UPSC क्रैक कर छोड़ी सिविल सर्विस, अब प्रेमानंद महाराज की शरण में डॉ. तनु जैन
Anjali Dwivedi | May 04, 2026, 19:13 IST
Dr Tanu Jain with Sant Premanand Maharaj
पूर्व IAS अधिकारी और मशहूर टीचर डॉ. तनु जैन हाल ही में वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मिलने पहुंचीं। उन्होंने महाराज जी से भक्ति, मन और बुद्धि के द्वंद्व को लेकर खास चर्चा की।
मथुरा-वृंदावन की गलियों में जब भक्ति की बयार बहती है, तो बड़े-बड़े दिग्गज वहां खिंचे चले आते हैं। हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में एक ऐसी शख्सियत नजर आईं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह गया।
ये कोई और नहीं, बल्कि UPSC की दुनिया में तनु मैम के नाम से मशहूर डॉ. तनु जैन हैं। सिविल सर्विसेज की चकाचौंध छोड़कर अध्यात्म की राह पर बढ़ती डॉ. तनु जैन की तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।
दिल्ली की रहने वाली डॉ. तनु जैन का नाम उन लोगों की लिस्ट में शामिल है, जिन्होंने कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर भी एक अलग रास्ता चुना। डॉ. तनु ने साल 2015 में देश की सबसे कठिन यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा क्रैक की थी।
तनु को आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर सिविल सर्विसेज में सहायक निदेशक के पद पर तैनात किया गया था। लेकिन करीब सात साल की सर्विस के बाद, उन्होंने कुछ नया करने की ठानी और नौकरी छोड़कर शिक्षण को अपना करियर बना लिया।
तनु के
डॉ. तनु जैन की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने दिल्ली के कैंब्रिज स्कूल से अपनी शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज से बीडीएस यानी डेंटिस्ट की डिग्री ली। इतना ही नहीं, उन्होंने LLB की पढ़ाई भी की है।
बचपन में खेल-कूद में रुचि रखने वाली तनु ने मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही UPSC में जाने का मन बनाया था। आज वे तथास्तु आईएएस कोचिंग संस्थान की संचालक के रूप में देशभर के अभ्यर्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात के दौरान डॉ. तनु जैन ने एक बहुत ही गहरा सवाल पूछा। उन्होंने पूछा कि भक्ति मन से करना तो जरूरी है, लेकिन जब मन और बुद्धि के बीच द्वंद्व छिड़ जाए, तो क्या करें?
इस पर महाराज जी ने बड़े ही सरल भाव से समझाया कि नाम जप ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि जब आप निरंतर नाम जपते हैं, तो बुद्धि प्रवीण हो जाती है और मन निर्मल होने लगता है। मन साफ होते ही सारे द्वंद्व अपने आप खत्म हो जाते हैं।
प्रेमानंद महाराज ने एक श्लोक के जरिए इस पूरी स्थिति का सार समझाया। उन्होंने कहा कि मन और बुद्धि को अगर वाकई शांति चाहिए, तो उन्हें भजन से ही विश्राम मिलेगा।
महराज जी ने सलाह दी कि राम, कृष्ण, हरि या राधा किसी का भी नाम जपें, चाहे माला से या काउंटर के जरिए। जैसे-जैसे इंसान नियमपूर्वक भजन करता है, उसकी पाप प्रवृत्ति का नाश होता है और नाम जप में रुचि वैसी ही बढ़ जाती है, जैसे किसी लालची व्यक्ति को धन की लालसा होती है।
डॉ. तनु जैन केवल पढ़ाती ही नहीं हैं, बल्कि वे एक कुशल लेखिका भी हैं। उन्होंने अब तक यूपीएससी की तैयारी को लेकर तीन किताबें लिखी हैं। वे बताती हैं कि वे कभी पढ़ाकू टाइप स्टूडेंट नहीं थीं, लेकिन जब उन्होंने लक्ष्य तय किया, तो उसे हासिल करके ही दम लिया। अब उनकी अध्यात्म की तरफ बढ़ती रुचि ने उनके प्रशंसकों और छात्रों को एक नई प्रेरणा दी है।
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ये कोई और नहीं, बल्कि UPSC की दुनिया में तनु मैम के नाम से मशहूर डॉ. तनु जैन हैं। सिविल सर्विसेज की चकाचौंध छोड़कर अध्यात्म की राह पर बढ़ती डॉ. तनु जैन की तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई चर्चा छेड़ दी है।
दिल्ली की रहने वाली डॉ. तनु जैन का नाम उन लोगों की लिस्ट में शामिल है, जिन्होंने कामयाबी के शिखर पर पहुंचकर भी एक अलग रास्ता चुना। डॉ. तनु ने साल 2015 में देश की सबसे कठिन यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा क्रैक की थी।
तनु को आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर सिविल सर्विसेज में सहायक निदेशक के पद पर तैनात किया गया था। लेकिन करीब सात साल की सर्विस के बाद, उन्होंने कुछ नया करने की ठानी और नौकरी छोड़कर शिक्षण को अपना करियर बना लिया।
तनु के आईएएस बनने का सफर
बचपन में खेल-कूद में रुचि रखने वाली तनु ने मेडिकल की पढ़ाई के दौरान ही UPSC में जाने का मन बनाया था। आज वे तथास्तु आईएएस कोचिंग संस्थान की संचालक के रूप में देशभर के अभ्यर्थियों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।
प्रेमानंद महाराज की शरण में डॉ. तनु जैन
इस पर महाराज जी ने बड़े ही सरल भाव से समझाया कि नाम जप ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि जब आप निरंतर नाम जपते हैं, तो बुद्धि प्रवीण हो जाती है और मन निर्मल होने लगता है। मन साफ होते ही सारे द्वंद्व अपने आप खत्म हो जाते हैं।
प्रेमानंद महाराज ने क्या कहा
महराज जी ने सलाह दी कि राम, कृष्ण, हरि या राधा किसी का भी नाम जपें, चाहे माला से या काउंटर के जरिए। जैसे-जैसे इंसान नियमपूर्वक भजन करता है, उसकी पाप प्रवृत्ति का नाश होता है और नाम जप में रुचि वैसी ही बढ़ जाती है, जैसे किसी लालची व्यक्ति को धन की लालसा होती है।
डॉ. तनु जैन एक अच्छी राइटर भी हैं
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