14 जनवरी का इतिहास: पानीपत की तीसरी लड़ाई, शौर्य-बलिदान की कहानी
Kaushiki | Jan 14, 2026, 08:00 IST
Panipat
पानीपत का तीसरा युद्ध 1761 : सदाशिवराव भाऊ और अहमद शाह अब्दाली के बीच भीषण संग्राम। जानें मराठों के संघर्ष और इस युद्ध के ऐतिहासिक परिणाम की कहानी।
आज के दिन की कहानी: भारत के इतिहास में कुछ ऐसी तारीखें हैं, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। 14 जनवरी 1761 की वह बर्फीली सुबह, जब पानीपत की मिट्टी अपनों के खून से लाल होने वाली थी। हरियाणा के पानीपत के मैदान में मराठों और अफगानों के बीच भीषण युद्ध हुआ।
पुणे से हजारों मील दूर, मराठा शौर्य का प्रतीक सदाशिवराव भाऊ और अफगानी खूंखार शासक अहमद शाह अब्दाली की सेनाएं आमने-सामने खड़ी थीं। एक तरफ हर हर महादेव की गूंज थी। तो दूसरी तरफ जीत का जुनून। ये सिर्फ एक जंग नहीं, बल्कि भारत की तकदीर का फैसला था।
![Todays History Third battle of Panipat happens on 14 January 1761 between Afghan Ahmed Shah Abdali and Marathas - India Hindi News आज ही हुई थी पानीपत की तीसरी जंग, इन दो मुस्लिम शासकों के धोखे से हारी थी मराठा सेना, India Hindi News - Hindustan]()
इतिहासकारों के मुताबिक, उस दौर में मराठा साम्राज्य अपनी पूरी ताकत के साथ उत्तर भारत तक फैल चुका था। मराठों ने मुगल बादशाहों को अपनी उंगलियों पर नचाना शुरू कर दिया था।
दूसरी तरफ, अफगानिस्तान का शासक अहमद शाह अब्दाली भारत पर नजर गड़ाए बैठा था। उसने पंजाब पर हमला किया, जो उस समय मराठों के प्रभाव वाला क्षेत्र था। यहीं से मराठों और अफगानों के बीच सीधे टकराव की नींव पड़ गई थी।
![1761 का पानीपत युद्ध क्यों हुआ? कारण, परिणाम और ऐतिहासिक प्रभाव – UPSC Notes]()
इतिहासकारों के मुताबिक, युद्ध की शुरुआत इब्राहिम खान गार्दी की तोपों के भीषण धमाकों के साथ हुई थी। शुरुआत में मराठों का पलड़ा बहुत भारी था। अफगान सेना पीछे हटने लगी। तभी अब्दाली ने अपनी रिजर्व सेना को मैदान में उतारकर पूरा पासा पलट दिया।
![अफगानिस्तान के अब्दाली को भारतीय मराठाें से किस बात का खतरा था? हिन्दुस्तान में लड़ी जीवन की सबसे बड़ी जंग | Why ahmad shah abdali attacked on maratha empire panipat ...]()
इतिहासकारों के मुताबिक, पानीपत के युद्ध में मराठा साम्राज्य की चुनौतियों का सबसे बड़ा कारण रसद और भोजन की भारी कमी थी। जहां अफगानी सेना के पास आधुनिक बंदूकें और हथियार थे, वहीं मराठा वीर अपनी पारंपरिक तलवारों और भालों के दम पर लड़े।
उत्तर भारत की भीषण सर्दी और स्थानीय राजाओं का अपेक्षित सहयोग न मिलना भी रणनीतिक रूप से भारी पड़ा। इसके बावजूद, मराठों ने अपनी अद्भुत वीरता और अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं के सामने घुटने टेकने के बजाय अंतिम सांस तक भारत की अस्मिता के लिए संघर्ष किया। मराठों का शासन
![The Battles Of Panipat (1526, 1556, 1761): The Battles That Redefined India’s Fate]()
आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 14 जनवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।
आइए जानते हैं 14 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
आज का इतिहास: कैसे खड़ी हुई थी दुनिया की सबसे बड़ी आजादी की मशाल Statue of Liberty
आज का इतिहास: Cuban Missile Crisis 1962, जब दुनिया परमाणु युद्ध से सिर्फ एक कदम दूर थी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: आजादी से पहले ही भारत बना UN का संस्थापक सदस्य, जानें कैसे रखी गई वैश्विक शांति की नींव
