NCERT की नई किताब में बाबर की बर्बरता, नरसंहार का इतिहास पढ़ेंगे 8वीं के छात्र
Sanjeet kumar dhurwey | Jul 16, 2025, 23:19 IST
Photograph: (the sootr)
NCERT की नई कक्षा 8वीं की किताब में मुगलों के शासनकाल की क्रूरता और उनकी कला को शामिल किया गया है। बाबर, अकबर और औरंगजेब की डार्क साइड अब छात्रों को पढ़ाए जाएंगे।
NCERT ने 2025-26 सत्र के लिए कक्षा 8वीं की पॉलिटिकल साइंस किताब में बदलाव किए हैं। अब छात्रों को मुगलों के शासनकाल के दौरान उनकी क्रूरता और अत्याचार को एक साथ पढ़ाया जाएगा। बाबर, अकबर और औरंगजेब के शासन के अंधेरे पक्ष पर ध्यान दिया जाएगा।
नई किताब में मुगलों के इतिहास को एक बैलेंस्ड तरीके से पेश किया गया है। इस किताब में बाबर, अकबर और औरंगजेब के शासनकाल को न केवल उनकी कला, संस्कृति, और बुद्धिमत्ता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, बल्कि उनकी क्रूरता, नरसंहार, और धार्मिक हिंसा को भी उजागर किया गया है।
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नई किताब में बाबर को कविता, वास्तुकला और प्रकृति प्रेमी के रूप में दर्शाया गया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि बाबर ने शहरों को लूटा और महिलाओं और बच्चों को गुलाम बनाया। बाबर का सबसे चर्चित कृत्य था "खोपड़ियों का टावर", जो उसने युद्धों में अपने दुश्मनों की खोपड़ियों से बनवाया था। यह सब बाबर की आत्मकथा "बाबरनामा" से लिया गया है।
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नई किताब में यह भी उल्लेख किया गया है कि मुगलों के खिलाफ विभिन्न समुदायों ने विद्रोह किए थे। इन विद्रोहों में जाट किसानों, भिल, गोंड, संथाल और कोच जनजातियों के संघर्षों का उल्लेख है। इन समुदायों ने अपनी जमीन और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष किया। इसके अलावा, औरंगजेब की सेना के खिलाफ असम के अहोम समुदाय के प्रतिरोध को भी हाइलाइट किया गया है।
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मुगलों के इतिहास को किया बैलेंस्ड
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बाबर की क्रूरता और खोपड़ियों का टावर
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अकबर: नागरिकों के साथ क्रूरता
अकबर के बारे में किताब में दोनों पहलुओं को बताया है। इसकी शुरुआत में उसकी क्रूरता। अकबर ने चित्तौड़ किले पर कब्जा किया था, तब उसकी उम्र 25 साल थी। तब उसने 30,000 नागरिकों का नरसंहार किया और महिलाओं-बच्चों को गुलाम बना लिया। कुछ समय बाद उसने शांति की दिशा में कदम बढ़ाया। धार्मिक सहिष्णुता को अपनाया। अकबर ने अपने बयानों में स्वीकार किया था कि वह काफिरों के किलों पर कब्जा कर इस्लाम स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे।
समझें नई NCERT किताब में क्या-क्या रहेगा शामिलमुगल का इतिहास: NCERT ने मुगलों के इतिहास को अब संतुलित रूप में प्रस्तुत किया है। किताब में बाबर, अकबर और औरंगजेब के शासनकाल की कला, संस्कृति और क्रूरता दोनों ही दर्शाई गई हैं।बाबर की क्रूरता: बाबर को एक कवि, कला प्रेमी और प्रकृति प्रेमी के रूप में दर्शाया गया है। जबकि इसमें उसकी क्रूरता को भी उजागर किया गया है। उसने युद्धों में अपने दुश्मनों की खोपड़ियों से एक "खोपड़ियों का टावर" बनवाया था, जो उसकी बर्बरता का प्रतीक था। अकबर की क्रूरता: अकबर की शुरुआत क्रूरता से हुई थी, जैसे चित्तौड़ किले पर कब्जा करना और 30,000 नागरिकों का नरसंहार। हालांकि, कुछ समय बाद अकबर ने शांति की दिशा में कदम बढ़ाया और धार्मिक सहिष्णुता अपनाई। औरंगजेब की धार्मिक हिंसा: औरंगजेब के शासनकाल में कई मंदिरों और धार्मिक स्थलों को नष्ट किया गया। इनमें बनारस, मथुरा और सोमनाथ के मंदिर हैं। इसके अलावा, उसने सूफी और पारसी समुदायों का उत्पीड़न भी किया। मुगलों के खिलाफ विद्रोह: किताब में यह भी बताया गया है कि मुगलों के खिलाफ विभिन्न समुदायों ने विद्रोह किए थे। इसमें जाट किसानों, भिल, गोंड, संथाल, और कोच जनजातियों के संघर्षों का उल्लेख किया गया है। इन विद्रोहों का उद्देश्य अपनी भूमि और स्वतंत्रता की रक्षा था। | |
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औरंगजेब: मंदिरों का विध्वंस और धार्मिक हिंसा
औरंगजेब के बारे में नई किताब में यह बताया गया है कि उसने अपने शासनकाल में कई मंदिरों, जैन मंदिरों, और सिख गुरुद्वारों को नष्ट किया। विशेष रूप से, उसने बनारस, मथुरा और सोमनाथ जैसे प्रमुख मंदिरों को नष्ट किया और सूफी तथा पारसी समुदायों का उत्पीड़न किया।
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मुगलों के खिलाफ उठी आवाजें
FAQ सामान्य
- नई NCERT किताब में मुगलों के शासन के बारे में क्या बदलाव किए गए हैं?
नई NCERT किताब में मुगलों के शासनकाल को न केवल उनके उज्जवल पहलुओं (जैसे कला और संस्कृति) के साथ, बल्कि उनके अंधेरे पहलुओं (जैसे क्रूरता, नरसंहार और धार्मिक हिंसा) के साथ भी प्रस्तुत किया गया है। किताब में बाबर, अकबर, और औरंगजेब के शासनकाल को विस्तार से समझाया गया है। - क्या अकबर के शासनकाल में कोई नरसंहार हुआ था?
हां, अकबर के शासनकाल में चित्तौड़ किले पर कब्जा करते वक्त उसने 30,000 नागरिकों का नरसंहार किया और महिलाओं-बच्चों को गुलाम बनाया। हालांकि, कुछ समय बाद उसने शांति और धार्मिक सहिष्णुता की दिशा में कदम बढ़ाए। - औरंगजेब ने किन मंदिरों को नष्ट किया?
औरंगजेब ने कई प्रमुख मंदिरों को नष्ट किया, जिनमें बनारस, मथुरा और सोमनाथ के मंदिर शामिल थे। इसके अलावा, उसने जैन मंदिरों और सिख गुरुद्वारों को भी नष्ट किया और सूफी तथा पारसी समुदायों का उत्पीड़न किया।
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