इतिहास का पहला ड्राफ्ट पत्रकारिता, विकिपीडिया तो दूसरा, एआई के दौर में भरोसा सबसे जरूरी

एआई सूचनाओं को आसान बना रहा है, लेकिन भरोसा अब भी एक बड़ी चुनौती है। विकिपीडिया के सह-संस्थापक जिमी वेल्स के अनुसार, एआई इंसान का विकल्प नहीं बल्कि एक सहायक टूल होना चाहिए।

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Anjali Dwivedi
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jimmy wales ai vs wikipedia future trends

दिल्ली के एआई इम्पेक्ट समिट के दौरान विकिपीडिया के सह-संस्थापक जिमी वेल्स ने कहा कि पत्रकारिता इतिहास का पहला ड्राफ्ट है, विकिपीडिया दूसरा। इस वाक्य में आज की सूचना- व्यवस्था का संकट और भविष्य दोनों छिपे हुए हैं। एआई ने जानकारी को बनाना और बांटना बेहद आसान कर दिया है, लेकिन क्या यह भरोसे को भी तेजी से बढ़ा रहा है, या यह उस पर असर डाल रहा है?

डर की पुरानी कहानी, तकनीक की नई किस्त

नई तकनीक हमेशा डर पैदा करती है, जैसे सुकरात को डर था कि लिखाई शुरू हो जाने पर लोग याद रखना छोड़ देंगे। जिमी वेल्स भी कहते हैं कि हर दौर की नई तकनीक को खतरा माना गया है, लेकिन इंसानी जिज्ञासा और आदतें इतनी जल्दी खत्म नहीं होती हैं। शतरंज इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जहां आज भी लोग खेलते हैं, जबकि सबसे ताकतवर खिलाड़ी कंप्यूटर है।

एआई के मामले में भी दो तरह के डर हैं- एक डर है कि सब नौकरियां खत्म हो जाएंगी। दूसरा यह सपना कि अब कोई काम नहीं करना पड़ेगा, सब कुछ एआई कर देगा। वेल्स मानते हैं कि सच शायद बीच में कहीं है, लेकिन यह कहना कि एआई का भविष्य क्या होगा, इस पर कोई स्पष्टता नहीं है।

जब जानकारी कमोडिटी बन जाए और एआई इंटेलिजेंस फैक्ट्री

इंटरनेट ने सूचना को आसान और सस्ता बना दिया है, लेकिन क्या एआई इंटेलिजेंस को भी ऐसा ही बना देगा? जिमी वेल्स का मानना है कि एआई का इस्तेमाल मददगार हो सकता है, लेकिन इसके किए गए काम को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए। एआई का उद्देश्य केवल सहायक होना चाहिए, न कि अंतिम सत्य बताना।

विकिपीडिया बनाम एआई: खतरा या मौका?

विकिपीडिया के कंटेंट का इस्तेमाल एआई सिस्टम्स में किया जाता है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या विकिपीडिया को एआई से खतरा है? वेल्स मानते हैं कि विकिपीडिया की असली ताकत इंसान हैं- वे जो संदर्भ समझते हैं और जो जानकारी को सटीक तरीके से पेश करते हैं। वे कहते हैं कि एआई को विकिपीडिया की मदद करनी चाहिए, न कि उसे बदल देना चाहिए।

क्या खत्म हो गई एआई की सीमा 

कुछ AI विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा बड़े भाषा मॉडल्स अब अपनी सीमा तक पहुंच गए हैं। वे कहते हैं कि इन मॉडलों में सुधार की आवश्यकता है, क्योंकि हैलुसिनेशन जैसी समस्याएं अभी भी मौजूद हैं। लेकिन जिमी वेल्स का कहना है कि अगले कुछ सालों में एआई से जुड़े अधिक ब्रेकथ्रू हो सकते हैं।

कॉपीराइट की अगली जंग 

जिमी वेल्स मानते हैं कि भविष्य में कॉपीराइट को लेकर बड़ी लड़ाई हो सकती है। जहां मीडिया कंपनियों और टेक कंपनियों के बीच संघर्ष होगा। उनकी चिंता यह है कि कहीं ऐसा न हो कि तथ्य पर भी कॉपीराइट लगाने की कोशिश की जाए। इसके अलावा, वेल्स ने लोकल पत्रकारिता के संकट पर भी प्रकाश डाला, जहां छोटे शहरों में समाचार पत्रों का अस्तित्व संकट में है।

विकिपीडिया की अंदरूनी बहसें

वे बताते हैं कि विकिपीडिया के भीतर एक बहस चलती है- क्या कमजोर या संदिग्ध लेखों को हटाना चाहिए, या उन्हें समय के साथ बेहतर किया जा सकता है? जिमी वेल्स खुद को इवेंचुअलिस्ट मानते हैं, जो मानते हैं कि धीरे-धीरे विकिपीडिया का कंटेंट बेहतर होगा।

एलन मस्क, Grok और मेन्स्ट्रीम प्रोपेगैंडा पर तकरार

एलन मस्क ने विकिपीडिया पर आरोप लगाया है कि यह मुख्यधारा के प्रोपेगैंडा को बढ़ावा देता है। विकिपीडिया के संस्थापक जिमी वेल्स का कहना है कि विकिपीडिया खुद स्रोत नहीं है, बल्कि वह उन स्रोतों का प्रतिनिधित्व करता है जो विश्वसनीय हैं। विकिपीडिया का उद्देश्य न सिर्फ तथ्य देना है, बल्कि उन तथ्यों को एक न्यूट्रल तरीके से प्रस्तुत करना है।

टोन न्यूट्रैलिटी: जब भाषा भी पक्ष लेती है

जिमी वेल्स के अनुसार, अखबारों और अन्य मीडिया संस्थानों का टोन अक्सर पक्षपाती हो सकता है, जिससे भरोसा घटता है। विकिपीडिया के लिए न्यूट्रैलिटी जरूरी है, ताकि कोई भी पक्ष प्रभावित न हो। यही कारण है कि विकिपीडिया पर सभी रायों को सही संदर्भ में प्रस्तुत करने की कोशिश की जाती है।

WikiTribune: प्रयोग, क्लिकबेट और एल्गोरिदम की असली समस्या

WikiTribune का प्रयोग जिमी वेल्स ने किया था, जिसमें पत्रकार और आम लोग मिलकर खबरें लिखते थे। हालांकि, जल्द ही यह एहसास हुआ कि अगर इसे व्यावसायिक सफलता में बदलना है, तो क्लिकबेट जैसी सामग्री को बढ़ाना पड़ेगा। यह सोशल मीडिया एल्गोरिदम से प्रमोट की जाती है। वेल्स मानते हैं कि यह पूरी जानकारी प्रणाली का संकट है और इसे सही दिशा में सुधारने की आवश्यकता है।

एआई युग का सबक: इंसान को हटाकर नहीं, साथ लेकर

जिमी वेल्स का अंतिम संदेश यही है कि एआई को एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन अंतिम निर्णय इंसान को ही करना चाहिए। विकिपीडिया और पत्रकारिता का असली मूल्य मानव बुद्धि और ईमानदारी में है, जो मशीन के साथ मिलकर सही जानकारी प्रदान कर सकती है।

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