सुप्रीम कोर्ट में बोली सरकार: पेट्रोल में एथेनॉल की 20% मिलावट अभी प्रयोग

Jitendra Shrivastava | Jun 30, 2026, 16:27 IST
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पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण अभी प्रयोग
Photograph: (THESOOTR)

NEW DELHI. सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने माना कि पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण अभी एक्सपेरिमेंट है। नतीजे अगले साल आएंगे। BPCL की याचिका पर सुनवाई हुई। 2030 तक 30% का टारगेट है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • पेट्रोल में एथेनॉल मिला, पर नतीजे अभी बाकी हैं।
  • सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने माना- यह अभी एक्सपेरिमेंट है।
  • पुरानी गाड़ी है तो क्या E20 पेट्रोल नुकसान पहुंचाएगा?
  • 2030 तक 30 प्रतिशत एथेनॉल का टारगेट, क्या होगा असर?
  • एथेनॉल नीति पर सुप्रीम कोर्ट में क्यों पहुंची BPCL?
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाना अभी एक प्रयोग है। इसके नतीजे अगले साल तक सामने आएंगे। सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों को नुकसान होने के कोई ठोस सबूत नहीं हैं।

यह मामला BPCL की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। भारत 2030 तक पेट्रोल में 30 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य रख चुका है।

E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई

मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़ी बात सामने आई। केंद्र सरकार ने खुद माना कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का काम अभी पूरी तरह से पक्का नहीं हुआ है। यह एक चल रहा प्रयोग है। इसके नतीजे 2026 तक आने की उम्मीद है।

देश में इस मुद्दे पर काफी समय से बहस चल रही है। लोगों का डर है कि पुरानी गाड़ियों का इंजन खराब हो सकता है। सरकार ने इस डर को सिरे से नकारा। उसने कहा कि E20 पेट्रोल से इंजन को मैकेनिकल नुकसान होने के कोई पक्के सबूत नहीं मिले हैं।

अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा कोर्ट में?

अटॉर्नी जनरल (AG – Attorney General) आर वेंकटरमणी ने कोर्ट में यह बातें कहीं। वे BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड – Bharat Petroleum Corporation Limited) की याचिका पर बहस कर रहे थे।

उन्होंने साफ कहा कि एथेनॉल नीति देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए जरूरी है। यह किसानों की आमदनी बढ़ाने में मदद करती है। साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे से जुड़ी कई याचिकाएं अलग-अलग हाई कोर्ट में चल रही हैं।

BPCL की याचिका क्यों आई सुप्रीम कोर्ट?

कर्नाटक हाई कोर्ट ने 23 जून के अपने आदेश में तेल कंपनियों को एक निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि एथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग कर रही एक डिस्टिलरी के आवेदन पर फैसला लें। यह डिस्टिलरी चाहती थी कि निविदा अंतिम होने से पहले उसे ज्यादा एथेनॉल मिले।

BPCL को यह आदेश पसंद नहीं आया। कंपनी को डर था कि इससे सरकार की पूरी एथेनॉल नीति प्रभावित हो सकती है। इसलिए BPCL सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंची।

सुप्रीम कोर्ट ने एक सवाल भी पूछा। कोर्ट ने कहा, BPCL पहले कर्नाटक हाई कोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) के पास क्यों नहीं गई?

इस पर AG ने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि एथेनॉल सप्लाई के अनुबंध अक्टूबर 2025 में ही तय हो चुके थे। अब अगला रिन्यूवल अक्टूबर 2026 से पहले होना है। इसलिए जल्दी फैसला जरूरी है। AG ने ट्रांसफर पिटीशन दायर करने की अनुमति मांगी ताकि सभी हाई कोर्ट के मामले एक साथ सुने जा सकें।

2025 में टारगेट पूरा, 2030 के लिए नया लक्ष्य

भारत ने एथेनॉल मिश्रण के मामले में तय समय से 5 साल पहले ही बड़ी कामयाबी हासिल की। 2025 में ही 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य पूरा हो गया। यह टारगेट पहले 2030 के लिए तय था।

1 अप्रैल 2025 से देश भर में HPCL (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड- Hindustan Petroleum Corporation Limited), IOC (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन- Indian Oil Corporation) और BPCL ने E20 पेट्रोल की सप्लाई शुरू कर दी। अब अगला टारगेट 2030 तक पेट्रोल में 30 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का है।

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एथेनॉल नीति से क्या फायदे?

एथेनॉल मक्के, गन्ने और अन्य फसलों से बनता है। इसे पेट्रोल में मिलाने से कच्चे तेल का आयात कम होता है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होती है। किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलता है।

पर्यावरण की बात करें तो एथेनॉल जलने पर कम कार्बन उत्सर्जन होता है। यह जीवाश्म ईंधन की तुलना में ज्यादा साफ माना जाता है। इसीलिए सरकार इस नीति को आगे बढ़ाना चाहती है।

FAQ

  1. E20 पेट्रोल क्या है?
    E20 पेट्रोल वह ईंधन है जिसमें 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत एथेनॉल मिला होता है। यह पर्यावरण के लिए ज्यादा अनुकूल माना जाता है। भारत में 1 अप्रैल 2025 से इसकी देशव्यापी आपूर्ति शुरू हुई।
  2. क्या E20 पेट्रोल पुरानी गाड़ियों को नुकसान पहुंचाता है?
    सरकार के अनुसार E20 पेट्रोल से पुरानी गाड़ियों के इंजन को नुकसान होने के कोई ठोस सबूत अभी तक नहीं मिले हैं। यह प्रयोग अभी जारी है और 2026 तक नतीजे सामने आने की उम्मीद है। तब तक सतर्कता बरतना जरूरी है।
  3. भारत का 2030 तक एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य क्या है?
    भारत सरकार ने 2030 तक पेट्रोल में 30 प्रतिशत एथेनॉल मिलाने का टारगेट तय किया है। 20 प्रतिशत का लक्ष्य पहले ही 2025 में हासिल हो चुका है। यह नीति देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और किसानों की आमदनी दोनों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
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