15 अप्रैल का इतिहास: 1469 की रात जब सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक जी ने लिया पृथ्वी पर जन्म

Kaushiki | Apr 15, 2026, 08:00 IST
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1469 में तलवंडी (अब पाकिस्तान) में गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। उन्होंने 'एक ओंकार' और 'नाम जपो' का संदेश देकर सिख धर्म की नींव रखी। जानें सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के महान विचार।

आज के दिन की कहानी:हवाओं में शांति थी और आसमान में एक अद्भुत चमक बिखरी हुई थी। साल 1469 (15 अप्रैल) की वह रात बहुत ही सुंदर थी। उस रात एक दिव्य ज्योति ने जन्म लिया था। यह जन्म वर्तमान पाकिस्तान के तलवंडी गांव में हुआ।

पिता मेहता कालू और माता तृप्ता बहुत खुश थे। दाई ने बताया कि बालक का चेहरा बहुत चमकीला है। उन्होंने बालक का नाम प्यार से नानक रखा था, जो आगे चलकर गुरु नानक बने।

नानक बचपन से ही बहुत शांत स्वभाव के थे। वे अक्सर ईश्वर की भक्ति में खो जाते थे। तलवंडी को आज पूरी दुनिया 'ननकाना साहिब' के नाम से बहुत सम्मान देती है।

जब गुरु नानक देव काबा की तरफ पैर करके लेटे, भड़के लोग तो समझाई ये बात - Guru  nanak life stories why did guru nanak dev slept with his feet towards the
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बचपन और सच्चा सौदा की कहानी

बचपन से ही नानक का मन अध्यात्म में था। उनके पिता चाहते थे कि वे व्यापार सीखें। एक बार पिता ने उन्हें व्यापार के लिए कुछ पैसे दिए। नानक ने उन पैसों से भूखे साधुओं को भरपेट भोजन कराया। उन्होंने इसे सच्चा सौदा कहा और सेवा को ही धर्म बताया।

पिता को लगा कि सौदा खराब हो गया पर नानक ने जीत लिया। मानवता की सेवा का यही पाठ आगे चलकर लंगर प्रथा बना। यही सोच आगे चलकर लंगर प्रथा की बुनियाद बनी। उन्होंने सिखाया कि भूखे को खिलाना सबसे बड़ा धर्म है। मानवता के प्रति उनका प्रेम बचपन से ही दिखा।

who was guru nanak dev ji - Prabhasakshi latest news in hindi
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सुल्तानपुर लोधी और एक ओंकार का उद्घोष

बड़े होने पर नानक अपनी बहन नानकी के पास सुल्तानपुर लोधी गए। वहां वे नवाब के मोदीखाने (अनाज भंडार) में नौकरी करने लगे। एक दिन वे बेई नदी में स्नान करने गए और अंतर्ध्यान हो गए। तीन दिन बाद जब वे बाहर आए, तो चेहरा चमक रहा था।

नानक जी ने पहला शब्द कहा - 'ना कोई हिंदू, ना कोई मुसलमान'। उन्होंने 'एक ओंकार' यानी ईश्वर एक है का नारा बुलंद किया। यहीं से उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी छोड़कर ईश्वर की सेवा चुनी। उन्होंने जात-पात और छुआछूत के खिलाफ अपनी आवाज जोर से उठाई।

गुरु नानक देव जी की 553वीं जयंती
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महान यात्राएं और मानवता का संदेश

गुरु नानक देव जी ने चार लंबी यात्राएं कीं। इन यात्राओं को ऐतिहासिक रूप से 'उदासियां' कहा गया। वे मक्का, मदीना, श्रीलंका और तिब्बत तक गए। उनके साथ उनके साथी भाई मरदाना भी थे। वे रबाब बजाते और गुरु जी कीर्तन करते।

नानक जी ने अंधविश्वासों को मिटाने का कड़ा प्रयास किया। उन्होंने हरिद्वार में सूर्य को जल देने पर टोका। उन्होंने सिखाया कि ईश्वर कण-कण में बसा हुआ है। उन्होंने 'नाम जपो, किरत करो' का संदेश दिया। मेहनत की कमाई को उन्होंने सबसे पवित्र बताया।

गुरु नानक देव से जुड़ी ये हैं 10 जरूरी बातें, जानें इस स्थान की क्या है  मान्यता? | Do you know these 10 important things related to Guru Nanak Dev
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दुनिया को दिया नया संदेश

गुरु नानक देव जी ने दुनिया को जगाने के लिए लंबी यात्राएं कीं। गुरु नानक देव जी ने चार लंबी यात्राएं कीं। इन यात्राओं को ऐतिहासिक रूप से 'उदासियां' कहा गया। उन्होंने मक्का-मदीना से लेकर हरिद्वार और लंका तक की पैदल यात्रा की।

नानक जी के साथ भाई मरदाना थे, जो रबाब बजाकर कीर्तन करते थे। उन्होंने लोगों को अंधविश्वास छोड़कर सच्चे रास्ते पर चलना सिखाया। वे रबाब बजाते और गुरु जी कीर्तन करते। उन्होंने अंधविश्वासों को मिटाने का कड़ा प्रयास किया। उन्होंने हरिद्वार में सूर्य को जल देने पर टोका।

नानक जी ने सिखाया कि ईश्वर कण-कण में बसा हुआ है। उन्होंने 'नाम जपो, किरत करो' का संदेश दिया यानी ईमानदारी की कमाई पर जोर दिया। मेहनत की कमाई को उन्होंने सबसे पवित्र बताया। उनकी वाणी को गुरु ग्रंथ साहिब में बहुत आदर से संजोया गया।

गुरु नानक देव का जीवन परिचय और विचार - Guru Nanak Biography and thoughts |  GreatPeoples
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अंतिम समय का इतिहास

अपने जीवन के अंतिम वर्षों में गुरु नानक करतारपुर साहिब रहे। वहां उन्होंने एक किसान की तरह रहकर खुद खेती बाड़ी की। उन्होंने संगति और पंगति की परंपरा को बहुत मजबूती से बढ़ाया। 1539 में वे ज्योति ज्योत समाकर ईश्वर में विलीन हो गए।

हिंदू और मुस्लिम दोनों ही उन्हें अपना पीर और गुरु मानते थे। आज भी दुनियाभर के लोग ननकाना साहिब को नमन करते हैं। उनकी शिक्षाएं वंड छको यानी मिल-बांटकर खाने की प्रेरणा देती हैं। प्रकाश पर्व का ये दिन हमें सत्य के मार्ग पर चलाता है।

Guru purab 2021 guru parv itihas, mahatva, guru nanak ji ka jeevan parichay
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गुरु नानक देव की शिक्षाएं

  • एक ओंकार (ईश्वर एक है): उन्होंने सिखाया कि ईश्वर केवल एक है। वह हर जगह और हर जीव में मौजूद है।
  • नाम जपो: हमेशा उस परमपिता परमात्मा को याद रखें। ईश्वर का सिमरन ही मन को शांति देता है।
  • किरत करो: अपनी मेहनत और ईमानदारी से कमाई करें। कभी भी गलत रास्ते या धोखे से धन न कमाएं।
  • वंड छको: अपनी कमाई का कुछ हिस्सा जरूरतमंदों को दें। मिल-बांटकर खाना और दूसरों की मदद करना ही असली धर्म है।
  • सरबत दा भला: हमेशा सबकी भलाई और मंगल की कामना करें। किसी के प्रति मन में नफरत या बैर न रखें।
  • जात-पात का विरोध: उन्होंने सिखाया कि ईश्वर की नजर में सब बराबर हैं। जाति, वर्ण या ऊंच-नीच के भेदभाव को उन्होंने पूरी तरह नकारा।
  • लंगर प्रथा (समानता): ऊंच-नीच मिटाने के लिए उन्होंने साथ बैठकर भोजन करने की शुरुआत की। राजा हो या रंक, सबको एक ही कतार (पंगति) में बैठना चाहिए।
  • स्त्री का सम्मान: उन्होंने स्त्रियों को बहुत ऊंचा स्थान दिया। उन्होंने कहा कि "जिससे राजाओं का जन्म होता है, उसे बुरा कैसे कहा जा सकता है?"
गुरु नानक देव जी के जन्म और गुरुपर्व की तारीखों के बीच का अंतर मुख्य रूप से कैलेंडर और परंपरा का है। ऐतिहासिक प्रमाणों और 'नानकशाही कैलेंडर' के अनुसार, गुरु जी का वास्तविक जन्म 15 अप्रैल 1469 को वैशाख के महीने में हुआ था।

हालांकि, सिख समुदाय में सदियों से चली आ रही पुरानी धार्मिक मान्यताओं और भाई बाला जनमसाखी के आधार पर उनकी जयंती कार्तिक पूर्णिमा (अक्टूबर-नवंबर) को मनाई जाती है।

सरल भाषा में कहें तो 15 अप्रैल उनकी ऐतिहासिक जन्म तिथि है, जबकि कार्तिक पूर्णिमा वह 'पारंपरिक' तिथि है जिस दिन पूरी दुनिया में बड़े स्तर पर प्रकाश पर्व का उत्सव मनाया जाता है।

Reference Links:

15 अप्रैल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 15 अप्रैल का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 15 अप्रैल (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1071: रॉबर्ट गुइस्कार्ड के नेतृत्व में नॉर्मन बलों ने इटली के बारी शहर पर जीत हासिल की।
  • 1638: जापान में शिमबरा विद्रोह को टोकागावा शोगुनेट द्वारा दबा दिया गया, जिससे राष्ट्रीय अलगाव की नीति लागू हुई।
  • 1715: दक्षिण कैरोलिना में यकाय युद्ध की शुरुआत पोकोलागो नरसंहार के साथ हुई।
  • 1716: प्रशियाई सैनिकों ने स्वीडन के विस्मर बंदरगाह पर कब्जा कर लिया।
  • 1726: न्यूटन विलियम ने आइजैक स्टैकली को अपने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के बारे में जानकारी दी।
  • 1729: जोहान सेबस्टियन बाख के प्रसिद्ध संगीत "सेंट मैथ्यू पैशन" का लीपज़िग में उद्घाटन हुआ।
  • 1755: सैमुअल जॉनसन द्वारा अंग्रेजी भाषा का प्रभावशाली शब्दकोश "ए डिक्शनरी ऑफ द इंग्लिश लैंग्वेज" प्रकाशित हुआ।
  • 1802: कवि विलियम वर्ड्सवर्थ ने डफोडिल्स देखकर प्रसिद्ध कविता 'आई वंडर्ड लोनली ए क्लाउड' की प्रेरणा ली।
  • 1817: अमेरिका में बधिर बच्चों के लिए पहला स्कूल खोला गया।
  • 1840: लंदन में किंग्स कॉलेज अस्पताल की शुरुआत हुई।
  • 1877: जापान में आधिकारिक तौर पर टोक्यो विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।
  • 1892: न्यूयॉर्क में जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी (GE) की स्थापना हुई।
  • 1912: दुनिया का सबसे बड़ा जहाज 'टाइटैनिक' हिमशैल से टकराने के बाद डूब गया, जिसमें 1,500 से अधिक लोग मारे गए।
  • 1922: 'चायदोट डोम' घोटाले की खोज के लिए अमेरिकी सीनेट में जांच का प्रस्ताव पेश किया गया।
  • 1923: मधुमेह (Diabetes) के रोगियों के लिए इंसुलिन पहली बार बाजार में उपलब्ध हुआ।
  • 1927: मिसिसिपी नदी में आई बाढ़ को अमेरिका के इतिहास की सबसे विनाशकारी बाढ़ माना गया।
  • 1947: जैकी रॉबिन्सन मेजर लीग बेसबॉल खेलने वाले पहले अफ्रीकी-अमेरिकी खिलाड़ी बने।
  • 1952: अमेरिकी वायु सेना के रणनीतिक बमवर्षक बी-52 (B-52 Stratofortress) ने अपनी पहली उड़ान भरी।
  • 1986: अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका ने लीबिया पर बमबारी शुरू की।
  • 1989: चीन के पूर्व महासचिव हू याओबांग की मौत के बाद तियानमेन चौक पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।
  • 1989: इंग्लैंड के हिल्सबोरो स्टेडियम में मची भगदड़ में 96 लोगों की मौत हुई।
  • 1994: विश्व व्यापार संगठन (WTO) की स्थापना के समझौते पर 123 देशों ने हस्ताक्षर किए।
  • 1999: पाकिस्तान की पूर्व पीएम बेनजीर भुट्टो और आसिफ अली जरदारी को भ्रष्टाचार के मामले में 5 साल की सजा हुई।
  • 2002: एयर चाइना का विमान दक्षिण कोरिया में दुर्घटनाग्रस्त होने से 128 लोगों की मौत हुई।
  • 2012: पाकिस्तान की जेल पर हमले के बाद 400 खूंखार आतंकवादी फरार हो गए।
  • 2013: वेनेजुएला के राष्ट्रपति के रूप में निकोलस मदुरो ने कार्यभार संभाला।
  • 2013: बोस्टन मैराथन के दौरान हुए दो प्रेशर कुकर बम धमाकों में 3 लोगों की मौत और 264 घायल हुए।
  • 2014: गूगल ने पहली बार अपना 'गूगल ग्लास' आम जनता के लिए बिक्री के लिए उपलब्ध कराया।

भारत के इतिहास की घटनाएं

  • 1469: सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का जन्म तलवंडी (अब ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में हुआ।
  • 1847: हिमाचल प्रदेश के कसौली में प्रतिष्ठित 'लॉरेंस स्कूल, सानवार' की स्थापना की गई।
  • 1948: हिमाचल प्रदेश राज्य का गठन (मुख्य आयुक्त के प्रांत के रूप में) हुआ।
  • 1991: नेपाली कांग्रेस पार्टी ने आम चुनाव में जीत हासिल की।
  • 1994: भारत ने जैकब फील्ड में अपना पहला खेल मुकाबला खेला।
  • 1998: 'थम्पी गुरु' के नाम से मशहूर प्रसिद्ध विचारक फ्रेडरिक लेंज का निधन हुआ।

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