आज के मन की बात में पीएम मोदी ने आखिर क्यों कहा शुगर कम खाओ
Anjali Dwivedi | Mar 29, 2026, 19:43 IST
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पीएम मोदी ने मन की बात में फिटनेस और कम शुगर-तेल के सेवन पर जोर दिया। आईसीएमआर और विशेषज्ञों के अनुसार, थाली में प्रोटीन बढ़ाकर और सफेद चावल-मैदा कम करके डायबिटीज के खतरे को टाला जा सकता है।
आज रविवार 29 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वें एपिसोड में फिटनेस पर विशेष जोर दिया। पीएम मोदी ने सभी देशवासियों से सेहत को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि जीवनशैली और खानपान में सुधार से कई बीमारियां दूर होंगी।
इसी के उन्होंने आहार में चीनी और तेल कम करने की सलाह दी। नियमित व्यायाम को उन्होंने स्वास्थ्य का सबसे बड़ा आधार बताया। पीएम मोदी ने प्रत्येक नागरिक को सेहत के प्रति सजग किया। उन्होंने चीनी और खाने के तेल में कटौती करने को कहा। उनका कहना है तेल के उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत कमी करें।
यह छोटा बदलाव आपको मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों को रोकेगा। फिटनेस का लाभ केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता है। इससे पूरे परिवार और समाज की उन्नति सुनिश्चित होती है। उन्होंने योग और संतुलित आहार को अपनाने का सुझाव दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने एक कमेंट का जिक्र किया। उन्होंने इंस्टाग्राम क्रिएटर युवराज दुआ के पोस्ट पर चर्चा की। युवराज ने पीएम से एक खास अनुरोध किया था। उन्होंने अपने पिता की चीनी कम करवाने की मांग की। पीएम ने बताया कि उनके जवाब का बड़ा असर हुआ। युवराज के पिता ने अब चीनी खाना कम कर दिए। इससे प्रधानमंत्री ने बेहद खुशी और संतोष व्यक्त किया।
पीएम मोदी ने देशवासियों से चीनी कम करने की अपील की। उन्होंने खाने के तेल में 10 प्रतिशत कटौती को कहा। ये छोटे बदलाव मोटापे और बीमारियों को दूर रखेंगे। फिटनेस केवल व्यक्तिगत लाभ का विषय नहीं है। इससे पूरे परिवार और समाज को लाभ मिलता है। उन्होंने रोजाना योग और संतुलित खानपान की सलाह दी। व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है।
डायबिटीज (मधुमेह) एक ऐसी लंबी चलने वाली बीमारी है, जिसमें हमारे खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। ऐसा तब होता है जब शरीर में इंसुलिन ठीक से नहीं बनता या काम नहीं करता, जिससे खाने से मिलने वाली शुगर शरीर को ऊर्जा नहीं दे पाती। अच्छी बात यह है कि सही खान-पान, नियमित एक्सरसाइज और सही समय पर दवाइयां लेकर इसे आसानी से काबू में रखा जा सकता है।
डायबिटीज से बचने के लिए अक्सर मरीजों को सिर्फ मीठी चीजों से बचने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई चीजें मीठी न होने के बावजूद शुगर लेवल बढ़ा देती हैं? जानकारी के अभाव में डायबिटिक लोग इनका सेवन करते हैं और अपनी परेशानियां बढ़ा लेते हैं।
ऐसी कई चीजें हैं जो बाहर से हेल्दी दिखती हैं, लेकिन शरीर के अंदर जाकर चीनी की तरह ही नुकसान पहुंचाती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 चीजों के बारें में जो हेल्दी दिखती हैं लेकिन चीनी की तरह ही ब्लड शुगर बढ़ा सकती है.
Diabetes भी आम समस्या बनती जा रही है। यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुकी है। हर साल लाखों लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के आंकड़ों के अनुसार, कई बड़े देशों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में लगभग 74.2 मिलियन लोग डायबिटीज के मरीज हैं, जो इसे दुनिया में दूसरा सबसे प्रभावित देश बनाता है।
ICMR डेटा के अनुसार, भारतीय डाइट हैबिट में औसतन सिर्फ 12% कैलोरी प्रोटीन से आती है। जबकि प्रोटीन 15% तक होना चाहिए। ज्यादातर प्रोटीन दाल, अनाज या फलियों जैसे पौधों से ही मिलता है।
दूध से सिर्फ 2% और मांस-मछली जैसे जानवरों से केवल 1% प्रोटीन ही आता है।प्रोटीन की कम मात्रा स्किन, बाल, मसल्स और इम्यूनिटी पर असर डाल सकती है।
कुल फैट की मात्रा तो सीमित है, लेकिन सैचुरेटेड फैट जरूरत से ज्यादा है। नट्स, सीड्स, या फिश से मिलने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स की मात्रा बेहद कम है।
यही वजह है कि कोलेस्ट्रॉल, दिल के रोग और कई मेटाबोलिक रिस्क फैक्टर बढ़ जाते हैं। स्वस्थ रहने के लिए हमें हेल्दी फैट वाले खाने जैसे नट्स, अखरोट और अलसी को थाली में जोड़ना चाहिए। इन फेरबदल से शरीर को सही न्यूट्रिशन मिलता है।
आईसीएमआर के एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर सिर्फ 5% कैलोरी भी कार्ब्स कम करके प्रोटीन बढ़ाएं, तो डायबिटीज और प्रीडायबिटीज का खतरा कम हो सकता है। प्लेट में रोज दाल, फलियां, दूध, दही और पनीर जैसी चीजें शामिल करें।
अंडा, मछली, हरी पत्तेदार सब्जी भी हेल्दी चॉइस हैं। रेड मीट या फैट बढ़ाने का कोई खास फायदा नहीं मिलता।
पानी ज्यादा पिएं, मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
ICMR के डॉ. राजीव बंसल कहते हैं - पोषक तत्वों के लिए खाने में बदलाव लाना हर किसी के लिए जरूरी है। थाली में गेहूं-चावल की जगह मोटे अनाज और दालें ही असली हेल्थ लौटा सकते हैं।"
MDRF की डॉ. वी मोहन बताती हैं- "सफेद चावल और रोटी की मात्रा घटा दें और दाल, दूध को बढ़ाएं, इससे डायबिटीज व दिल संबंधी खतरा कम होता है।
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इसी के उन्होंने आहार में चीनी और तेल कम करने की सलाह दी। नियमित व्यायाम को उन्होंने स्वास्थ्य का सबसे बड़ा आधार बताया। पीएम मोदी ने प्रत्येक नागरिक को सेहत के प्रति सजग किया। उन्होंने चीनी और खाने के तेल में कटौती करने को कहा। उनका कहना है तेल के उपयोग में कम से कम 10 प्रतिशत कमी करें।
यह छोटा बदलाव आपको मोटापा और डायबिटीज जैसी बीमारियों को रोकेगा। फिटनेस का लाभ केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता है। इससे पूरे परिवार और समाज की उन्नति सुनिश्चित होती है। उन्होंने योग और संतुलित आहार को अपनाने का सुझाव दिया।
पीएम मोदी ने शुगर का जिक्र क्यों किया
पीएम मोदी ने देशवासियों से चीनी कम करने की अपील की। उन्होंने खाने के तेल में 10 प्रतिशत कटौती को कहा। ये छोटे बदलाव मोटापे और बीमारियों को दूर रखेंगे। फिटनेस केवल व्यक्तिगत लाभ का विषय नहीं है। इससे पूरे परिवार और समाज को लाभ मिलता है। उन्होंने रोजाना योग और संतुलित खानपान की सलाह दी। व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करना बेहद जरूरी है।
डायबिटीज है क्या ?
डायबिटीज से बचने के लिए अक्सर मरीजों को सिर्फ मीठी चीजों से बचने की सलाह दी जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई चीजें मीठी न होने के बावजूद शुगर लेवल बढ़ा देती हैं? जानकारी के अभाव में डायबिटिक लोग इनका सेवन करते हैं और अपनी परेशानियां बढ़ा लेते हैं।
ऐसी कई चीजें हैं जो बाहर से हेल्दी दिखती हैं, लेकिन शरीर के अंदर जाकर चीनी की तरह ही नुकसान पहुंचाती हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 चीजों के बारें में जो हेल्दी दिखती हैं लेकिन चीनी की तरह ही ब्लड शुगर बढ़ा सकती है.
इन प्रोडक्ट में शुगर ज्यादा होता है
- सफेद चावल (White Rice): यह स्वाद में मीठा नहीं होता, फिर भी ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है। रोज ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
- आलू (Potato): इसमें स्टार्च की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसका हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर को ट्रिगर कर सकता है, इसलिए डायबिटीज में यह नुकसानदेह है।
- मैदा (Refined Flour): मैदे से बने सफेद ब्रेड, बिस्कुट, पास्ता या समोसे शुगर लेवल बढ़ाते हैं। इनमें पोषक तत्वों की कमी होती है और ये सेहत बिगाड़ सकते हैं।
- तला-भुना खाना (Fried Foods): ज्यादा तेल और मसाले वाली चीजें अनहेल्दी होती हैं। इनसे न केवल ब्लड शुगर बढ़ता है, बल्कि कब्ज और पाचन की समस्या भी हो सकती है।
- प्रोसेस्ड फूड्स: मैदे और चीनी के मिश्रण वाले फूड्स शुगर कंट्रोल करना मुश्किल कर देते हैं। इनसे परहेज करना ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार है।
भारत के कितने लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के आंकड़ों के अनुसार, कई बड़े देशों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। भारत में लगभग 74.2 मिलियन लोग डायबिटीज के मरीज हैं, जो इसे दुनिया में दूसरा सबसे प्रभावित देश बनाता है।
प्रोटीन कम, इसलिए बिगड़ रही है सेहत
दूध से सिर्फ 2% और मांस-मछली जैसे जानवरों से केवल 1% प्रोटीन ही आता है।प्रोटीन की कम मात्रा स्किन, बाल, मसल्स और इम्यूनिटी पर असर डाल सकती है।
डाइट में फैट और हेल्दी फैट का रोल
यही वजह है कि कोलेस्ट्रॉल, दिल के रोग और कई मेटाबोलिक रिस्क फैक्टर बढ़ जाते हैं। स्वस्थ रहने के लिए हमें हेल्दी फैट वाले खाने जैसे नट्स, अखरोट और अलसी को थाली में जोड़ना चाहिए। इन फेरबदल से शरीर को सही न्यूट्रिशन मिलता है।
कैसे लाएं खाने में संतुलन: आसान बदलाव
अंडा, मछली, हरी पत्तेदार सब्जी भी हेल्दी चॉइस हैं। रेड मीट या फैट बढ़ाने का कोई खास फायदा नहीं मिलता।
पानी ज्यादा पिएं, मीठा और प्रोसेस्ड फूड कम करें।
रोजाना की थाली को कैसे बनाएं बैलेंस्ड?
- अनाज बदलें : गेहूं, चावल की बजाय ज्वार, बाजरा या रागी जैसे मिलेट्स प्रोडक्ट को अपनाएं।
- प्रोटीन जोड़ें : दाल, पनीर, दही, बीज रोज शामिल करें।
- रिफाइंड चीजें कम लें : मैदा, तला खाना और ठंडा पेय कम करें।
- सब्जियां और मिलेट मिलाएं : साग, मूंग, अंकुरित दाल से न्यूट्रिशन और फाइबर मिले।
- चीनी सीमित करें : कोशिश करें कि खाने में चीनी की मात्रा 5% से ज्यादा न हो।
ICMR और MDRF के एक्सपर्ट्स की राय
MDRF की डॉ. वी मोहन बताती हैं- "सफेद चावल और रोटी की मात्रा घटा दें और दाल, दूध को बढ़ाएं, इससे डायबिटीज व दिल संबंधी खतरा कम होता है।
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मन की बात में पीएम मोदी बोले-पड़ोस में युद्ध चल रहा है, अफवाहों से बचें, संयम बनाए रखें
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अशोक खरात की सफाई- महिलाओं के साथ जो किया, वो धार्मिक विधि थी, जानें पूरी कुंडली
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