18 फरवरी का इतिहास: नरेंद्र को स्वामी विवेकानंद बनाने वाले रामकृष्ण परमहंस की कहानी

Kaushiki | Feb 18, 2026, 08:00 IST
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ramakrishna-paramahansa
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रामकृष्ण परमहंस का जन्म 1836 में बंगाल में हुआ था। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को अध्यात्म का ज्ञान दिया। उनकी भक्ति और सरलता आज भी प्रेरणादायक है।

आज के दिन की कहानी: पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक छोटा सा गांव है कामारपुकुर। इसी गांव में 18 फरवरी 1836 को एक बालक का जन्म हुआ। उनके माता-पिता ने उनका नाम प्यार से गदाधर चट्टोपाध्याय रखा था। बचपन से ही गदाधर का मन पढ़ाई में कम लगता था। वे अक्सर साधु-संतों की संगति में रहना बहुत पसंद करते थे। प्रकृति के सुंदर नजारों को देखकर वे अक्सर भावुक हो जाते थे।

परमहंस के अंदर आध्यात्मिक चेतना बचपन से ही बहुत ज्यादा प्रबल थी। वह स्कूल की किताबों से ज्यादा मां काली की भक्ति और साधु-संतों की बातों में रमता था। दक्षिणेश्वर मंदिर की गलियों में गदाधर ने ऐसी तपस्या की कि वे रामकृष्ण परमहंस बन गए।

परमहंस की सादगी ऐसी थी कि तर्कवादी नरेंद्र भी उनके चरणों में स्वामी विवेकानंद बन गए। यह कहानी सिर्फ एक संत की नहीं, बल्कि ईश्वर से सीधे साक्षात्कार और अटूट विश्वास की एक अद्भुत दास्तान है।

Ramakrishna Paramahamsa : कौन थे रामकृष्‍ण परमहंस और वे किसकी पूजा करते थे  ? जानिए 10 अदभुद राज। - AVN News
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कौन थे रामकृष्ण परमहंस

रामकृष्ण परमहंस 19वीं सदी के भारत के एक महान स्पिरिचुअल लीडर और संत थे। उनका जन्म 1836 में बंगाल के एक गरीब परिवार में हुआ था। उन्हें बचपन में गदाधर के नाम से जाना जाता था। वे कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर के मुख्य पुजारी थे। उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी सादगी और सभी धर्मों के प्रति सम्मान था।

वे कहते थे कि भगवान तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल एक ही है। वे स्वामी विवेकानंद के गुरु थे। उन्होंने ही नरेंद्र (विवेकानंद) को अध्यात्म की राह दिखाई। रामकृष्ण परमहंस ने सिखाया कि मानव सेवा ही माधव सेवा है। यानी इंसानों की मदद करना ही भगवान की असली पूजा है।

From Belur Math to the Dakshineshwar Kali Temple - YouTube
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दक्षिणेश्वर काली मंदिर और साधना का सफर

समय बीतता गया और गदाधर कोलकाता के दक्षिणेश्वर मंदिर पहुंच गए। वहां उनके बड़े भाई रानी रासमणि के मंदिर में पुजारी थे। भाई के निधन के बाद गदाधर ने पुजारी की जिम्मेदारी संभाली। वे मां काली की भक्ति में पूरी तरह डूब चुके थे।

रामकृष्ण परमहंस घंटों मां की मूर्ति के सामने बैठकर रोते रहते थे। उनकी तड़प सिर्फ मां के दर्शन पाने की ही होती थी। अंततः उनकी कड़ी साधना और अटूट विश्वास की जीत हुई। उन्हें साक्षात दिव्य चेतना और मां काली के दर्शन हुए।

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सभी धर्मों के संगम की अनोखी मिसाल

रामकृष्ण परमहंस का मानना था कि ईश्वर तक पहुंचने के रास्ते अलग हैं। उन्होंने इस्लाम और ईसाई धर्म की भी गहरी साधना की थी। वे कहते थे कि जितने मत, उतने ही पथ होते हैं।

उन्होंने साबित किया कि सभी धर्म एक ही मंजिल तक पहुंचाते हैं। उनके सरल उदाहरण लोगों के दिलों को सीधे छू लेते थे। वे गूढ़ आध्यात्मिक बातों को बहुत आसान भाषा में समझाते थे। इसी कारण समाज के हर वर्ग के लोग उनके पास खिंचे आते थे।

swami vivekananda was a non vegetarian.
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स्वामी विवेकानंद का रामकृष्ण परमहंस से रिश्ता

रामकृष्ण के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नरेंद्रनाथ से मिलना था। नरेंद्रनाथ को आज पूरी दुनिया स्वामी विवेकानंद के नाम से जानती है। पहली मुलाकात में नरेंद्र ने पूछा कि क्या आपने भगवान देखा है?

रामकृष्ण ने मुस्कुराकर कहा कि हां मैंने भगवान को देखा है। उन्होंने कहा कि मैं भगवान को तुमसे भी बेहतर देख सकता हूं। इस जवाब ने नरेंद्र के तर्कशील मन को पूरी तरह बदल दिया। गुरु ने अपने शिष्य को अध्यात्म की अग्नि में तपाकर निखारा।

swami vivekananda with dakshineswar temple
swami vivekananda with dakshineswar temple


विवेकानंद के जरिए दुनिया तक पहुंचा संदेश

स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु के विचारों को पूरी दुनिया में फैलाया। 1893 के शिकागो धर्म सम्मेलन में उन्होंने गुरु की महिमा बताई। रामकृष्ण मिशन की स्थापना भी इसी उद्देश्य से की गई थी।

इसका मुख्य लक्ष्य मानव सेवा को ही सबसे बड़ी पूजा बनाना था। रामकृष्ण परमहंस कहते थे कि भूखे को खाना खिलाना ही धर्म है। शिव ज्ञान से जीव सेवा उनका सबसे बड़ा मूल मंत्र था। आज भी यह मिशन दुनियाभर में सेवा कार्य कर रहा है।

Ramakrishna-Vivekananda in 'The Land of Five Rivers' – Sri Ramakrishna  Paramahamsa
Ramakrishna-Vivekananda in 'The Land of Five Rivers' – Sri Ramakrishna Paramahamsa


अंतिम समय और महानिर्वाण का क्षण

इतिहासकारों के मुताबिक, जीवन के अंतिम वर्षों में रामकृष्ण को गले का कैंसर हो गया। इस कठिन बीमारी के दौरान भी वे भक्तों को उपदेश देते थे। उन्होंने कभी भी अपनी देह के कष्ट की चिंता नहीं की।

16 अगस्त 1886 को उन्होंने महासमाधि में प्रवेश किया। उनका शरीर भले चला गया पर विचार आज भी जीवित हैं। वे आज भी लाखों करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उनकी सरलता और भक्ति भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है।

References Links:

18 फरवरी की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं

आज का इतिहास मेंहर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है। 18 फरवरी का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है। इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी।

आइए जानते हैं 18 फरवरी (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं-

विश्व इतिहास की प्रमुख घटनाएं...

  • 1614: मुगल बादशाह जहांगीर ने मेवाड़ पर अपना कब्जा जमाया।
  • 1637: अस्सी साल के युद्ध के दौरान एक अज्ञात बेड़े ने एंग्लो-डच व्यापारी काफिले के 20 जहाजों को नष्ट कर दिया।
  • 1836: महान भारतीय संत और विचारक रामकृष्ण परमहंस का जन्म हुआ।
  • 1873: बुल्गारिया के राष्ट्रीय नायक वासिल लेव्स्की को सोफिया में फांसी दी गई।
  • 1878: अमेरिका की लिंकन काउंटी में दो व्यापारियों के बीच विवाद ने एक खूनी सीमा युद्ध का रूप ले लिया।
  • 1930: खगोल शास्त्री क्लाइड टॉमबॉघ ने सौरमंडल के नौवें ग्रह के रूप में प्लूटो की खोज की।
  • 1942: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापानी सेना ने सिंगापुर में चीनी मूल के लोगों का दमन शुरू किया।
  • 1943: जोसेफ गोएबल्स ने जर्मन जनता को युद्ध के लिए प्रेरित करने वाला प्रसिद्ध 'स्पोर्टलैपस्ट भाषण' दिया।
  • 1952: ग्रीस और तुर्की औपचारिक रूप से नाटो (NATO) संगठन में शामिल हुए।
  • 1957: केन्याई स्वतंत्रता सेनानी ददन किमाथी को ब्रिटिश सरकार ने फांसी पर लटका दिया।
  • 1965: गाम्बिया देश को ब्रिटेन से पूरी तरह स्वाधीनता मिली।
  • 1970: अमेरिका में 'शिकागो सेवन' को दंगों की साजिश रचने के आरोपों से बरी किया गया।
  • 1977: नासा के पहले स्पेस शटल 'एंटरप्राइज' ने बोइंग 747 के ऊपर पहली सफल उड़ान भरी।
  • 1991: नशे के कारण निलंबित गोलकीपर ग्रांट फुहर ने NFL में शानदार वापसी कर न्यू जर्सी डेविल्स को हराया।
  • 1994: मशहूर अभिनेता जो पैंटोलियानो और नैंसी शिपर्ड परिणय सूत्र में बंधे।
  • 1995: बार्ब जोन्स व्हाइटहेड ने हवाईयन लेडीज गोल्फ ओपन का खिताब अपने नाम किया।
  • 2001: एफबीआई एजेंट रॉबर्ट हैनसेन को सोवियत संघ के लिए 25 साल तक जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
  • 2001: इंडोनेशिया के संपित में जातीय हिंसा भड़की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और हजारों विस्थापित हुए।
  • 2003: दक्षिण कोरिया के डेगू में एक मेट्रो स्टेशन पर लगी भीषण आग में लगभग 200 लोगों की जान चली गई।
  • 2010: संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष जलवायु अधिकारी यूवो डी बोअर ने अपने पद से इस्तीफा दिया।
  • 2010: नाइजर में विद्रोहियों ने राष्ट्रपति महल पर कब्जा कर तख्तापलट किया।
  • 2011: युगांडा के चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच राष्ट्रपति मुसेवेनी का शासन बरकरार रहा।
  • 2012: पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने सात नए संतों की घोषणा की, जिनमें अमेरिकी संत कटेरी टेकविथा शामिल थीं।
  • 2013: नेस्ले ने यूरोप के बाजारों से अपने बीफ पास्ता को हटा लिया क्योंकि उनमें 'हॉर्स मीट' (घोड़े का मांस) मिला था।
  • 2014: कोका-कोला ने मांग में कमी को देखते हुए अपनी लागत में 1 मिलियन डॉलर कटौती की घोषणा की।
  • 2014: यूक्रेन की राजधानी कीव में हिंसक झड़पों के दौरान 76 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई।

भारत की प्रमुख घटनाएं...

  • 1911: दुनिया की पहली आधिकारिक एयर मेल उड़ान भारत के इलाहाबाद से नैनी तक हुई, जिसमें 6500 पत्र ले जाए गए।
  • 1971: भारत ने अरवी सैटेलाइट स्टेशन के माध्यम से ब्रिटेन के साथ अपना पहला उपग्रह संपर्क स्थापित किया।
  • 1979: अमेरिका ने भारत को 1664 करोड़ रुपये का चेक दिया, जिसे उस समय दुनिया का सबसे बड़ा चेक माना गया।
  • 2007: हरियाणा के पानीपत में समझौता एक्सप्रेस में हुए आतंकी बम विस्फोट में 68 निर्दोष लोग मारे गए।

आज का इतिहास से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें...

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