5G Spectrum की करोड़ो रुपए से शुरू हुई नीलामी, टेलीकॉम कंपनियां लगाएंगी दांव
Amresh Kushwaha | Jun 25, 2024, 16:19 IST
5G Spectrum Auction 2024
5G Spectrum की नीलामी शुरू हो चुकी है। इस नीलामी से सरकार को काफी उम्मीदे हैं। इस नीलामी में देश की तीन बड़ी प्राइवेट सेक्टर की टेलीकॉम कंपनी शामिल हुई हैं। आइए जानते हैं कि Spectrum क्या होता है?
5G Spectrum Auction 2024 : भारत में 5G Spectrum की नीलामी शुरू हो चुकी है, जिसकी कीमत 96 हजार करोड़ रुपए है। इसकी शुरुआत 25 जून दिन मंगलवार से शुरू हुई। इससे पहले साल 2022 में स्पेक्ट्रम की नीलामी हुई थी।
जिसमें सरकार ने 1.5 ट्रिलियन रुपए ( 1.5 खरब रुपए ) की रिकोर्ड तोड़ कमाई की थी, इस बार भी सरकार को ऐसी ही उम्मीद है। सरकार को यूं तो इस बार कई बड़ी बोलियों की उम्मीद है। आपको बता दें कि सरकार ने इस नीलामी में कुल 8 स्पैक्ट्रम बैंड् नीलामी में रखे हैं।
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इस नीलामी में देश की तीन बड़ी प्राइवेट सेक्टर की टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio, Airtel और Vodafone idea शामिल हुई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सपर्ट ने एक अंदाजा लगाया है और बताया है कि तीन टेलीकॉम कंपनियां करीब 12500 करोड़ रुपए की कीमत के स्पेक्ट्रम को खरीद सकते हैं, जो 96,320 करोड़ रुपए की कीमत वाले एयरवेव का सिर्फ 13 पर्सेंट है।
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संचार भवन में स्थित डीओटी के वॉर रूम में ऑनलाइन नीलामी का आयोजन होगा। सरकार ने 13 और 14 मई को नीलामी का सफल अभ्यास का आयोजन किया था।
संचार मंत्रालय ने कहा कि इस स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान अलग-अलग बैंड के 10,522.35 MHz को नीलाम किया जाएगा। साल 2022 में 51,236 MHz के स्पेक्ट्रम नीलाम हुए थे। वहीं 2021 में 855.6 MHz के स्पेक्ट्रम नीलाम हुए थे।
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मोबाइल, वॉयस और डेटा कनेक्टिविटी के लिए स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करता है। स्पेक्ट्रम असल में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी होती हैं, जिसका इस्तेमाल कम्युनिकेशन की अलग-अलग सर्विस में इस्तेमाल किया जाता है।
कंपनियां अपने कस्टमर को बेहतर कनेक्टिविटी के लिए इसे खरीदती है और इस्तेमाल करती है। यह नेशनल रेगुलटेर यानी सरकार से खरीदा जाता है।
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वेव का इस्तेमाल रिमोट, टीवी और रेडियो आदि में भी इस्तेमाल किया जाता है। हर जगह बैंड्स का स्तर अलग-अलग होता है। इसका मुख्य काम कनेक्टिविटी तैयार करना है।
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जिसमें सरकार ने 1.5 ट्रिलियन रुपए ( 1.5 खरब रुपए ) की रिकोर्ड तोड़ कमाई की थी, इस बार भी सरकार को ऐसी ही उम्मीद है। सरकार को यूं तो इस बार कई बड़ी बोलियों की उम्मीद है। आपको बता दें कि सरकार ने इस नीलामी में कुल 8 स्पैक्ट्रम बैंड् नीलामी में रखे हैं।
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देश की तीनों बड़ी कंपनियां लगाएंगी दांव
इस नीलामी में देश की तीन बड़ी प्राइवेट सेक्टर की टेलीकॉम कंपनी Reliance Jio, Airtel और Vodafone idea शामिल हुई हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सपर्ट ने एक अंदाजा लगाया है और बताया है कि तीन टेलीकॉम कंपनियां करीब 12500 करोड़ रुपए की कीमत के स्पेक्ट्रम को खरीद सकते हैं, जो 96,320 करोड़ रुपए की कीमत वाले एयरवेव का सिर्फ 13 पर्सेंट है।
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संचार भवन में स्थित डीओटी के वॉर रूम में ऑनलाइन नीलामी का आयोजन होगा। सरकार ने 13 और 14 मई को नीलामी का सफल अभ्यास का आयोजन किया था।
संचार मंत्रालय ने कहा कि इस स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान अलग-अलग बैंड के 10,522.35 MHz को नीलाम किया जाएगा। साल 2022 में 51,236 MHz के स्पेक्ट्रम नीलाम हुए थे। वहीं 2021 में 855.6 MHz के स्पेक्ट्रम नीलाम हुए थे।
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क्या होता है Spectrum ?
मोबाइल, वॉयस और डेटा कनेक्टिविटी के लिए स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल करता है। स्पेक्ट्रम असल में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फ्रीक्वेंसी होती हैं, जिसका इस्तेमाल कम्युनिकेशन की अलग-अलग सर्विस में इस्तेमाल किया जाता है।
कंपनियां अपने कस्टमर को बेहतर कनेक्टिविटी के लिए इसे खरीदती है और इस्तेमाल करती है। यह नेशनल रेगुलटेर यानी सरकार से खरीदा जाता है।
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वेव का इस्तेमाल रिमोट, टीवी और रेडियो आदि में भी इस्तेमाल किया जाता है। हर जगह बैंड्स का स्तर अलग-अलग होता है। इसका मुख्य काम कनेक्टिविटी तैयार करना है।
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