क्या आपके SIM की होने वाली है नीलामी, Jio, Airtel और VI ने नीलामी के लिए आवेदन किया, जानें क्या है वजह
Dolly patil | May 09, 2024, 09:58 IST
SIM VI
टेलिकॉम ऑपरेटर्स रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने 6 जून से होने वाली स्पेक्ट्रम नीलामी में बोली लगाने के लिए आवेदन किया। लेकिन इस बार नीलामी में कोई नया नाम सामने नहीं आने वाला है।
BHOPAL. टेलिकॉम ऑपरेटर्स रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया ने 6 जून से होने वाली स्पेक्ट्रम नीलामी में बोली लगाने के लिए आवेदन किया है। वहीं इससे पहले 2022 में हुई नीलामी पर जियो ने सबसे ज्यादा 5G स्पेक्ट्रम पर 88,078 करोड़ रुपए खर्च किए थे। इसी के साथ अडाणी ग्रुप की कंपनी का नाम अचानक बोली लगाने वालों में सामने आया था । लेकिन इस बार नीलामी में कोई नया नाम सामने नहीं आने वाला है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2,300 मेगाहर्ट्ज, 2,500 मेगाहर्ट्ज, 3,300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड शामिल हैं। वहीं नीलामी में सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम को 96,317.65 करोड़ रुपए के बेस प्राइस पर नीलामी में रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक नीलामी में दिवालियेपन से गुजर रही कुछ कंपनियों के पास मौजूद स्पेक्ट्रम के अलावा 2024 में अवधि पूरी होने पर एक्सपायर होने वाले स्पेक्ट्रम को भी रखा जाएगा।
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) को इस बार नीलामी में टेलीकॉम ऑपरेटरों से ज्यादा अच्छे रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद नहीं है। दरअसल पिछले साल ही कंपनियों ने काफी सारा स्पेक्ट्रम खरीदा था। वहीं इस बार कंपनियों का फोकस उन स्पेक्ट्रम के टॉप अप पर होगा जो उनके ऑपरेशन में हैं और एक्सपायर होने जा रहे हैं। हालांकि टेलिकॉम डिपार्टमेंट को नीलामी से करीब 10,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।
भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को 1,800 MHz और 900 MHz के 4G बैंड में समाप्त होने वाले पुराने लाइसेंस को रिन्यू करेंगे। दरअसल एयरटेल को लगभग 4,200 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया को लगभग 1,950 करोड़ रुपए की एयरवेव्स ( airwaves ) को रिन्यू करना होगा।
ये खबर भी पढ़ें ....MP Weather : मध्य प्रदेश में मौसम का यू टर्न, 35 जिलों में बारिश का अलर्ट
10 मई से शुरू होगी Chardham Yatra, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के खुलेंगे कपाट
गूगल वॉलेट ऐप भारत में लॉन्च, तमाम कार्ड्स कर सकेंगे स्टोर
कमलेश्वर डोडियार BJP में जाएंगे MP के सबसे गरीब विधायक ने कर दिया ये बड़ा खुलासा
एयरवेव्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ( air waves electromagnetic spectrum ) के भीतर एक रेडियो फ्रीक्वेंसी हैं जो टेलिकॉम सहित कई सर्विसेज के लिए वायरलेस तरीके से सूचना ले जा सकती हैं। वहीं स्पेक्ट्रम को लो फ्रीक्वेंसी से लेकर हाई फ्रीक्वेंसी तक के बैंड में डिवाइड किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक हाई-फ्रीक्वेंसी वेव ज्यादा डेटा ले जाती हैं और लो-फ्रीक्वेंसी वेव की तुलना में काफी तेज होती हैं। लोअर-फ्रीक्वेंसी वेव वाइडर कवरेज प्रदान कर सकती हैं।
कितने बेस प्राइस पर होगी नीलामी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2,300 मेगाहर्ट्ज, 2,500 मेगाहर्ट्ज, 3,300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड शामिल हैं। वहीं नीलामी में सभी उपलब्ध स्पेक्ट्रम को 96,317.65 करोड़ रुपए के बेस प्राइस पर नीलामी में रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक नीलामी में दिवालियेपन से गुजर रही कुछ कंपनियों के पास मौजूद स्पेक्ट्रम के अलावा 2024 में अवधि पूरी होने पर एक्सपायर होने वाले स्पेक्ट्रम को भी रखा जाएगा।
DoT को कितने रुपए मिलने की उम्मीद
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (DoT) को इस बार नीलामी में टेलीकॉम ऑपरेटरों से ज्यादा अच्छे रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद नहीं है। दरअसल पिछले साल ही कंपनियों ने काफी सारा स्पेक्ट्रम खरीदा था। वहीं इस बार कंपनियों का फोकस उन स्पेक्ट्रम के टॉप अप पर होगा जो उनके ऑपरेशन में हैं और एक्सपायर होने जा रहे हैं। हालांकि टेलिकॉम डिपार्टमेंट को नीलामी से करीब 10,000 करोड़ रुपए मिलने की उम्मीद है।
वोडाफोन और एयरटेल को करना होगा लाइसेंस रिन्यू
भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को 1,800 MHz और 900 MHz के 4G बैंड में समाप्त होने वाले पुराने लाइसेंस को रिन्यू करेंगे। दरअसल एयरटेल को लगभग 4,200 करोड़ रुपए और वोडाफोन आइडिया को लगभग 1,950 करोड़ रुपए की एयरवेव्स ( airwaves ) को रिन्यू करना होगा।
ये खबर भी पढ़ें ....MP Weather : मध्य प्रदेश में मौसम का यू टर्न, 35 जिलों में बारिश का अलर्ट
10 मई से शुरू होगी Chardham Yatra, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के खुलेंगे कपाट
गूगल वॉलेट ऐप भारत में लॉन्च, तमाम कार्ड्स कर सकेंगे स्टोर
कमलेश्वर डोडियार BJP में जाएंगे MP के सबसे गरीब विधायक ने कर दिया ये बड़ा खुलासा
स्पेक्ट्रम क्या है और ये कैसे काम करता है?
एयरवेव्स इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ( air waves electromagnetic spectrum ) के भीतर एक रेडियो फ्रीक्वेंसी हैं जो टेलिकॉम सहित कई सर्विसेज के लिए वायरलेस तरीके से सूचना ले जा सकती हैं। वहीं स्पेक्ट्रम को लो फ्रीक्वेंसी से लेकर हाई फ्रीक्वेंसी तक के बैंड में डिवाइड किया जा सकता है। जानकारी के मुताबिक हाई-फ्रीक्वेंसी वेव ज्यादा डेटा ले जाती हैं और लो-फ्रीक्वेंसी वेव की तुलना में काफी तेज होती हैं। लोअर-फ्रीक्वेंसी वेव वाइडर कवरेज प्रदान कर सकती हैं।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava