Owaisi को टक्कर देने वाली कौन हैं कट्टर हिंदू नेता Madhavi Lata, जानिए
BP shrivastava | Mar 05, 2024, 17:43 IST
बीजेपी ने हैदराबाद लोकसभा सीट पर एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ माधवी लता को प्रत्याशी बनाया है।
आगामी लोकसभा चुनाव में इस बार हैदराबाद यानी ओवैसी के गढ़ में बीजेपी ने नए चेहरे को मौका दिया है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को बीजेपी की माधवी लता कड़ी टक्कर दे सकती हैं। परिणाम कुछ भी हो लेकिन मुकाबला दिलचस्प जरूर होगा।
HYDERABAD. भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए 195 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट शनिवार, 2 फरवरी को जारी की। इस लिस्ट में कई फिल्मी सितारों समेत अन्य क्षेत्रों की दिग्गज हस्तियों को भी मैदान में उतारने का ऐलान किया गया है। बीजेपी ने अपनी इस लिस्ट में हैदराबाद संसदीय सीट से असदुद्दीन ओवैसी ( Owaisi ) के सामने एक महिला प्रत्याशी को उतारा है। ये दोनों नेता अपने क्षेत्र में खासे सक्रिय रहते हैं, ऐसे में यहां की चुनावी जंग पर सभी की नजर रहेगी।
चर्चित नेता और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ बीजेपी ने मजबूत चेहरा उतार कर चुनाव को दिलचस्प बनाने की कोशिश की है। बीजेपी ने तेलंगाना की चर्चित हैदराबाद लोकसभा सीट पर कोम्पेला माधवी लता को टिकट दिया है। हैदराबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी सांसद हैं और पिछले 40 सालों से यहां पर वह या उनकी पार्टी लगातार जीतती आ रही है। उनको चुनौती देना किसी भी दल के लिए अब तक आसान नहीं रहा है।
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हैदराबाद सीट पर साल 1984 से ही ओवैसी परिवार का दबदबा बना हुआ है। असदुद्दीन ओवैसी से पहले उनके पिता सुल्तान सलाउद्दीन ओवैसी साल 1984 में पहली बार इस सीट से बतौर निर्दलीय सांसद चुने गए थे। फिर वह एआईएमआईएम पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे और 2004 तक वह सांसद रहे। उन्होंने 1984, 1989, 1991, 1996, 1998 और 1999 में चुनाव में जीत हासिल की थी।
उनके बाद असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद सीट से चुनाव लड़ने लगे। असदुद्दीन 2004 में पहली बार यहां से सांसद चुने गए। वह तब से यहां पर सांसद बने हुए हैं। ओवैसी 2004, 2009, 2014 और 2019 में हैदराबाद सीट से जीत हासिल करते आ रहे हैं। 40 साल से लगातार जीत की वजह से हैदराबाद सीट को ओवैसी का गढ़ माना जाता है।
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ओवैसी के गढ़ में बीजेपी ने इस बार नए चेहरे को मौका दिया है। उन्होंने पहली बार महिला प्रत्याशी के रूप में माधवी लता को टिकट दिया है। माधवी यहां पर विरिंची हॉस्पिटल चलाती हैं और इसकी चेयरपर्सन भी हैं। वह हैदराबाद में कट्टर हिंदुत्व का चेहरा हैं। ओवैसी का भी अपना हॉस्पिटल है। माधवी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। अस्पताल चलाने के साथ ही मालती भरतनाट्यम में भी पारंगत हैं। साथ में भरतनाट्यम भी सिखाती हैं।
माधवी लता हैदराबाद में सामाजिक कामों में भी खासी सक्रिय रहती है। वह लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट और लतामा फाउंडेशन में ट्रस्टी हैं। हेल्थकेयर और शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रही हैं।
