UGC, AICTE की जगह लेगा HECI, क्या होगा स्कूल-कॉलेजों का...!

Kaushiki | Feb 06, 2025, 17:23 IST
Share
school college
school college

HECI के तहत उच्च शिक्षा का भविष्य तय होने जा रहा है, लेकिन क्या ये बदलाव ग्रामीण इलाकों में शिक्षा संस्थानों को बंद करवा सकता है। या क्या इसका असर निजीकरण को बढ़ावा देने पर पड़ेगा, चलिए जानते हैं...

भारत में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने वाला है, जहां विश्वविद्यालय और कॉलेजों के रेगुलेटर के रूप में HECI (हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया) को लाने का सुझाव किया गया है। राज्यसभा की एक स्थायी समिति ने चिंता जताई है कि, इस प्रस्ताव से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा संस्थानों को नुकसान हो सकता है।

खासकर उन संस्थानों को जिनके पास शुरुआती ढांचा कमजोर है या जिनमें शिक्षक नहीं हैं। बता दें कि, समिति ने ये भी कहा कि इस बदलाव से निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, एचईसीआई के पास बहुत अधिक शक्ति होगी, जिससे कुछ संस्थान बंद भी हो सकते हैं। आइए जानें इस प्रस्ताव से जुड़ी जानकारियों को...

ये खबर भी पढ़ें...

एचईसीआई की शक्ति

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत एचईसीआई को उच्च शिक्षा का मुख्य रेगुलेटरी संस्थान (Main Regulatory Institution) बनाने का प्रस्ताव है। यह संस्थान शिक्षा के मानकों, मान्यता, फंडिंग और संस्थाओं के निगरानी के लिए जिम्मेदार होगा। इसके अलावा, एचईसीआई को डिग्री देने की अथॉरिटी और मानकों (norm) पर खरे न उतरने वाले संस्थानों को बंद करने की शक्ति मिलेगी। इस बदलाव के कारण कई छोटे और कमजोर संस्थान बंद हो सकते हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

समिति की चेतावनी

समिति ने यह चेतावनी दी है कि एचईसीआई के प्रस्तावित ढांचे से कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और कम शिक्षकों वाले संस्थान बंद हो सकते हैं। इन संस्थानों के पास इसके नए मानकों को पूरा करने के लिए जरूरी संसाधन नहीं हो सकते हैं, जिसके कारण यह संस्थान बंद हो जाएंगे। इससे ग्रामीण इलाकों में शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

ये खबर भी पढ़ें...

निजीकरण को मिलेगा बढ़ावा

समिति ने यह भी कहा कि एचईसीआई के गठन से निजीकरण को बढ़ावा मिल सकता है। यह बदलाव राज्य के द्वारा संचालित संस्थानों (operated institutions) के बजाय निजी संस्थानों की संख्या बढ़ा सकता है। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने यह संकेत दिया है कि, यह बदलाव शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी संस्थानों के महत्व को कम कर सकता है।

ये खबर भी पढ़ें...

समिति का सुझाव

बता दें कि, समिति ने यह सुझाव दिया है कि एचईसीआई के बजाय एक सरल और अधिक प्रभावी रेगुलेटरी ढांचा बनाना चाहिए। यह ढांचा अधिक पारदर्शी होगा और संस्थानों के बीच तारतम्यता (intonation) बनाए रखेगा। समिति का कहना है कि कई रेगुलेटर होने से शिक्षा संस्थानों के लिए मानकों को पूरा करना कठिन हो जाता है और इससे छात्रों के हितों को भी नुकसान हो सकता है।

ये खबर भी पढ़ें...

सुधार की आवश्यकता

समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि एचईसीआई जैसी यूनिफाइड रेगुलेटरी इकाई में सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि राज्य आधारित मुद्दों और चुनौतियों का उचित समाधान किया जा सके। शिक्षा मंत्रालय को इस बात का ध्यान रखना होगा कि एचईसीआई के गठन से राज्य स्तरीय संस्थानों (state level institutions) के अधिकारों पर असर न पड़े।

FAQ

  1. एचईसीआई क्या है और इसका क्या महत्व है?
    एचईसीआई, हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया है, जिसे उच्च शिक्षा के रेगुलेटर के रूप में स्थापित किया जा रहा है। यह संस्थान शिक्षा के मानकों, मान्यता और फंडिंग की निगरानी करेगा।
  2. एचईसीआई के तहत कौन से चार वर्टिकल होंगे?
    एचईसीआई के तहत चार वर्टिकल होंगे, जो संस्थानों की मान्यता, फंडिंग, शिक्षा के मानकों की निगरानी और डिग्री प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
  3. एचईसीआई के गठन से क्या निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा?
    समिति ने कहा है कि एचईसीआई के तहत निजी संस्थानों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे शिक्षा क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
  4. क्या एचईसीआई से ग्रामीण इलाकों में शिक्षा संस्थान बंद हो सकते हैं?
    समिति ने चेतावनी दी है कि एचईसीआई के नए मानकों के तहत कमजोर बुनियादी ढांचा और शिक्षकों की कमी वाले संस्थान बंद हो सकते हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में।

thesootr links

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

Tags:
  • नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति
  • AICTE
  • Education news
  • एजुकेशन न्यूज
  • National Education Policy-2020 (NEP-2020)
  • education
  • स्कूल बंद
  • UGC
  • देश दुनिया न्यूज
  • HECI
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग