युवाओं को समझाने नहीं, सुनने निकलेगा संघ: प्रांत स्तर पर करेगा संवाद

Amresh Kushwaha | Aug 10, 2026, 15:28 IST
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संघ का मिशन Gen-Z
संघ का मिशन Gen-Z

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब जेन जी की सोच और शिकायतें समझने जा रहा है। इसके लिए 15 अगस्त के बाद प्रांत स्तर पर युवा सम्मेलन होंगे। यह पहल 2027 में होने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हो रही है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अब जेन जी के मुद्दे समझने की तैयारी में है।
  • 15 अगस्त के बाद प्रचारक युवाओं से सीधा संवाद करेंगे।
  • यह पहल 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले शुरू हो रही है।
  • संघ प्रमुख मोहन भागवत पहले ही मुंबई में युवाओं से मिल चुके हैं।
  • अब प्रांत स्तर पर कई युवा सम्मेलन होने वाले हैं।

जेन जी से सीधा संवाद करेगा संघ

सोशल मीडिया के इस दौर में जेन जी के सवाल अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के एजेंडे में शामिल हो गए हैं। यह पीढ़ी पुरानी व्यवस्थाओं को तर्क की कसौटी पर परखती है। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी बेबाकी से राय रखती है। संघ अब इसी सोच को समझने के लिए सीधे युवाओं के बीच जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस के बाद शुरू होगा संवाद

स्वतंत्रता दिवस के बाद संघ के प्रचारक जेन जी से बातचीत शुरू करेंगे। वे यह समझने की कोशिश करेंगे कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों को लेकर युवाओं के मन में क्या सवाल हैं। शासन व्यवस्था को लेकर भी उनकी शिकायतें जानी जाएंगी।

इस संवाद से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर संघ अपनी युवा रणनीति नए सिरे से तैयार करेगा। खास बात यह है कि इस बार पहले युवाओं की बात सुनी जाएगी। उसके बाद ही उन्हें अपनी बात समझाई जाएगी।

2027 के चुनाव अहम वजह

साल 2027 में कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब शामिल हैं। गुजरात, गोवा और मणिपुर में भी चुनाव प्रस्तावित हैं। युवा मतदाताओं का रुख इन चुनावों के नतीजे तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। इसी वजह से संघ जेन जी को लेकर पहले से सतर्क हो गया है।

जंतर मंतर के प्रदर्शन ने बढ़ाई गंभीरता

पिछले जून जुलाई में दिल्ली के जंतर मंतर पर जेन जी का प्रदर्शन हुआ था। इस प्रदर्शन को देशभर से भारी समर्थन मिला था। इसके बाद राजनीतिक दलों के साथ संघ का ध्यान भी इस वर्ग की तरफ गया। युवाओं की यह सक्रियता संघ के लिए गंभीर संकेत मानी जा रही है। यही वजह है कि अब सीधा संवाद जरूरी समझा गया।

मुंबई में हुई शुरुआत

छह अगस्त को मुंबई में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जेन जी और जेन अल्फा से मुलाकात की थी। इस संवाद को इस पूरी पहल की शुरुआत माना जा रहा है। संघ प्रमुख ने युवाओं की शिकायतों को जायज बताया था। उन्होंने कहा था कि युवाओं की बात सुनी जानी जरूरी है। इसी सोच के बाद अब प्रांत स्तर पर सीधे संवाद की तैयारी शुरू हो गई है।

कई प्रांतों में होंगे युवा सम्मेलन

संघ का गुरु दक्षिणा कार्यक्रम इसी दौरान होने वाला है। 15 अगस्त के बाद कई प्रांतों में युवा सम्मेलन आयोजित होंगे। इनमें कानपुर, काशी, गोरक्ष और अवध प्रांत शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और ब्रज प्रांत में भी सम्मेलन होंगे। इन सम्मेलनों में खासतौर पर जेन जी से संवाद किया जाएगा। संघ की कोशिश उन युवाओं तक पहुंचने की भी है जो किसी संगठन से सीधे नहीं जुड़े। लेकिन सोशल मीडिया पर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रहते हैं।

जेन अल्फा पर भी नजर

इस पूरे अभियान में जेन अल्फा को भी अहम माना जा रहा है। संघ की लंबी रणनीति में यह पीढ़ी आने वाले सालों में बड़ी भूमिका निभाएगी। यह पीढ़ी सामाजिक विमर्श और सार्वजनिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। संघ चाहता है कि इस पीढ़ी को समय रहते अपनी विचारधारा से परिचित कराया जाए। इससे भविष्य में जुड़ाव की जमीन भी तैयार होगी।

एक्सपर्ट का वर्जन

संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक ने इस पूरी योजना पर अपनी बात रखी। उनके मुताबिक किशोर गण और तरुण गण शाखाओं के जरिए युवाओं तक पहुंच पहले से ही रही है। शताब्दी वर्ष में युवा सम्मेलनों की योजना करीब तीन साल पहले ही बना ली गई थी।

उनके अनुसार बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल में इसका महत्व अब और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि तकनीक और सोशल मीडिया ने युवाओं के सोचने और प्रतिक्रिया देने का तरीका बदल दिया है। उनके मुताबिक जेन जी को सिर्फ जोड़ना काफी नहीं है। उनके सवालों को सुनना और जवाब देना भी उतना ही जरूरी है।

आगे की रणनीति

15 अगस्त के बाद शुरू होने वाले यह सम्मेलन सिर्फ संपर्क कार्यक्रम नहीं होंगे। यह संघ के लिए युवाओं की बदलती सोच समझने का बड़ा माध्यम भी बनेंगे। मिलने वाले फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। यह पूरी कवायद 2027 के चुनावों से पहले खास मानी जा रही है। आने वाले महीनों में इसका असर सामाजिक और राजनीतिक चर्चाओं में दिख सकता है।

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