पुणे से हजारों मील दूर, मराठा शौर्य का प्रतीक सदाशिवराव भाऊ और अफगानी खूंखार शासक अहमद शाह अब्दाली की सेनाएं आमने-सामने खड़ी थीं। एक तरफ हर हर महादेव की गूंज थी। तो दूसरी तरफ जीत का जुनून। ये सिर्फ एक जंग नहीं, बल्कि भारत की तकदीर का फैसला था।
Todays History Third battle of Panipat happens on 14 January 1761 between Afghan Ahmed Shah Abdali and Marathas - India Hindi News आज ही हुई थी पानीपत की तीसरी जंग, इन दो मुस्लिम शासकों के धोखे से हारी थी मराठा सेना, India Hindi News - Hindustan
क्यों टकराईं दो बड़ी महाशक्तियां
दूसरी तरफ, अफगानिस्तान का शासक अहमद शाह अब्दाली भारत पर नजर गड़ाए बैठा था। उसने पंजाब पर हमला किया, जो उस समय मराठों के प्रभाव वाला क्षेत्र था। यहीं से मराठों और अफगानों के बीच सीधे टकराव की नींव पड़ गई थी।
1761 का पानीपत युद्ध क्यों हुआ? कारण, परिणाम और ऐतिहासिक प्रभाव – UPSC Notes
14 जनवरी 1761: कत्लेआम का वह काला दिन
अफगानिस्तान के अब्दाली को भारतीय मराठाें से किस बात का खतरा था? हिन्दुस्तान में लड़ी जीवन की सबसे बड़ी जंग | Why ahmad shah abdali attacked on maratha empire panipat ...
मराठों का संघर्ष
उत्तर भारत की भीषण सर्दी और स्थानीय राजाओं का अपेक्षित सहयोग न मिलना भी रणनीतिक रूप से भारी पड़ा। इसके बावजूद, मराठों ने अपनी अद्भुत वीरता और अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं के सामने घुटने टेकने के बजाय अंतिम सांस तक भारत की अस्मिता के लिए संघर्ष किया। मराठों का शासन
The Battles Of Panipat (1526, 1556, 1761): The Battles That Redefined India’s Fate
Reference Links
- Britannica - Battle of Panipat
- National Archives of India - Maratha Records, Maratha Emperor
- History Discussion - Third Battle of Panipat, Maratha Empire
- BBC History - The Marathas and Afghans
14 जनवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
आइए जानते हैं 14 जनवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-
विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...
- 1301: हंगरी का Árpád राजवंश राजा एंड्रयू तृतीय की मृत्यु के साथ समाप्त हो गया।
- 1659: एलवास के युद्ध में पुर्तगाल ने स्पेन को करारी शिकस्त दी।
- 1703: इटली के नॉरकिए शहर में विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई।
- 1717: एम्स्टर्डम में प्रसिद्ध जर्मन नेता "सजको" को मौत की सजा दी गई।
- 1724: स्पेन के राजा फिलिप V ने अपने बेटे लुइस प्रथम के लिए सिंहासन छोड़ दिया।
- 1742: प्रसिद्ध खगोलविद एडमंड हेली का निधन हुआ, जिन्होंने दुनिया को 'हेली कॉमेट' से मिलवाया था।
- 1760: फ्रांसीसी जनरल लेली ने पुडुचेरी का नियंत्रण आधिकारिक रूप से अंग्रेजों को सौंप दिया।
- 1766: क्रिस्चियन VII को डेनमार्क के नए राजा के रूप में घोषित किया गया।
- 1784: अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के बाद सरकार ने ब्रिटेन के साथ शांति संधि पर मुहर लगाई।
- 1795: उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय छात्रों के लिए खुला, जो अमेरिका का पहला राज्य विश्वविद्यालय बना।
- 1814: कील की संधि के तहत डेनमार्क ने नॉर्वे का नियंत्रण स्वीडन को सौंप दिया।
- 1898: क्रिकेटर जोयी डार्लिंग ने टेस्ट मैच के इतिहास का पहला छक्का (Six) जड़ा।
- 1900: रोम में जियाकोमो प्यूकिनी के प्रसिद्ध ओपेरा 'टोस्का' का पहला प्रीमियर हुआ।
- 1907: जमैका की राजधानी किंग्स्टन में आए भीषण भूकंप में 1000 से अधिक लोग मारे गए।
- 1912: रेमंड पोंकारे ने फ्रांस के नए प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला।
