CJP के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली; ट्रेन, मेट्रो, बाजार और स्कूल सब बंद, 20 हजार से अधिक जवान तैनात
Amresh Kushwaha | Oct 10, 2026, 08:07 IST
कॉकरोच जनता पार्टी का दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में माहौल बेहद कड़ा है। यह प्रदर्शन आज यानी 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होना है। इसकी वजह मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और वोटर लिस्ट का एसआईआर (Special Intensive Revision) बताई गई है। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया है। इसके बाद सुरक्षा के कई कदम उठाए गए हैं।
बता दें कि दिल्ली में 20 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं, मेट्रो के गेट बंद हैं और करीब 75 ट्रेनें रद्द हुई हैं। इसका असर रेल, मेट्रो, बाजार, स्कूल और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी तक दिख रहा है।
दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास इंदिरा चौक पर सुबह से ही प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। कुछ छात्र सार्वजनिक शौचालय में छिप गए थे। पुलिस ने वहां से करीब 50 प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में बैठाकर ले गई। अब तक 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।
कौन है
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) खुद को युवाओं की अगुवाई वाला संगठन बताती है। यह एक ऑनलाइन अभियान से उभरी है। इसके नेता अभिजीत दिपके हैं।
इस साल जून 2026 में भी पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उस समय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। दिल्ली पुलिस ने 6 जून को सीमित समय के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी थी। वहीं, इस आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को जेन-जी के सामने झुकना पड़ा था। तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस ने बड़ी सुरक्षा योजना बनाई है। नई दिल्ली और मध्य दिल्ली जिलों के साथ बॉर्डर इलाकों में 20 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं। जंतर-मंतर, जनपथ, निर्वाचन आयोग और दिल्ली पुलिस मुख्यालय के आसपास करीब डेढ़ किलोमीटर का इलाका बेहद संवेदनशील माना गया है।
यहां 6500 से ज्यादा जवानों की तैनाती की तैयारी है। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। हर जोन की निगरानी आईपीएस स्तर के अधिकारी करेंगे।
संवेदनशील जगहों पर 300 से ज्यादा अतिरिक्त कैमरे लगे हैं। रास्तों पर कई परतों में बैरिकेडिंग है। लाउडस्पीकर से लोगों को अनुमति न होने की जानकारी दी जा रही है। पुलिसकर्मियों को संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक 12 डिटेंशन सेंटर बनाए गए हैं। बिना अनुमति पहुंचने वालों को हिरासत में लेकर यहां भेजा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि अनधिकृत भीड़ को जमा होने से रोका जाएगा।
पुलिस ने नागरिकों से नई दिल्ली जिले में न आने की अपील की है। होटलों और लॉज पर भी नजर रखने की बात है। उधर सीजेपी नेताओं का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। कुछ लोगों को घरों में नजरबंद किया गया है।
शुरुआत में 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने की बात आई थी। बाद में दिल्ली मेट्रो ने संशोधित सूचना में 45 स्टेशन बताए। इनके प्रवेश और निकास द्वार 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से 10 अक्टूबर की शाम 6 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था थी। आगे का फैसला सुरक्षा एजेंसियों की समीक्षा पर निर्भर है।
सूची में राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस, आईटीओ और खान मार्केट शामिल हैं। जामा मस्जिद, करोल बाग, कश्मीरी गेट और रिठाला जैसे स्टेशन भी हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर मेट्रो बदलने की सुविधा भी बंद रहने की सूचना थी। नमो भारत के दो स्टेशन भी बंद रहेंगे।
उत्तर रेलवे के मुताबिक करीब 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द हुई हैं। इनमें करीब 40 दिल्ली आने वाली और 35 जाने वाली हैं। रेलवे ने कहा कि रैक उपलब्ध न होने से ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं है। यात्री घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति देख लें। रद्द ट्रेनों का टिकट पैसा नियम से वापस मिलेगा।
