में जन्मे थे। बाबा साहेब ने केवल ज्ञान के दम पर इतिहास बदल दिया। उन्होंने करोड़ों दबे-कुचले लोगों को सम्मान से जीना सिखाया। ये कहानी एक साधारण बालक के महानायक बनने की है। आइए जानें...

अंबेडकर जंयती: क्या आप जानते हैं भारतीय संविधान के निर्माता ने कितनी बार  लड़ा था लोक सभा चुनाव, क्या रहे थे नतीजे? | Jansatta
अंबेडकर जंयती: क्या आप जानते हैं भारतीय संविधान के निर्माता ने कितनी बार लड़ा था लोक सभा चुनाव, क्या रहे थे नतीजे? | Jansatta


बचपन का संघर्ष और शिक्षा की कठिन राह

डॉ. भीमराव अंबेडकर का बचपन बहुत ही कठिन और भेदभाव भरी परिस्थितियों में बीता था। वे महार जाति से ताल्लुक रखते थे जिसे उस समय अछूत माना जाता था। स्कूल में उन्हें फर्श पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी और अपमान सहना पड़ता था। लेकिन उनके पिता ने हमेशा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

बाबा साहेब ने अपनी पढ़ाई के दम पर हर मुश्किल दीवार को तोड़ दिया। उन्होंने मुंबई के एलफिंस्टन हाई स्कूल से अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी की थी। इसके बाद बड़ौदा के महाराज की मदद से वह उच्च शिक्षा के लिए विदेश गए।

डॉ. अंबेडकर: एक विराट व्यक्तित्व
डॉ. अंबेडकर: एक विराट व्यक्तित्व


डिग्रियों का अंबार और ज्ञान का अटूट भंडार

डॉ. भीमराव अंबेडकर दुनिया के सबसे शिक्षित व्यक्तियों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डॉक्टर की डिग्रियां लीं। उनके पास कुल 32 डिग्रियां थीं और वे नौ भाषाओं के ज्ञाता थे।

डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अर्थशास्त्र, कानून और राजनीति विज्ञान में अपनी गहरी पकड़ बनाई थी। वे पहले भारतीय थे जिन्होंने विदेश से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की। उनकी स्कालरशिप के चर्चे उस समय पूरी दुनिया में मशहूर होने लगे थे।

BR Ambedkar Death Anniversary: डॉ. बाबा साहब की पुण्यतिथि आज, ये विचार  युवाओं के लिए हैं प्रेरणादायक - BR Ambedkar Death Anniversary know about  his family legacy inspiring quotes by babasaheb |
BR Ambedkar Death Anniversary: डॉ. बाबा साहब की पुण्यतिथि आज, ये विचार युवाओं के लिए हैं प्रेरणादायक - BR Ambedkar Death Anniversary know about his family legacy inspiring quotes by babasaheb |


समानता की लड़ाई

भारत लौटकर डॉ. भीमराव अंबेडकर ने छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ एक बड़ी जंग शुरू की। उन्होंने बहिष्कृत हितकारिणी सभा की स्थापना की ताकि दलितों को न्याय मिल सके। साल 1927 में उन्होंने महाड़ सत्याग्रह किया जो पानी के अधिकार की लड़ाई थी।

उन्होंने कालाराम मंदिर आंदोलन के जरिए दलितों के लिए मंदिर के दरवाजे खुलवाए। बाबा साहेब का मानना था कि शिक्षा ही गुलामी की जंजीरें काट सकती है। उन्होंने नारा दिया था: "शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।"

Dr BR Ambedkar
Dr BR Ambedkar


भारतीय संविधान का निर्माण

जब भारत आजाद हुआ, तो डॉ. अंबेडकर (Ambedkar Jayanti)को ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने करीब 60 देशों के संविधानों का गहन अध्ययन करके भारत का संविधान लिखा।

डॉ. भीमराव अंबेडकर स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री के रूप में नियुक्त किए गए थे। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए हिंदू कोड बिल जैसा क्रांतिकारी कदम उठाया। संविधान के जरिए उन्होंने हर नागरिक को वोट देने का समान अधिकार दिलाया।

बाबा साहेब ने करीब 2 साल, 11 महीने और 18 दिन की कड़ी मेहनत के बाद दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान भारत को दिया। इसीलिए उन्हें भारतीय संविधान का जनक कहा जाता है।

Dr BR Ambedkar
Dr BR Ambedkar


जीवन का अंतिम पड़ाव

जीवन के अंतिम दिनों में बाबा साहेब ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया। उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ दीक्षा ली। उनका मानना था कि बौद्ध धर्म समानता, करुणा और भाईचारे पर आधारित है।

6 दिसंबर 1956 को इस महान आत्मा का दिल्ली में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद साल 1990 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। आज उनका जीवन करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है।