बीजेपी ने 2019 के चुनाव में हैदराबाद सीट से पहले डॉक्टर भगवंत राव को मैदान में उतारा था। उन्होंने ओवैसी को टक्कर दी, लेकिन 2,82,186 मतों के अंतर से ओवैसी मुकाबला जीत गए। ओवैसी को 517,471 वोट मिले तो राव के खाते में 2,35,285 वोट आए थे। यहां पर टीआरएस के प्रत्याशी को 63,239 वोट तो कांग्रेस के फिरोज खान को 49,944 वोट मिले थे।
बीजेपी ने हैदराबाद से माधवी लता को दिया टिकट
चर्चित नेता और एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ बीजेपी ने मजबूत चेहरा उतार कर चुनाव को दिलचस्प बनाने की कोशिश की है। बीजेपी ने तेलंगाना की चर्चित हैदराबाद लोकसभा सीट पर कोम्पेला माधवी लता को टिकट दिया है। हैदराबाद सीट से असदुद्दीन ओवैसी सांसद हैं और पिछले 40 सालों से यहां पर वह या उनकी पार्टी लगातार जीतती आ रही है। उनको चुनौती देना किसी भी दल के लिए अब तक आसान नहीं रहा है।
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हैदराबाद सीट पर 1984 से ओवैसी परिवार की पकड़
हैदराबाद सीट पर साल 1984 से ही ओवैसी परिवार का दबदबा बना हुआ है। असदुद्दीन ओवैसी से पहले उनके पिता सुल्तान सलाउद्दीन ओवैसी साल 1984 में पहली बार इस सीट से बतौर निर्दलीय सांसद चुने गए थे। फिर वह एआईएमआईएम पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे और 2004 तक वह सांसद रहे। उन्होंने 1984, 1989, 1991, 1996, 1998 और 1999 में चुनाव में जीत हासिल की थी।
उनके बाद असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद सीट से चुनाव लड़ने लगे। असदुद्दीन 2004 में पहली बार यहां से सांसद चुने गए। वह तब से यहां पर सांसद बने हुए हैं। ओवैसी 2004, 2009, 2014 और 2019 में हैदराबाद सीट से जीत हासिल करते आ रहे हैं। 40 साल से लगातार जीत की वजह से हैदराबाद सीट को ओवैसी का गढ़ माना जाता है।
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कट्टर हिंदुत्व का चेहरा माधवी लता
ओवैसी के गढ़ में बीजेपी ने इस बार नए चेहरे को मौका दिया है। उन्होंने पहली बार महिला प्रत्याशी के रूप में माधवी लता को टिकट दिया है। माधवी यहां पर विरिंची हॉस्पिटल चलाती हैं और इसकी चेयरपर्सन भी हैं। वह हैदराबाद में कट्टर हिंदुत्व का चेहरा हैं। ओवैसी का भी अपना हॉस्पिटल है। माधवी सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हैं। अस्पताल चलाने के साथ ही मालती भरतनाट्यम में भी पारंगत हैं। साथ में भरतनाट्यम भी सिखाती हैं।
सामाजिक कामों में भी सक्रिय है माधवी लता
माधवी लता हैदराबाद में सामाजिक कामों में भी खासी सक्रिय रहती है। वह लोपामुद्रा चैरिटेबल ट्रस्ट और लतामा फाउंडेशन में ट्रस्टी हैं। हेल्थकेयर और शिक्षा के क्षेत्र में भी लगातार काम कर रही हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने डॉ. भगवंत राव को उतारा था
बीजेपी ने 2019 के चुनाव में हैदराबाद सीट से पहले डॉक्टर भगवंत राव को मैदान में उतारा था। उन्होंने ओवैसी को टक्कर दी, लेकिन 2,82,186 मतों के अंतर से ओवैसी मुकाबला जीत गए। ओवैसी को 517,471 वोट मिले तो राव के खाते में 2,35,285 वोट आए थे। यहां पर टीआरएस के प्रत्याशी को 63,239 वोट तो कांग्रेस के फिरोज खान को 49,944 वोट मिले थे।
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