सीमित इलाके में इंटरनेट बंद करने की मंजूरी भी दी गई है। जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के आसपास करीब चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट रुकेगा। यह 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक है।
आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत बताया गया है। इसे पूरी दिल्ली में इंटरनेट बंद होने की तरह नहीं देखना चाहिए। असर सिर्फ तय इलाके तक है।
नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन ने कनॉट प्लेस के दुकानदारों को 10 अक्टूबर को प्रतिष्ठान बंद रखने की सलाह दी है। अध्यक्ष अतुल भार्गव ने सहयोग की अपील की। भागीरथ पैलेस, चांदनी चौक और करोल बाग के कुछ बाजार भी बंद रहने की जानकारी है। बंद का फैसला हर संगठन अपने स्तर पर कर रहा है।
कई स्कूलों और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर की परीक्षाएं टाल दी हैं। कुछ ने ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का फैसला किया है। यातायात पुलिस ने करीब 30 प्रमुख चौराहों और सड़कों पर असर की चेतावनी दी है। इनमें मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और पटेल चौक शामिल हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सभी रास्ते पूरी तरह बंद करने की योजना नहीं है। उन्होंने गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की। जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1095 और 011-25844444 हैं।
चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा और दिल्ली पुलिस के साथ बीएसएफ (Border Security Force) के जवान तैनात हैं। गाजीपुर और दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर भी जांच हो रही है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने मेट्रो और ट्रेन पाबंदियों पर चिंता जताई है। पीठ ने कहा कि कानून-व्यवस्था के लिए एहतियाती कदम उठाए जा सकते हैं। लेकिन कदम खतरे के अनुपात में होने चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं हो सकता। अदालत ने साफ किया कि मेट्रो और रेल सेवाओं पर पूरी रोक नहीं लग सकती। केंद्र ने सेवाएं नियंत्रित तरीके से चलाने और लोगों की परेशानी घटाने का आश्वासन दिया है।
अदालत ने जंतर-मंतर के अलावा दूसरी उपयुक्त जगह पहचानने पर भी विचार करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि वहां शौचालय और चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। इस पर फैसला सक्षम प्राधिकरण को लेना है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने परिवार के साथ जंतर-मंतर पहुंचने की घोषणा की है। उन्होंने मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाया है। यह आरोप राजनीतिक दलों की ओर से हैं। इनकी जांच का कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं आया है।
सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार युवाओं से डर रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद संगठन पीछे नहीं हटेगा। पार्टी के अन्य नेताओं ने स्थिति की तुलना आपातकाल से की। यह उनकी राय है।
अब सबकी नजर शनिवार को जंतर-मंतर पर रहेगी। देखना होगा कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव टलता है या नहीं। अदालत के सुझाव पर क्या फैसला होता है, यह भी अहम होगा।
दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास इंदिरा चौक पर सुबह से ही प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। सुबह करीब 6:30 बजे पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। कुछ छात्र सार्वजनिक शौचालय में छिप गए थे। पुलिस ने वहां से करीब 50 प्रदर्शनकारियों को गाड़ियों में बैठाकर ले गई। अब तक 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबर है।
कौन है कॉकरोच जनता पार्टी
इस साल जून 2026 में भी पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उस समय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। दिल्ली पुलिस ने 6 जून को सीमित समय के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी थी। वहीं, इस आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को जेन-जी के सामने झुकना पड़ा था। तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है।
20 हजार जवानों की तैनाती
यहां 6500 से ज्यादा जवानों की तैनाती की तैयारी है। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। हर जोन की निगरानी आईपीएस स्तर के अधिकारी करेंगे।