- 1943: कैसाब्लांका सम्मेलन में चर्चिल और रूजवेल्ट ने द्वितीय विश्व युद्ध की अगली रणनीति बनाई।
- 1953: जोसिप ब्रोज़ टीटो यूगोस्लाविया के पहले राष्ट्रपति के रूप में चुने गए।
- 1954: नैश-केल्विनेटर और हडसन मोटर्स के विलय से अमेरिकी मोटर्स कंपनी का जन्म हुआ।
- 1957: कृपालु महाराज को हिंदू धर्म के पांचवें जगद्गुरु की उपाधि दी गई।
- 1967: सैन फ्रांसिस्को में 'समर ऑफ लव' लॉन्च करने के लिए ह्यूमन बी-इन कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- 1973: एल्विस प्रेस्ली का संगीत कार्यक्रम सैटेलाइट के जरिए लाइव दिखाने वाला इतिहास का सबसे बड़ा शो बना।
- 1974: वैश्विक स्तर पर खेल को बढ़ावा देने के लिए विश्व फुटबाल लीग की नींव रखी गई।
- 1975: ब्रिटिश किशोरी लेस्ली व्हिटेल की फिरौती के प्रयास के दौरान हत्या कर दी गई।
- 1978: प्रसिद्ध तर्कशास्त्री कर्ट गोडेल की जहर के डर से खुद को भूखा रखने के कारण मृत्यु हो गई।
- 1989: इंग्लैंड में सलमान रुश्दी के उपन्यास 'सैटेनिक वर्सेज' के विरोध में हजारों प्रतियां जलाई गईं।
- 1990: पेरेज़ डी कुएलर ने घोषणा की कि खाड़ी देशों में शांति की अब कोई उम्मीद नहीं बची है।
- 1991: जॉर्ज सेरानो एलियास ने ग्वाटेमाला के राष्ट्रपति पद की शपथ ली।
- 1991: सोवियत संघ (USSR) ने वेलेंटाइन पावलोव को अपना नया प्रीमियर नियुक्त किया।
- 1994: रूस का मानवयुक्त अंतरिक्ष यान TM-17 सफलतापूर्वक चाँद की सतह पर उतरा।
- 1994: ब्रिटेन के शाही परिवार की सदस्य डचेस ऑफ़ केन्ट ने 300 साल में पहली बार कैथोलिक धर्म अपनाया।
- 1996: न्यूयॉर्क का प्रसिद्ध संगीत बॉक्स थिएटर अपने अंतिम प्रदर्शन के बाद बंद कर दिया गया।
- 2002: ब्रिटिश सरकार ने देश में 11 महीने से फैली फुट एंड माउथ बीमारी की समाप्ति की घोषणा की।
- 2007: नेपाल की संसद ने देश के नए अंतरिम संविधान को अपनी मंजूरी प्रदान की।
- 2009: भारत सरकार ने विदेशी समाचार पत्रों के प्रकाशन में 100% विदेशी निवेश को हरी झंडी दी।
- 2011: ट्यूनीशिया में जनक्रांति के बाद राष्ट्रपति बेन अली देश छोड़कर सऊदी अरब भाग गए।
- 2012: इराक के बसरा शहर में हुए आत्मघाती हमले में 53 लोगों की जान चली गई।
- 2013: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को 7 सप्ताह के इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी मिली।
- 2013: संगीत रिटेलर कंपनी HMV ने ब्रिटेन में अपनी सबसे पुरानी दुकान के साथ संघर्ष जारी रखा।
भारत की महत्वपूर्ण घटनाएं
- 1758: इंग्लैंड के राजा ने ईस्ट इंडिया कंपनी को भारत में जीती हुई संपत्ति रखने का कानूनी अधिकार दिया।
- 1761: पानीपत की तीसरी लड़ाई में अहमद शाह अब्दाली ने मराठा सेना को हराकर भारतीय इतिहास का रुख बदल दिया।
- 1960: भारत के केंद्रीय बैंक और नोट जारी करने वाली संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की औपचारिक स्थापना हुई।
- 1969: भारत के दक्षिणी राज्य मद्रास का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर तमिलनाडु कर दिया गया।
- 1977: भारत के पहले फॉर्मूला-वन रेसर नारायण कार्तिकेयन का जन्म आज ही के दिन हुआ था।
आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...
आज का इतिहास: Cuban Missile Crisis 1962, जब दुनिया परमाणु युद्ध से सिर्फ एक कदम दूर थी
आज का इतिहास: सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर जानें उनके वल्लभ से सरदार बनने तक का सफर
आज का इतिहास: आजादी से पहले ही भारत बना UN का संस्थापक सदस्य, जानें कैसे रखी गई वैश्विक शांति की नींव
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari