मुझे हाई कोर्ट का जज बनाओ : याचिका पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, बताया न्याय प्रणाली का मजाक

Sanjay Dhiman | Nov 04, 2025, 14:37 IST
Share
supreme court
Photograph: (the sootr)

हाई कोर्ट जज नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई। चीफ जस्टिस बीआर गवई ने इसे न्याय प्रणाली का मजाक बताया। उन्होंने याचिकाकर्ता वकील का लाइसेंस रद्द करने की बात कही।

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में एक ऐसी याचिका दायर की गई, जिसे सुनकर कुछ लोग हंसने लगे और कुछ ने इसे कोर्ट के साथ मजाक माना। एक वकील ने सीधे सुप्रीम कोर्ट में याचिका (Writ Petition) दायर कर तेलंगाना हाई कोर्ट के जज बनने की मांग की।

यह मांग सुनकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे न्याय प्रणाली का मज़ाक बताया। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस CJI बीआर गवई ने इस याचिका को गंभीरता से लेते हुए इसे खारिज कर दिया। उन्होंने याचिकाकर्ता वकील को चेतावनी दी कि ऐसी याचिकाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

ऐसी मांग न्याय प्रणाली का मजाक: चीफ जस्टिस

एक वकील, जिनका नाम जी. सर्वम कुमार था, ने सीधे कोर्ट में याचिका दायर कर तेलंगाना हाई कोर्ट के जज बनने की मांग की। इस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई और न्यायमूर्ति के विनोद चन्द्रन ने मामले की सुनवाई की।

मुख्य न्यायाधीश गवई, ने इस मांग को सुनते ही गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, क्या आप चाहते हैं कि हम सुप्रीम कोर्ट के तीन सीनियर जजों को बुलाकर यहां कॉलेजियम की बैठक करवा लें? यह व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसा है!

सीजेआई ने यह भी पूछा कि क्या कभी कोर्ट के इतिहास में किसी ने हाई कोर्ट के जज की नियुक्ति के बारे में याचिका दायर की है? उन्होंने याचिकाकर्ता के वकील को भी ऐसी याचिका को लेकर फटकार लगाई।

कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि जजों की नियुक्ति एक स्थापित और संवैधानिक प्रक्रिया, यानी कॉलेजियम प्रणाली के तहत ही होती है, न कि किसी व्यक्ति विशेष द्वारा याचिका दायर कर के।

यह खबरें भी पढ़ें..

तत्काल छोड़ दो दिल्ली - सुप्रीम कोर्ट ने किसके लिए दे दी सीधी चेतावनी

विदेशी पर भारी देसी सैलानी, विदेशी सैलानियों की आवक घटी, राजस्थान में बढ़ रही पावणो की संख्या

वकील की याचिका और कोर्ट की नाराजगी को ऐसे समझें

  1. एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर तेलंगाना हाई कोर्ट के जज बनने की मांग की, जिसे कोर्ट ने 'न्याय प्रणाली का मज़ाक' बताया।
  2. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने याचिकाकर्ता को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि इस तरह की याचिका से न्याय व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है।
  3. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील को चेतावनी दी कि ऐसी याचिकाएं दायर करने वाले वकील का लाइसेंस रद्द कर दिया जाना चाहिए।
  4. वकील ने अपनी गलती स्वीकार की और याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर कर लिया।
  5. इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायिक नैतिकता और पेशेवर आचरण के महत्व को पुनः स्पष्ट किया।

लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद, वकील ने तुरंत अपनी गलती स्वीकार की और याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। हालांकि, चीफ जस्टिस गवई का रुख इस मामले में भी नरम नहीं पड़ा। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि इस तरह की याचिकाएं दायर करने वाले वकील का लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए।

यह टिप्पणी किसी भी वकील के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि न्याय पालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी काम को सहन नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने आखिरकार वकील को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी, लेकिन जुर्माने का सवाल अब भी खड़ा था।

यह खबरें भी पढ़ें..

मिलावटी सामग्री से दूध और घी-पनीर की फैक्ट्री पकड़ी, बड़े ब्रांड के नाम से नकली पैकिंग भी मिली

इंदौर में 23 मास्टर प्लान सड़कों के लिए बाधक हटाने का काम शुरू, निगम ने कैविएट लगाई

कॉलेजियम क्या करता है?

सुप्रीम कोर्ट का कॉलेजियम जिसमें खुद चीफ जस्टिस (CJI) और सुप्रीम कोर्ट के दो सबसे सीनियर जज होते हैं, वही तय करते हैं कि कौन हाईकोर्ट का जज बनेगा। यह कमेटी नाम सुझाती है, और फिर बाकी प्रक्रिया होती है।

इस मामले में वकील ने कोर्ट में याचिका दायर करके कहा, मुझे जज बनाओ! सीधे शब्दों में कहें तो, वकील ने इस पक्की और सम्मानित व्यवस्था को दरकिनार करके मनमानी करने की कोशिश की। कोर्ट ने इसी को व्यवस्था का मज़ाक कहा, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह पद योग्यता से मिलता है, याचिका से नहीं!









Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • सुप्रीम कोर्ट में याचिका
  • चेतावनी
  • कॉलेजियम
  • CJI बीआर गवई
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती