FIR में अनुराग ठाकुर के नाम से पहले Hon'ble न लिखने पर HC सख्त
Anjali Dwivedi | Apr 04, 2026, 13:27 IST
anurag-thakur
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस पर नाराजगी जताई। दरअसल मथुरा में दर्ज FIR में BJP सांसद अनुराग ठाकुर के नाम से पहले Hon'ble या Mr नहीं लिखा गया था। कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह से 48 घंटे में हलफनामा मांगा है।
पांच प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- मथुरा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
- FIR में पुलिस ने ठाकुर के नाम से पहले कोई सम्मानजनक शब्द नहीं लिखा।
- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना है।
- कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
FIR प्रोटोकॉल विवाद क्या है?
जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने 31 मार्च को यह मामला सुना। पीठ ने साफ कहा कि जब भी किसी केंद्रीय मंत्री का नाम FIR में आता है, तो पुलिस की जिम्मेदारी है कि प्रोटोकॉल के मुताबिक उनके नाम से पहले सम्मानजनक शब्द जरूर लिखे जाएं।
अदालत ने क्या कहा?
अदालत ने यह भी कहा कि अगर रिपोर्ट में यह लिखना जरूरी था, तो पुलिस को 'Hon'ble' शब्द कोष्ठक में भी लिख सकती थी। यह आदेश उस याचिका की सुनवाई के दौरान आया, जो हाईवे पुलिस स्टेशन मथुरा में दर्ज FIR से राहत मांगने के लिए दाखिल की गई थी। 6 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी।
FIR में क्या है आरोप?
खजान सिंह ने मीडिया को बताया कि वह 2023 में हर्षित शर्मा से मिले थे, जब अनुराग ठाकुर केंद्रीय मंत्री थे। शर्मा ने बार-बार दावा किया कि वह मंत्री के बेहद करीबी हैं। जब नौकरी नहीं मिली तो सिंह 28 जुलाई को दिल्ली में अनुराग ठाकुर के आवास पर भी गए और उन्हें पूरा मामला बताया।
खजान सिंह के मुताबिक उस दिन ठाकुर ने हर्षित शर्मा को अपने घर बुलाया। उन्हें फटकार लगाई और साउथ एवेन्यू पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। उस समय ठाकुर केंद्रीय मंत्री के पद पर नहीं थे।
FIR में और क्या है?
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