कैंसर की महंगी दवाओं से मिलेगी राहत? सरकार के प्लान से 70% तक घट सकती हैं कीमतें
Sandeep Kumar | Oct 08, 2026, 23:56 IST
कैंसर के इलाज का खर्च होगा कम?
सरकार ने कैंसर की दवाएं सस्ती करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कैंसर का इलाज करने वाली सभी गैर-अनुसूचित दवाओं पर दुकानदारों का मुनाफा अब एमआरपी का 30 फीसदी तक रहेगा। सरकार को ढाई हजार करोड़ रुपए की बचत का अनुमान है। कैंसर दवाओं पर 30 फीसदी मुनाफा तय होने से कैंसर मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है। NPPA 131 कैंसर दवाओं की कीमत तय कर चुका है।
कैंसर की दवाएं सस्ती कैसे होंगी?
मुनाफे पर लगाम, यानी कीमत पर सीधा असर
कैंसर दवा की कीमत पर क्या असर?
गैर-अनुसूचित दवाएं किसे कहते हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय जरूरी दवाओं की सूची प्रकाशित करता है। इस सूची को एनएलईएम ( National List of Essential Medicines) कहते हैं। फार्मास्यूटिकल्स विभाग इसे डीपीसीओ, 2013 की अनुसूची-I में शामिल करता है।
डीपीसीओ अनुसूची-I में कौन सी दवाएं?
एनपीपीए की भूमिका क्या है?
एनपीपीए नई दवा की रिटेल कीमत भी तय करता है। नई दवा की परिभाषा डीपीसीओ, 2013 के पैरा 2(1)(यू) में दी गई है। इस साल 27 जनवरी तक 54 कैंसर रोधी दवाओं की कीमत तय हुई। कैंसर की सभी दवाओं की कीमतें डीपीसीओ के दायरे में आती हैं।
526 ब्रांड पर 984 करोड़ की बचत का आंकड़ा
कैंसर मरीजों को राहत कितनी?
सरकार के मुताबिक यह कदम जरूरी और जीवन रक्षक दवाओं के लिए है। मकसद है कि मरीजों को सस्ती कीमत पर दवा मिले। क्या यह फायदा सीधे मरीज की जेब तक पहुंचेगा?
FAQ
- कैंसर दवाओं पर दुकानदार का मुनाफा कितना तय हुआ है?
गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर दुकानदार का मुनाफा एमआरपी का अधिकतम 30 फीसदी तय हुआ है। इसमें ब्रांडेड, जेनरिक और आयातित दवाएं शामिल हैं। सरकार को करीब ढाई हजार करोड़ रुपए की बचत का अनुमान है। - कैंसर का इलाज कितना सस्ता हो सकता है?
बताया गया है कि कैंसर का इलाज करीब 70 फीसदी तक सस्ता हो सकता है। यह कमी दुकानदारों के मुनाफे की सीमा से आएगी। असल असर बाजार में लागू होने के बाद दिखेगा।
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