संवेदनशील जगहों पर 300 से ज्यादा अतिरिक्त कैमरे लगे हैं। रास्तों पर कई परतों में बैरिकेडिंग है। लाउडस्पीकर से लोगों को अनुमति न होने की जानकारी दी जा रही है। पुलिसकर्मियों को संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
12 डिटेंशन सेंटर तैयार
पुलिस ने नागरिकों से नई दिल्ली जिले में न आने की अपील की है। होटलों और लॉज पर भी नजर रखने की बात है। उधर सीजेपी नेताओं का आरोप है कि अलग-अलग राज्यों में कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा है। कुछ लोगों को घरों में नजरबंद किया गया है।
मेट्रो और रेल पर असर
सूची में राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक, जनपथ, मंडी हाउस, आईटीओ और खान मार्केट शामिल हैं। जामा मस्जिद, करोल बाग, कश्मीरी गेट और रिठाला जैसे स्टेशन भी हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर मेट्रो बदलने की सुविधा भी बंद रहने की सूचना थी। नमो भारत के दो स्टेशन भी बंद रहेंगे।
उत्तर रेलवे के मुताबिक करीब 75 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द हुई हैं। इनमें करीब 40 दिल्ली आने वाली और 35 जाने वाली हैं। रेलवे ने कहा कि रैक उपलब्ध न होने से ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं है। यात्री घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति देख लें। रद्द ट्रेनों का टिकट पैसा नियम से वापस मिलेगा।
इंटरनेट बंदी का दायरा
आदेश दूरसंचार अधिनियम, 2023 और दूरसंचार सेवा निलंबन नियम, 2024 के तहत बताया गया है। इसे पूरी दिल्ली में इंटरनेट बंद होने की तरह नहीं देखना चाहिए। असर सिर्फ तय इलाके तक है।
बाजार, स्कूल और यातायात भी प्रभावित
कई स्कूलों और कॉलेजों ने 10 अक्टूबर की परीक्षाएं टाल दी हैं। कुछ ने ऑनलाइन कक्षाएं चलाने का फैसला किया है। यातायात पुलिस ने करीब 30 प्रमुख चौराहों और सड़कों पर असर की चेतावनी दी है। इनमें मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, संसद मार्ग और पटेल चौक शामिल हैं।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त यातायात दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि सभी रास्ते पूरी तरह बंद करने की योजना नहीं है। उन्होंने गैर-जरूरी यात्रा से बचने की अपील की। जानकारी के लिए हेल्पलाइन 1095 और 011-25844444 हैं।
चिल्ला बॉर्डर पर नोएडा और दिल्ली पुलिस के साथ बीएसएफ (Border Security Force) के जवान तैनात हैं। गाजीपुर और दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर भी जांच हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं हो सकता। अदालत ने साफ किया कि मेट्रो और रेल सेवाओं पर पूरी रोक नहीं लग सकती। केंद्र ने सेवाएं नियंत्रित तरीके से चलाने और लोगों की परेशानी घटाने का आश्वासन दिया है।
अदालत ने जंतर-मंतर के अलावा दूसरी उपयुक्त जगह पहचानने पर भी विचार करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि वहां शौचालय और चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं होनी चाहिए। इस पर फैसला सक्षम प्राधिकरण को लेना है।
केजरीवाल और सीजेपी का रुख
सीजेपी नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार युवाओं से डर रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद संगठन पीछे नहीं हटेगा। पार्टी के अन्य नेताओं ने स्थिति की तुलना आपातकाल से की। यह उनकी राय है।
अब सबकी नजर शनिवार को जंतर-मंतर पर रहेगी। देखना होगा कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव टलता है या नहीं। अदालत के सुझाव पर क्या फैसला होता है, यह भी अहम होगा।
FAQs
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) क्या है और उनका हालिया प्रदर्शन किसलिए है?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) एक युवा नेतृत्व वाली संगठन है जिसने हाल ही में दिल्ली में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी, हालांकि उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली है। इस पार्टी के नेता अभिजीत दिपके हैं। - दिल्ली में इंटरनेट सेवा क्यों बंद की गई है और इसका दायरा क्या है?
दिल्ली में जनपथ-कर्तव्य पथ चौराहे के आसपास लगभग चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट बंद करने की मंजूरी दी गई है, जो 9 अक्टूबर रात 10 बजे से 10 अक्टूबर रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।
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