28 अप्रैल का इतिहास: जब इटली के देशभक्तों ने खत्म किया तानाशाह मुसोलिनी का खूनी साम्राज्य

Kaushiki | Apr 28, 2026, 08:00 IST
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benito-mussolini
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28 अप्रैल 1945 को इटली के तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी की देशभक्त सैनिकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। भागते समय पकड़े गए इस क्रूर शासक का अंत बेहद दर्दनाक रहा।

आज के दिन की कहानी:ये कहानी एक ऐसे शख्स की है जिसने पूरी दुनिया को डराया। साल 1945 की अप्रैल की वो सुबह, इटली की फिजाओं में डर और आजादी की मिली-जुली महक थी।

जो तानाशाह कभी रोम की सड़कों पर अपनी हुकूमत के डंके बजवाता था, आज वही एक भगोड़े की तरह अपनी जान बचाने के लिए जर्मन सैनिकों के कोट में छिपा बैठा था। हम बात कर रहे हैं बेनिटो मुसोलिनी की।

बेनिटो मुसोलिनी की किस्मत ने ऐसा पलटा खाया कि कोमो झील के किनारे देशभक्त सैनिकों ने उसे पहचान लिया। सत्ता का वो आलीशान महल अब ढह चुका था और शुरू होने वाली थी इतिहास की सबसे खूनी और सबक देने वाली शाम। आइए इसे डिटेल से जानें...

इटली का क्रूर तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी जिसे लोग कहते हैं 'हिटलर 2.0', ऐसी  मिली मौत की सुनकर कांप जाए रूह | Italy dictator benito mussolini death  story on this day history of ...
इटली का क्रूर तानाशाह बेनिटो मुसोलिनी जिसे लोग कहते हैं 'हिटलर 2.0', ऐसी मिली मौत की सुनकर कांप जाए रूह | Italy dictator benito mussolini death story on this day history of ...


कौन थे बेनिटो मुसोलिनी

Benito Mussolini इटली के एक बेहद ताकतवर और क्रूर तानाशाह थे। उन्होंने ही फासीवाद की विचारधारा को जन्म दिया था। मुसोलिनी ने साल 1922 से 1943 तक इटली पर राज किया। उन्हें Il Duce के नाम से जाना जाता था, जिसका मतलब होता है लीडर।

मुसोलिनी ने लोकतंत्र को खत्म करके सारी पावर अपने हाथों में ले ली थी। वे अडोल्फ हिटलर के सबसे करीबी दोस्त माने जाते थे। उन्होंने ही मिलकर World War II की शुरुआत की थी। मुसोलिनी का मानना था कि युद्ध ही इंसान की असली ताकत को निखारता है, लेकिन उनकी यही सोच उनके अंत का कारण बनी।

7 लाख लोगों का कातिल... किस्से तानाशाह मुसोलिनी के, जिसे हिटलर मानता था  अपना गुरु | Benito mussolini italy dictator how he came to power and died 28  april history
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दूसरे विश्व युद्ध की शुरुआत

मुसोलिनी ने इटली में फासीवाद (Fascism) की शुरुआत की थी। वह एडोल्फ हिटलर का बहुत ही करीबी और पक्का दोस्त था। इन दोनों ने मिलकर दुनिया को दूसरे विश्व युद्ध में धकेल दिया।

मुसोलिनी चाहता था कि इटली का साम्राज्य बहुत बड़ा हो जाए। लेकिन युद्ध में इटली की सेना लगातार हारने लगी थी। जनता उसके अत्याचारों और युद्ध की मार से बुरी तरह थक चुकी थी।

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जब भागने की कोशिश पड़ी भारी

अप्रैल 1945 में जब मित्र देशों की सेनाएं इटली पहुंच गईं। मुसोलिनी को अपनी हार का पूरा अंदाजा हो गया था। वह अपनी प्रेमिका क्लैरेटा पेटाची के साथ स्विट्जरलैंड भागना चाहता था।

मुसोलिनी ने जर्मन सैनिकों की वर्दी पहनकर खुद को छुपाने की कोशिश की। लेकिन इटली के देशभक्त सैनिकों ने उसे पहचान लिया। ये सैनिक मुसोलिनी के शासन को खत्म करना चाहते थे।

मुसोलिनी ने टैगोर को इटली बुलाकर क्या उनका इस्तेमाल किया था? - विवेचना -  BBC News हिंदी
मुसोलिनी ने टैगोर को इटली बुलाकर क्या उनका इस्तेमाल किया था? - विवेचना - BBC News हिंदी


देशभक्त सैनिकों ने कैसे पकड़ा

मुसोलिनी को कोमो झील के पास एक छोटे गांव में पकड़ा गया। उसे भागने का कोई भी मौका नहीं दिया गया था। देशभक्त सैनिकों के मन में उसके प्रति बहुत गुस्सा था।

वे मुसोलिनी को उसके किए की सजा देना चाहते थे। अगले दिन 28 अप्रैल 1945 को फैसला लिया गया। उसे और उसकी प्रेमिका को सरेआम मौत की सजा दी गई।

कौन था इटली का तानाशाह मुसोलिनी और कैसे हुआ उसका दर्दनाक अंत? - On This Day  28th April World History Assassination of Italian dictator Mussolini jagran  special
कौन था इटली का तानाशाह मुसोलिनी और कैसे हुआ उसका दर्दनाक अंत? - On This Day 28th April World History Assassination of Italian dictator Mussolini jagran special


इतिहास के लिए एक बड़ी सीख

सैनिकों ने मुसोलिनी को एक दीवार के पास खड़ा कर दिया। उसे और क्लैरेटा को एक साथ गोलियों से भून दिया गया। मौत के बाद उनके शवों को मिलान शहर ले जाया गया।

वहां लोगों ने मुसोलिनी के शव पर अपना गुस्सा निकाला। उसके शव को एक पेट्रोल पंप पर उल्टा लटका दिया गया। यह इटली के सबसे ताकतवर इंसान का सबसे बुरा अंत था। मुसोलिनी की मौत ने पूरी दुनिया को एक बड़ा संदेश दिया। किसी भी तानाशाह का अंत कभी अच्छा नहीं होता है।

उसकी मौत के ठीक दो दिन बाद हिटलर ने आत्महत्या कर ली। इस तरह यूरोप में फासीवाद का पूरी तरह खात्मा हो गया। आज भी मुसोलिनी का अंत इतिहास के सबसे बड़े सबक के रूप में याद किया जाता है।

Reference Links

28 अप्रैल की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 28 अप्रैल का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 28 अप्रैल (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1253: जापानी भिक्षु निकिरेन ने 'नाम मियोहो रेंगेको' मंत्र को उजागर कर 'निकिरेन बौद्ध धर्म' की स्थापना की।
  • 1611: मनीला (एशिया) में सेंटो टॉमस विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, जो दुनिया के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है।
  • 1788: मैरीलैंड अमेरिकी संविधान की पुष्टि करने वाला सातवां अमेरिकी राज्य बना।
  • 1789: प्रसिद्ध जहाज 'एचएमएवी बाउंटी' पर फ्लेचर क्रिस्चियन ने कप्तान विलियम ब्लीग के खिलाफ विद्रोह किया।
  • 1847: जॉर्ज बी. वेशन न्यूयॉर्क न्यायालय में वकालत करने वाले अमेरिका के पहले अश्वेत नागरिक बने।
  • 1851: कैलिफोर्निया के सांता क्लारा में सांता क्लारा कॉलेज की स्थापना की गई।
  • 1855: अमेरिका के बोस्टन में पहले पशु चिकित्सा कॉलेज (Veterinary College) की शुरुआत हुई।
  • 1883: स्कॉटलैंड के मेलरोसे में दुनिया का पहला रग्बी सेवन (Rugby Sevens) टूर्नामेंट खेला गया।
  • 1887: जर्मन सम्राट विलियम I के आदेश पर अलसैटियन पुलिस इंस्पेक्टर को रिहा किया गया, जिससे युद्ध टल गया।
  • 1910: इंग्लैंड के पायलट क्लॉड ग्राहम व्हाइट ने पहली बार रात के समय विमान उड़ाने का साहस किया।
  • 1910: लुइस पॉलहन ने लंदन से मैनचेस्टर के बीच पहली लंबी दूरी की हवाई रेस जीतकर इतिहास रचा।
  • 1914: अमेरिका के वेस्ट वर्जीनिया में एक भीषण कोयला खदान हादसे में 181 लोगों की मौत हुई।
  • 1923: लंदन का प्रसिद्ध वेम्बली स्टेडियम पहली बार जनता के लिए खोला गया।
  • 1932: चिकित्सा जगत में बड़ी उपलब्धि, वैज्ञानिकों ने पीत ज्वर (Yellow Fever) का टीका विकसित करने की घोषणा की।
  • 1935: रूस की राजधानी मॉस्को में पहली बार भूमिगत मेट्रो ट्रेन (Underground Metro) की सेवा शुरू हुई।
  • 1944: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 'एक्सरसाइज टाइगर' पूर्वाभ्यास में जर्मन हमले में 946 अमेरिकी सैनिक मारे गए।
  • 1945: इटली के तानाशाही बेनिटो मुसोलिनी की देशभक्त सैनिकों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई।
  • 1949: फिलीपींस की पूर्व प्रथम महिला अरोरा क्यूज़ोन की कम्युनिस्टों द्वारा घात लगाकर हत्या कर दी गई।
  • 1952: जापान और चीन ने ताइपे की संधि पर हस्ताक्षर कर द्वितीय चीन-जापानी युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त किया।
  • 1965: अमेरिका ने डोमिनिकन गणराज्य पर आक्रमण किया ताकि वहां दूसरी क्यूबाई क्रांति न हो सके।
  • 1975: वियतनाम युद्ध के अंत में दक्षिण वियतनामी सेना के प्रमुख काओ वान विओक साइगॉन से भाग निकले।
  • 1993: गैबॉन में एक जाम्बियन विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 30 फुटबॉल खिलाड़ियों की मौत हो गई।
  • 1994: CIA अधिकारी एल्ड्रिच एम्स ने रूस को अमेरिकी खुफिया राज देने का जुर्म कबूल किया।
  • 1995: दक्षिण कोरिया के मेट्रो में भीषण गैस विस्फोट होने से 103 लोगों की जान चली गई।
  • 1995: श्रीलंका का एक विमान पलेली में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जिसमें 52 यात्रियों की मौत हुई।
  • 2001: अमेरिकी बिजनेसमैन डेनिस टीटो दुनिया के पहले 'स्पेस टूरिस्ट' (अंतरिक्ष पर्यटक) बने।
  • 2002: साहित्य जगत के प्रतिष्ठित बुकर पुरस्कार का नाम बदलकर 'मैन प्राइज फॉर फिक्शन' कर दिया गया।
  • 2007: श्रीलंका को हराकर ऑस्ट्रेलिया की टीम चौथी बार क्रिकेट विश्व चैंपियन बनी।
  • 2008: ISRO ने PSLV-C9 के जरिए एक साथ 10 सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजकर नया इतिहास रचा।
  • 2012: लोकतांत्रिक सुधारों के बाद यूरोपीय संघ ने पहली बार बर्मा (म्यांमार) में अपना कार्यालय खोला।
  • 2014: माइक्रोसॉफ्ट ने इंटरनेट एक्सप्लोरर में एक गंभीर सुरक्षा दोष (Security Bug) की पहचान की।
  • 2014: दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा बना, लंदन हीथ्रो को पीछे छोड़ा।
  • 2014: फेसबुक ने मुनाफे में भारी बढ़ोतरी दर्ज की, वॉल स्ट्रीट की उम्मीदों से कहीं ज्यादा कमाई की।

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