बीआर अंबेडकर - विकिपीडिया
बीआर अंबेडकर - विकिपीडिया


बाबा साहेब के बारे में कुछ अनसुनी बातें

  • दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट लाइब्रेरी:
    बाबा साहेब को किताबों से बेपनाह प्यार था। उनके मुंबई स्थित घर राजगृह में उनकी निजी लाइब्रेरी थी, जिसमें 50 हजार से भी ज्यादा किताबें थीं। इसे उस समय दुनिया की सबसे बड़ी व्यक्तिगत लाइब्रेरी माना जाता था।
  • तिरंगे में अशोक चक्र की देन:
    बहुत कम लोग जानते हैं कि हमारे राष्ट्रीय ध्वज के बीच में जो अशोक चक्र आप देखते हैं, उसे लगवाने का सुझाव डॉ. अंबेडकर ने ही दिया था। पहले वहां चरखा हुआ करता था।
  • अर्थशास्त्र के उस्ताद:
    बाबा साहेब सिर्फ कानून के जानकार नहीं थे, बल्कि वह एक महान अर्थशास्त्री भी थे। भारत के Reserve Bank of India (RBI) की स्थापना उन्हीं के विचारों और उनकी किताब The Problem of the Rupee के आधार पर की गई थी।
  • दो-दो बार डॉक्टरेट:
    वे पहले ऐसे भारतीय थे जिन्होंने विदेश (कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स) से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट (PhD) की डिग्री हासिल की थी। उनके पास उस दौर में कुल 32 डिग्रियां थीं।
  • महिलाओं के लिए मसीहा:
    उन्होंने हिंदू कोड बिल के जरिए महिलाओं को संपत्ति में अधिकार और तलाक जैसे कानूनी हक दिलाने की वकालत की। जब यह बिल पास नहीं हुआ, तो उन्होंने नैतिकता के आधार पर अपने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
  • मजदूरों के लिए 8 घंटे की शिफ्ट:
    आज जो ऑफिस या फैक्ट्रियों में 8 घंटे काम करने का नियम है, वह बाबा साहेब की ही देन है। उनसे पहले भारत में मजदूरों को 12 से 14 घंटे काम करना पड़ता था।
  • पेंटिंग और संगीत का शौक:
    बाबा साहेब को सिर्फ पढ़ाई का ही नहीं, बल्कि पेंटिंग और वायलिन बजाने का भी बहुत शौक था। वह अपने खाली समय में संगीत का अभ्यास करना पसंद करते थे।
  • नोबेल विजेता भी मानते थे लोहा:
    अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन डॉ. अंबेडकर को अर्थशास्त्र में अपना पिता मानते थे। उनका मानना था कि बाबा साहेब के आर्थिक विचार अपने समय से बहुत आगे थे।

Reference Links

  1. Official Portal of Govt. of India - Dr. Ambedkar
  2. Constitution of India - National Portal
  3. Dr. Ambedkar Foundation - Official Site
  4. Britannica - Biography of B.R. Ambedkar

14 अप्रैल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 14 अप्रैल का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 14 अप्रैल (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1471: इंग्लैंड में बार्नेट के युद्ध में एडवर्ड चतुर्थ ने लैंकास्ट्रीयन सेना को हराया।
  • 1775: अमेरिका के फिलाडेल्फिया में पहली दासता विरोधी संस्था का आयोजन हुआ।
  • 1828: नूह वेबस्टर ने अमेरिकी अंग्रेजी के अपने पहले शब्दकोश (Dictionary) का कॉपीराइट कराया।
  • 1865: अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन को वाशिंगटन के फोर्ड थिएटर में गोली मार दी गई।
  • 1871: कनाडा ने अपनी आधिकारिक मुद्रा के रूप में डॉलर और सेंट को अपनाया।
  • 1900: फ्रांस की राजधानी में भव्य पेरिस विश्व प्रदर्शनी की शुरुआत हुई।
  • 1912: प्रसिद्ध जहाज टाइटैनिक रात 11:40 बजे एक हिमखंड (Iceberg) से टकराया था।
  • 1935: अमेरिका में भीषण धूल भरा तूफान आया, जिससे लाखों टन उपजाऊ मिट्टी नष्ट हो गई।
  • 1980: प्रसिद्ध हैवी मेटल बैंड आयरन मेडेन ने अपना पहला एल्बम रिलीज किया।
  • 1981: दुनिया का पहला अंतरिक्ष यान कोलंबिया-1 सफलतापूर्वक धरती पर वापस लौटा।
  • 1988: सोवियत संघ, अमेरिका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने अफगानिस्तान शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • 1999: मलेशिया के पूर्व उपप्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को भ्रष्टाचार के लिए 6 साल की सजा हुई।
  • 2000: रूसी संसद ने अमेरिका के साथ परमाणु हथियार कटौती संधि 'स्टार्ट-2' को मंजूरी दी।
  • 2003: वैज्ञानिकों ने मानव जीनोम प्रोजेक्ट (Human Genome Project) के पूरा होने की घोषणा की।
  • 2006: चीन में पहले विश्व बौद्ध सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ।
  • 2010: चीन के किंगघाई में 6.9 तीव्रता का भयंकर भूकंप आया, जिसमें 2700 लोग मारे गए।
  • 2013: जस्टिन ट्रूडो कनाडा की लिबरल पार्टी के नए नेता चुने गए।
  • 966: पोलैंड के शासक मिस्ज़को I ने ईसाई धर्म अपनाया, जिसे पोलिश राज्य की स्थापना माना जाता है।

भारत के इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1891: भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्म हुआ।
  • 1944: बंबई बंदरगाह पर मालवाहक जहाज में विस्फोट से भारी तबाही हुई और लगभग 800 लोग मारे गए।
  • 1962: भारत रत्न से सम्मानित महान इंजीनियर एम. विश्वेश्वरैया का निधन हुआ।
  • 2005: भारत और अमेरिका ने एक-दूसरे के लिए अपना हवाई क्षेत्र (Open Skies) खोलने का समझौता किया।

आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...

12 जनवरी का इतिहास: National Youth Day, जानें विवेकानंद का भारतीय दर्शन

11 जनवरी का इतिहास: ताशकंद में क्या हुआ था, पढ़ें शास्त्री जी के निधन की कहानी

आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर

आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • Ambedkar Jayanti
  • भारतीय संविधान
  • भीमराव अंबेडकर
  • आज का इतिहास
  • Constitution of India
  • बाबा साहेब
  • BR Ambedkar
  • आज की तारीख का इतिहास
  • आज की यादगार घटनाएं
  • आज के दिन की कहानी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा