आज का इतिहास: आजाद भारत में क्यों लगाया गया था पहला राष्ट्रीय आपातकाल? जानें इसका उद्देश्य और असर
Kaushiki | Oct 26, 2025, 08:00 IST
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1962 में चीन के अचानक हमले ने पूरे भारत को हिला कर रख दिया था। बाहरी खतरे को देखकर राष्ट्रपति राधाकृष्णन ने आपातकाल लगाया था। 26 अक्टूबर 1962 को पहली बार राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा हुई। इस कदम ने भारतीय राजनीति और सुरक्षा नीति को हमेशा के लिए बदल दिया।
1962 का साल भारतीय इतिहास में एक ऐसा पन्ना है जिसे आज भी गहरे दुख और राष्ट्रीय सबक के तौर पर याद किया जाता है। आजादी के सिर्फ 15 साल बाद, भारत को अपने सबसे बड़े पड़ोसी चीन से एक ऐसा धोखा मिला। इसने पूरे देश को झकझोर दिया। उस समय की विदेश नीति, जो 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' के आदर्शों पर टिकी थी।
20 अक्टूबर 1962 को चीन के अचानक हमले से चूर-चूर हो गई। चीन ने एक साथ लद्दाख और मैकमोहन रेखा (अरुणाचल प्रदेश) के पास जोरदार हमला बोला।
भारतीय सेना, जो ऊंचाई वाले युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं थी। खासकर लॉजिस्टिक्स और ठंड के कपड़ों के मामले में। भारतीय फौज इस हमले से हैरान रह गई। यह हमला इतनी तेजी से हुआ था कि देश की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा।
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जब लड़ाई चल रही थी और देश की सीमाएं खतरे में थीं, तब सरकार को एक कड़ा और बड़ा फैसला लेना पड़ा। 26 अक्टूबर 1962 को तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr S Radhakrishnan) ने भारतीय संविधान की एक बहुत ही खास ताकत का इस्तेमाल किया।
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वह था राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा। यह घोषणा संविधान के अनुच्छेद 352 (Article 352) के तहत की गई थी। आर्टिकल 352 राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि अगर देश की सुरक्षा को युद्ध या बाहरी आक्रमण के कारण खतरा हो, तो वह आपातकाल लगा सकते हैं।
1962 में, चीन का हमला ही वह 'बाहरी आक्रमण' था, जिसके कारण आजाद भारत में पहली बार आपातकाल की घोषणा हुई। यह एक ऐसा कदम था, जिसने सरकार को देश की सुरक्षा और युद्ध की तैयारियों को मजबूत करने के लिए ज्यादा अधिकार दिए। इस आपातकाल के चलते केंद्र सरकार की शक्तियां बढ़ गईं और देश का सारा ध्यान रक्षा तैयारियों पर चला गया।
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1962 का आपातकाल सिर्फ इसलिए नहीं लगा था कि युद्ध हो रहा था, इसका मुख्य मकसद था देश की मशीनरी को युद्ध के हिसाब से ढालना।
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हालांकि, चीन ने 21 नवंबर 1962 को एकतरफा युद्धविराम (Unilateral Ceasefire) घोषित कर दिया। अपनी सेनाओं को पीछे हटा लिया और सिर्फ अक्साई चिन पर कब्जा बनाए रखा।
लेकिन पहला राष्ट्रीय आपातकाल (First National Emergency) तुरंत खत्म नहीं हुआ। यह आपातकाल जनवरी 1968 तक चलता रहा। इसका एक कारण 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध भी था, जिसके दौरान इसे जारी रखा गया।
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1962 का युद्ध और उसके बाद लगा राष्ट्रीय आपातकाल भारतीय राजनीति और सैन्य सोच के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुआ।
![1962 में चीन के धोखे पर नेहरू ने संसद में क्या कहा था, राजनाथ का बयान कितना अलग? - India china border clash rajnath singh statement loksabha jawahar lal Nehru 1962 war]()
हर दिन का अपना एक अलग महत्व होता है और 26 अक्टूबर का दिन भी इतिहास (आज की यादगार घटनाएं) में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के लिए दर्ज है।
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 26 अक्टूबर (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
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20 अक्टूबर 1962 को चीन के अचानक हमले से चूर-चूर हो गई। चीन ने एक साथ लद्दाख और मैकमोहन रेखा (अरुणाचल प्रदेश) के पास जोरदार हमला बोला।
भारतीय सेना, जो ऊंचाई वाले युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं थी। खासकर लॉजिस्टिक्स और ठंड के कपड़ों के मामले में। भारतीय फौज इस हमले से हैरान रह गई। यह हमला इतनी तेजी से हुआ था कि देश की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने लगा।
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26 अक्टूबर 1962: जब संविधान की ताकत काम आई
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वह था राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा। यह घोषणा संविधान के अनुच्छेद 352 (Article 352) के तहत की गई थी। आर्टिकल 352 राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि अगर देश की सुरक्षा को युद्ध या बाहरी आक्रमण के कारण खतरा हो, तो वह आपातकाल लगा सकते हैं।
1962 में, चीन का हमला ही वह 'बाहरी आक्रमण' था, जिसके कारण आजाद भारत में पहली बार आपातकाल की घोषणा हुई। यह एक ऐसा कदम था, जिसने सरकार को देश की सुरक्षा और युद्ध की तैयारियों को मजबूत करने के लिए ज्यादा अधिकार दिए। इस आपातकाल के चलते केंद्र सरकार की शक्तियां बढ़ गईं और देश का सारा ध्यान रक्षा तैयारियों पर चला गया।
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आपातकाल का मकसद और असर
- केंद्रीय शक्ति का बढ़ाव:
आपातकाल ने केंद्र सरकार को राज्यों के मामलों में भी सीधे निर्देश देने की शक्ति दे दी। ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े फैसलों में कोई देरी न हो।
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- कानूनी बदलाव:
कई कड़े कानून लागू किए गए, जैसे कि DEFENSE OF INDIA ACT, 1962, ताकि जासूसी और देश विरोधी गतिविधियों को तुरंत रोका जा सके। - अर्थव्यवस्था पर फोकस:
युद्ध के लिए जरूरी संसाधनों को जुटाने के लिए सरकार ने कई आर्थिक कदम उठाए। - जनता का मनोबल:
इस घोषणा ने जनता को यह संदेश दिया कि देश एक गंभीर संकट से जूझ रहा है और सभी को सरकार के साथ मिलकर काम करना है।
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हालांकि, चीन ने 21 नवंबर 1962 को एकतरफा युद्धविराम (Unilateral Ceasefire) घोषित कर दिया। अपनी सेनाओं को पीछे हटा लिया और सिर्फ अक्साई चिन पर कब्जा बनाए रखा।
लेकिन पहला राष्ट्रीय आपातकाल (First National Emergency) तुरंत खत्म नहीं हुआ। यह आपातकाल जनवरी 1968 तक चलता रहा। इसका एक कारण 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध भी था, जिसके दौरान इसे जारी रखा गया।
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1962 के बाद भारत की नीति में बड़ा बदलाव
- विदेश नीति का रेवलुएशन:
'आदर्शवाद' पर आधारित विदेश नीति को बदलकर, वास्तविकतावाद (Realism) और सैन्य शक्ति (Military Strength) पर ज्यादा जोर दिया गया।
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- सेना का मॉडर्नाइजेशन:
भारत ने अपनी सेना की कमियों को समझा और बड़े पैमाने पर रिस्ट्रक्चरिंग और मॉडर्नाइजेशन शुरू किया। रक्षा बजट में भारी वृद्धि की गई। - सीमा सुरक्षा:
सीमावर्ती इलाकों में सड़कों और बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया गया।
Reference Links
- Indian Constitution - Article 352: (आधिकारिक संवैधानिक प्रावधान)
- History of India-China War 1962: (ऐतिहासिक विवरण के लिए सरकारी या प्रतिष्ठित शैक्षणिक स्रोत)
- President of India's website - Dr. S. Radhakrishnan: (तत्कालीन राष्ट्रपति के विवरण के लिए)
- Reports/Analysis on 1962 Emergency Declaration, Know the reason of India-China war: (आपातकाल के प्रभाव और समयसीमा के लिए विश्वसनीय मीडिया या शोध पत्र)
26 अक्टूबर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाएं
इस दिन दुनिया में कई ऐसी घटनाएं हुईं, जिन्होंने इतिहास की दिशा बदल दी। आइए जानते हैं 26 अक्टूबर (आज की तारीख का इतिहास) को भारत और विश्व में घटी कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में, जो आपके सामान्य ज्ञान को बढ़ा सकती हैं।
विश्व इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं
- 1341 - बीजान्टिन सेना ने अपने समर्थकों और जॉन वी. पैलायोलोज के सिंहासन के उत्तराधिकारी के बीच गृह युद्ध शुरू करते हुए मुख्यमंत्री जॉन वीआईके एंटाकोजेनोस सम्राट की घोषणा की।
- 1708 - लंदन में सेंट पॉल कैथेड्रल के निर्माण का काम पूरा हुआ।
- 1708 - सेंट पॉल कैथेड्रल का अंतिम पत्थर, 1666 के ग्रेट फायर ऑफ लंदन में सिद्धांतिक रूप से जलने के बाद फिर से बनाया गया, इसके वास्तुकार क्रिस्टोफर व्रेन के थेसन द्वारा रखी गई थी।
- 1811 - अर्जेंटीना सरकार ने प्रेस के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की घोषणा की।
- 1813 - 1812-ए के युद्ध में लगभग 1,630 फ्रांसीसी कनाडाई और मिलिशिया और मोहॉक के योद्धाओं ने चार्ल्स डे सलाबरीप्रेल्स के साथ मिलकर कनाडा पर आक्रमण करने के लिए लगभग 4,000 अमेरिकी सेना का प्रयास किया।
- 1825 - हडसन नदी और झील एरि के बीच एरि नहर को खोला गया।
- 1859 - स्टीमशिप रॉयल चार्टर को इंग्लैंड के वेलेल्स के तट पर टूटा, जिसमें ४५४ लोग मारे गए।
- 1863 - फुटबॉल एसोसिएशन का गठन लंदन में किया गया।
- 1865 - स्टैंडर्ड ऑयल कंपनी खोली गयी।
- 1876 - फिलाडेल्फिया में अमेरिकी लाइब्रेरी एसोसिएशन की स्थापना की गई।
- 1881 - गनफाइट ओ.के. अमेरिकी ओल्ड वेस्ट के इतिहास में सबसे प्रसिद्ध गगनचुंबियों में से एक, कोरल, व्याट एर्प और इके क्लेटन के डंगऑन के गुट के बीच, एंकोबस्टोन, एरिज़ोना में हुआ।
- 1911 - चीन का पहला नागरिक संहिता शाही अदालत में पेश किया गया।
- 1921 - शिकागो थियेटर, जो सबसे पुराना जीवित नव-बारोकफ्रेंच-पुनरुद्धार भव्य मूवी पैलेस है, खोला गया।
- 1940 - द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों के सबसे प्रभावी विमानों में से एक, उत्तरी अमेरिकी पी -51 मस्टैंग ने अपनी पहली उड़ान बनाई।
- 1944 - अपने उपराष्ट्रपति अभियान के दौरान, डेमोक्रेटिक उम्मीदवार डेविड ड्यूक ने पत्रकारों से कहा कि वह कभी भी कू क्लक्स क्लान के सदस्य नहीं थे, न ही वह कभी होंगे।
- 1944 - द्वितीय विश्व युद्ध-आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी नौसेना लड़ाइयों में से एक में, मित्र देशों की सेनाओं ने लेय्टे की खाड़ी में लेटे की खाड़ी के फिलिपीनी द्वीप के आसपास के समुद्रों में इंपीरियल जापानी नौसेना को हराया।
- 1951 - विंस्टन चर्चिल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने।
- 1955 - नगो दीन्ह दीम ने अपने भाई न्गो दीन्ह न्हू की देखरेख में पूर्व जनमत संग्रह जनमत संग्रह में पूर्व सम्राट बाओ दाई को हराने के बाद खुद को वियतनाम के नए बने गणराज्य का राष्ट्रपति घोषित किया।
- 1958 - पैन अमेरिकन ने वर्ल्ड एयरवेज बोइंग 707 की पहली ट्रान्साटलांटिक उड़ान की शुरआत की।
- 1959 - पहले में, चंद्रमा के दूर के किनारे की तस्वीरों को पृथ्वी पर एक सोवियत उपग्रह का उपयोग करके पकड़ा गया है जो रेडियो संकेतों को पृथ्वी पर वापस भेज रहा है।
- 1966 - पेरिस से ब्रुसेल्स नाटो का मुख्यालय को स्थानांतरित किया गया।
- 1975 - मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात अमेरिका की आधिकारिक यात्रा करने वाले देश के पहले राष्ट्रपति बने।
- 1976 - त्रिनिदाद एंड टोबैगो गणराज्य को ब्रिटेन से आजादी मिली।
- 1977 - सोमालियन अस्पताल के रसोइये अली माओ मालिन ने प्राकृतिक रूप से उत्पन्न चेचक के अंतिम ज्ञात मामले में डिस्प्लेसिम्मोम शुरू किया।
- 1979 - दक्षिण कोरिया पार्क के अध्यक्ष चुंग-ही की कोरियाई कोरियन इंटेलिजेंस एजेंसी के थिएडायरेक्टर और लंबे समय से मित्र रहे किम जे-केयू द्वारा हत्या कर दी गई।
- 1980 - इजरायल के राष्ट्रपति यित्झाक नावोन मिस्र की यात्रा करने वाले पहले इजरायली राष्ट्रपति बने।
- 1984 - दो सप्ताह के शिशु ‘बेबी फे’ को, अपने दिल के प्रत्यारोपण का पहला मौका दिया गया था, जिसमें उसके दिल को एक युवा बबून द्वारा बदल दिया गया था। फिर भी, वह केवल 20 दिनों के लिए रहती थी।
- 1985 - ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्थानीय पीत्जंतजतारा लोगों के लिए अलुरु के मालिक अलसुकन को आयर्स रॉक के रूप में स्वामित्व दिया।
- 1994 - इजरायल और जॉर्डन ने दोनों देशों के बीच संबंधों को तय करने के लिए एक शांति संधि पर हस्ताक्षर किए और यह प्रतिज्ञा की कि न तो पुनरावृत्ति को एक थर्डकाउंट्री द्वारा सैन्य हमलों के लिए मंच बनाने की अनुमति होगी।
- 2000 - लॉरेंट गागबो कॉटे डी-इवियर्सन के पहले राष्ट्रपति बने रॉबर्ट गुए को 1999 के इवोरियन कूप्डैट के दौरान सत्ता से बाहर कर दिया गया था।
- 2005 - एक ऐतिहासिक स्मारक जो यूरोप में पहली बार पिरामिड बनने के लिए बोला जा रहा है, बोस्निया में खोजा गया है।
- 2006 - आम चुनावों के निर्माण के दौरान, निकारागुआ की नेशनल असेंबली ने एक कानून पारित किया है, जिसमें किसी भी तरह के गर्भपात पर रोक है।
- 2007 - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का यान डिस्कवरी अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर सफलतापूर्वक उतरा।
- 2007 - रूसी और यूरोपीय संघ के नेता लिस्बन में अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए मिलते हैं।
- 2009 - दक्षिण कोरियाई मूल के वैज्ञानिक, ह्वांग वू-सूक को स्टेम कोशिकाओं पर अपने शोध में धोखाधड़ी के लिए निंदा की गई है।
- 2010 - ईरान ने अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशहर प्लांट में ईंधन का स्टॉक करना शुरू कर दिया है।
- 2012 - बर्मा में हिंसक झड़पों में 64 लोगों की मौत हुई।
- 2012 - पूर्व इतालवी पीएम को दागी सिल्वियो बर्लुस्कोनी को राजकोषीय धोखाधड़ी के लिए चार साल की सजा मिली है।
- 2014 - मिस्र के सेना के खिलाफ हालिया हमले के मद्देनजर बाद के प्रतिनिधिमंडल के मिस्र में पारित होने से इनकार करने के बाद इजरायल और फिलिस्तीनी संगठन हमास के बीच शांति वार्ता बंद कर दी गई है।
- 2015 - उत्तर पूर्वी अफगानिस्तान के हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला में 7.5 तीव्रता वाले भूकंप से 398 लोगों की मौत हुई और 2536 घायल हुए।
भारत इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाएं
- 1775 - भारत में मुगलों के अंतिम सम्राट बहादुरशाह जफर का जन्म हुआ।
- 1934 - महात्मा गांधी के संरक्षण में अखिल भारतीय ग्रामीण उद्योग संघ की स्थापना हुई।
- 1962 - भारत पर चीन के हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति ने पहली बार आपातकाल की घोषणा की।
- 1999 - भारत के उच्चतम न्यायालय ने आजीवन कारावास की अवधि 14 वर्ष तय की।
- 2001 - जापान ने भारत और पाकिस्तान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाने की घोषणा की।
आज का इतिहास: 137 साल तक कलकत्ता क्यों रहा ब्रिटिश भारत की राजधानी, जानें रेगुलेटिंग एक्ट का खेल
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