सार्वजनिक जगहों से हटेंगे आवारा कुत्ते, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Manya Jain | May 19, 2026, 12:07 IST
sc order to remove stray dogs public places
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को सार्वजनिक जगहों जैसे स्कूल, अस्पताल और स्टेशनों से हटाने के अपने पुराने आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने डॉग लवर्स की सभी आपत्तियों को खारिज करते हुए इंसानी जीवन की सुरक्षा को सबसे ऊपर माना है।
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
- सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया है।
- डॉग लवर्स की ओर से दायर सभी याचिकाओं को कोर्ट ने खारिज कर दिया गया है।
- अस्पताल, स्कूल और स्टेशनों जैसे सार्वजनिक क्षेत्रों को कुत्ता मुक्त किया जाएगा।
- अदालत ने कहा कि लोगों को बिना डर के जीने का पूरा कानूनी अधिकार है।
- लापरवाही बरतने वाले नगर निगम के अधिकारियों पर अब अवमानना की कार्रवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर सुनाया बड़ा फैसला
अदालत ने कहा कि वे जमीनी हकीकत से अपनी आंखें बिल्कुल नहीं मूंद सकते। आवारा कुत्तों का आतंक अब आम लोगों के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। इसलिए अब स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों जैसी जगहों पर कुत्ते दिखाई नहीं देने चाहिए।
डॉग लवर्स को लगा बड़ा झटका
कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड के नियमों को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी निरस्त कर दी हैं। बेंच ने साफ कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा दांव पर नहीं लगाई जा सकती है। सरकारों की यह पहली जिम्मेदारी है कि वे इंसानी जीवन की रक्षा करें।
डॉग बाइट के बढ़ते मामलों पर कोर्ट चिंतित
इतना ही नहीं, दिल्ली के व्यस्त इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले हुए हैं। यहां तक कि एक विदेशी पर्यटक को भी आवारा कुत्ते ने अपना शिकार बनाया है। इन घटनाओं से प्रशासन के दावों की कलई पूरी तरह खुल गई है।
नसबंदी अभियानों की नाकामी
नसबंदी और टीकाकरण के अभियान बिना किसी सही रणनीति के चलाए जाते रहे। प्रशासन की इसी भारी लापरवाही के कारण आज यह समस्या इतनी विकराल हो चुकी है। अब इसे ठीक करने के लिए कड़े कदम उठाने ही पड़ेंगे।
जीने के अधिकार में शामिल है बिना डर के घूमना
राज्य सरकारें इस गंभीर मुद्दे पर चुपचाप मूकदर्शक बनकर नहीं बैठ सकती हैं। समाज के कमजोर तबके को इस जानलेवा खतरे के भरोसे अकेले नहीं छोड़ा जा सकता। तंत्र को इस समस्या का स्थाई समाधान खोजना ही होगा।
बीमार कुत्तों को यूथेनेशिया देने पर विचार
यदि कोई कुत्ता गंभीर रूप से बीमार है और समाज के लिए खतरा है तो क्या होगा? ऐसे मामलों में नियमों के अनुसार उसे सम्मानजनक मौत यानी यूथेनेशिया दी जा सकती है। इसके अलावा हाईवे से आवारा मवेशी हटाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
हाईकोर्ट रखेंगे नजर
अगर कोई अधिकारी काम में लापरवाही बरतता है तो उस पर सख्त एक्शन होगा। कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने पर अवमानना का मुकदमा भी चलाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट अब 17 नवंबर को सभी रिपोर्ट की अंतिम समीक्षा करेगा।
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