AI बताएगा आप किस स्कीम के हकदार, सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देगा
Sandeep Kumar | Apr 01, 2024, 12:10 IST
आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस (AI )
सरकार ने आर्टीफीशियल इंटेलिजेंस से जुड़े स्टार्टअप ( Startup) के वित्तपोषण ( Funding) और समर्थन के लिए 2,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि निश्चित की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अगले वित्त वर्ष में यानी आज से शुरू हो जाएगी...
BHOPAL. भारत सरकार ने नागरिकों को सरकारी योजनाओं ( Government schemes ) के बारे में जानकारी देने के लिए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस ( Artificial intelligence ) के साथ सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के अगले चरण के लिए एक खाका तैयार किया है। लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए AI आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म लोगों को उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेगा जिनके वे हकदार हैं।
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AI से फिलहाल लोग केवल उन्हीं योजनाओं का विवरण प्राप्त कर सकते हैं जिनके लिए उन्होंने पहले साइन-अप (singn up ) किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी ( Electronics and Information Technology ) मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अब सरकार का लक्ष्य नागरिकों को यह पता लगाने में समर्थ बनाना है कि वे किन योजनाओं के हकदार हैं। अधिकारी ने बताया कि विभिन्न मंत्रालयों की अलग-अलग योजनाएं हैं। उन योजनाओं के बारे में अलग-अलग मंत्रालयों में जाकर पता लगाना लोगों के लिए काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, मगर उनके लिए एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करना और विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करना आसान होगा। हम इसी पर काम कर रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म लोगों को उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेगा जिनके वे हकदार हैं।
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अगर किसी व्यक्ति ने पीएम आयुष्मान योजना ( PM Ayushman Yojana ) के लिए साइन-अप किया है तो एआई आधारित पोर्टल उनसे पूछ सकता है कि उन्होंने पीएम आवास योजना को क्यों नहीं चुना? अथवा अगर किसी ने पीएम आवास योजना के लिए साइन-अप किया है तो उन्हें हर घर जल योजना के लिए भी साइन-अप करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। अधिकारी ने कहा, सरकार का लक्ष्य यह है कि कोई भी नागरिक उन सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ न रहे जिनका वह हकदार है। यह अगला चरण है जो आम चुनाव के बाद लागू होने की उम्मीद है।
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इंडिया स्टैक की सफलता के बाद सार्वजनिक सेवाओं में विस्तार के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जा रही है। India Stack के तहत डिजिटल पहचान, भुगतान और डेटा प्रबंधन जैसा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। स्टैक में ई-साइन, डिजिटल लॉकर, यूपीआई आदि स्तर मौजूद हैं। भारत ने अपने नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने के लिए इस स्टैक को लागू करने के लिए 10 देशों के साथ समझौता किया है। अधिकारी ने कहा, 22 अन्य देश भी भारत के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें अपने परिवेश का विस्तार करना होगा।
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आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के उपयोग के विनियमन के बारे में अधिकारी ने कहा कि एआई में काफी कुछ अच्छा करने की क्षमता है, लेकिन वह कुछ नुकसान भी पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा, हमारी बुनियादी सोच यह है कि हम एक जिम्मेदार एवं नैतिक तरीके से एआई के उपयोग की ओर बढ़ें। इसका मतलब काफी अधिक स्व-शासन से है क्योंकि नैतिकता के बारे में मेरी समझ दूसरों से अलग हो सकती है। इसलिए हम अनिवार्य तौर पर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हरेक AI मॉडल और AI आधारित प्लेटफॉर्म हमारे उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित एवं भरोसेमंद हो।
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सरकार का लक्ष्य नागरिकों को समर्थ बनाना
AI से फिलहाल लोग केवल उन्हीं योजनाओं का विवरण प्राप्त कर सकते हैं जिनके लिए उन्होंने पहले साइन-अप (singn up ) किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी ( Electronics and Information Technology ) मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अब सरकार का लक्ष्य नागरिकों को यह पता लगाने में समर्थ बनाना है कि वे किन योजनाओं के हकदार हैं। अधिकारी ने बताया कि विभिन्न मंत्रालयों की अलग-अलग योजनाएं हैं। उन योजनाओं के बारे में अलग-अलग मंत्रालयों में जाकर पता लगाना लोगों के लिए काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, मगर उनके लिए एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म पर लॉग-इन करना और विभिन्न मंत्रालयों की योजनाओं के बारे में जानकारी हासिल करना आसान होगा। हम इसी पर काम कर रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म लोगों को उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करेगा जिनके वे हकदार हैं।
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आम चुनाव के बाद लागू होने की उम्मीद
अगर किसी व्यक्ति ने पीएम आयुष्मान योजना ( PM Ayushman Yojana ) के लिए साइन-अप किया है तो एआई आधारित पोर्टल उनसे पूछ सकता है कि उन्होंने पीएम आवास योजना को क्यों नहीं चुना? अथवा अगर किसी ने पीएम आवास योजना के लिए साइन-अप किया है तो उन्हें हर घर जल योजना के लिए भी साइन-अप करने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। अधिकारी ने कहा, सरकार का लक्ष्य यह है कि कोई भी नागरिक उन सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ न रहे जिनका वह हकदार है। यह अगला चरण है जो आम चुनाव के बाद लागू होने की उम्मीद है।
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India Stack की सफलता
इंडिया स्टैक की सफलता के बाद सार्वजनिक सेवाओं में विस्तार के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की जा रही है। India Stack के तहत डिजिटल पहचान, भुगतान और डेटा प्रबंधन जैसा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। स्टैक में ई-साइन, डिजिटल लॉकर, यूपीआई आदि स्तर मौजूद हैं। भारत ने अपने नागरिकों को विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ने के लिए इस स्टैक को लागू करने के लिए 10 देशों के साथ समझौता किया है। अधिकारी ने कहा, 22 अन्य देश भी भारत के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें अपने परिवेश का विस्तार करना होगा।
ये खबर भी पढ़िए...आज इन राशि वालों के लिए खुलेंगे सफलता के रास्ते और ये रहें सावधान
AI में काफी कुछ अच्छा करने की क्षमता
आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के उपयोग के विनियमन के बारे में अधिकारी ने कहा कि एआई में काफी कुछ अच्छा करने की क्षमता है, लेकिन वह कुछ नुकसान भी पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा, हमारी बुनियादी सोच यह है कि हम एक जिम्मेदार एवं नैतिक तरीके से एआई के उपयोग की ओर बढ़ें। इसका मतलब काफी अधिक स्व-शासन से है क्योंकि नैतिकता के बारे में मेरी समझ दूसरों से अलग हो सकती है। इसलिए हम अनिवार्य तौर पर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हरेक AI मॉडल और AI आधारित प्लेटफॉर्म हमारे उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित एवं भरोसेमंद हो।
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