किन 5 लोगों को नहीं देखनी चाहिए होलिका दहन, जानें इसके पीछे का राज
Kaushiki | Feb 25, 2026, 14:57 IST
holika-dahan-2026
होलिका दहन 3 मार्च 2026 को है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक नई दुल्हन, गर्भवती महिलाओं और इकलौती संतान के माता-पिता को होलिका की अग्नि नहीं देखनी चाहिए।
Latest Religious News: रंगों का पावन त्योहार होली अब बेहद करीब आ चुका है। हिंदू धर्म में होली का उत्सव दो दिनों तक मनाया जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका दहन होता है। इस साल होलिका दहन 3 मार्च 2026, मंगलवार को किया जाएगा। पूर्णिमा तिथि के समय भद्रा रहित काल में ही दहन करना शास्त्र सम्मत है।
स्थानीय पंचांग के मुताबिक शुभ मुहूर्त शाम के समय शुरू होगा। लोग चौराहों पर एकत्रित होकर विधि-विधान से अग्नि का पूजन करते हैं। लेकिन शास्त्रों और लोक मान्यताओं में अग्नि दर्शन के कुछ कड़े नियम हैं। शास्त्रों के मुताबिक, कुछ विशेष लोगों के लिए होलिका की अग्नि देखना वर्जित माना गया है। आइए जानें होलिका दहन देखें या नहीं...
शादी के बाद पहली होली पर नई दुल्हन अक्सर मायके चली जाती है। हिंदू परंपरा के मुताबिक, नई दुल्हन को ससुराल में होलिका पूजन नहीं देखना चाहिए। इसके पीछे एक प्राचीन पौराणिक कथा छिपी हुई है।
होलिका का विवाह इलोजी नाम के राजकुमार से तय हो चुका था। लेकिन विवाह से ठीक पहले होलिका अग्नि में जलकर भस्म हो गई थी। राजकुमार की मां अपनी होने वाली बहू की चिता देखकर अत्यंत दुखी हुई। तब से नई दुल्हन का जलती हुई होलिका देखना अशुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, होलिका पूजन (Holika Dahan)देखते समय सास और बहू को कभी साथ नहीं खड़ा होना चाहिए। उनके बीच दूरी होना बहुत जरूरी माना जाता है।
कहते हैं कि साथ अग्नि देखने से रिश्तों में भारी खटास आती है। इससे घर में आपसी मतभेद और क्लेश बढ़ने की संभावना रहती है। परिवार की सुख-शांति के लिए इस परंपरा का पालन किया जाता है। घर की खुशहाली के लिए दोनों को अलग-अलग समय पर पूजन करना चाहिए।
जिन माता-पिता की केवल एक ही संतान है, उन्हें भी होलिका पूजन देखने से परहेज करना चाहिए। उन्हें होलिका पूजन की जलती हुई अग्नि को सीधे नहीं देखना चाहिए।
पौराणिक कथा के मुताबिक, प्रह्लाद अपने पिता की इकलौती संतान ही थे। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी इस अनुष्ठान से दूर रखा जाता है।
वैज्ञानिक नजरिए से अग्नि का तेज ताप गर्भ के लिए ठीक नहीं होता। धुएं से सांस लेने में तकलीफ होने का डर भी बना रहता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को परिक्रमा करने से भी मना किया जाता है।
छोटे बच्चों और नवजात शिशुओं को दहन स्थल पर ले जाना वर्जित है। मान्यताओं के मुताबिक, चौराहों पर होलिका दहन के समय नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय होती है। नवजात शिशु बहुत कोमल होते हैं और उन पर बुरा असर पड़ सकता है।
तंत्र-मंत्र की क्रियाओं के डर से भी बच्चों को घर में रखा जाता है। अग्नि की लपटों और शोर से बच्चे डर भी सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए बच्चों को घर के अंदर रखना ही बेहतर है।
शास्त्रों के मुताबिक, होलिका दहन के अगले दिन उसकी ठंडी राख घर लाना शुभ होता है। इस राख या भस्म को माथे पर लगाने से नकारात्मकता दूर होती है।
कई लोग इस भस्म को घर के कोनों में भी छिड़कते हैं। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। परंपराओं का सम्मान करने से त्योहार की खुशियां कई गुना बढ़ जाती हैं। आप सभी को होली और होलिका दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें....
मथुरा-वृंदावन में होली देखने का है प्लान, तो नोट कर लें ब्रज की होली का पूरा शेड्यूल
होली 2026 पर भद्रा और ग्रहण का साया, भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां
भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये में होगा होलिका दहन 2026, जानें पूजा का सही मुहूर्त
MP के इस गांव में अनूठी होली, एक दिन पहले होलिका दहन और रंगोत्सव, जानें खास वजह
स्थानीय पंचांग के मुताबिक शुभ मुहूर्त शाम के समय शुरू होगा। लोग चौराहों पर एकत्रित होकर विधि-विधान से अग्नि का पूजन करते हैं। लेकिन शास्त्रों और लोक मान्यताओं में अग्नि दर्शन के कुछ कड़े नियम हैं। शास्त्रों के मुताबिक, कुछ विशेष लोगों के लिए होलिका की अग्नि देखना वर्जित माना गया है। आइए जानें होलिका दहन देखें या नहीं...
नई दुल्हन का होलिका दहन से संबंध
होलिका का विवाह इलोजी नाम के राजकुमार से तय हो चुका था। लेकिन विवाह से ठीक पहले होलिका अग्नि में जलकर भस्म हो गई थी। राजकुमार की मां अपनी होने वाली बहू की चिता देखकर अत्यंत दुखी हुई। तब से नई दुल्हन का जलती हुई होलिका देखना अशुभ माना जाता है।
रिश्तों पर पड़ता है असर
कहते हैं कि साथ अग्नि देखने से रिश्तों में भारी खटास आती है। इससे घर में आपसी मतभेद और क्लेश बढ़ने की संभावना रहती है। परिवार की सुख-शांति के लिए इस परंपरा का पालन किया जाता है। घर की खुशहाली के लिए दोनों को अलग-अलग समय पर पूजन करना चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए नियम
पौराणिक कथा के मुताबिक, प्रह्लाद अपने पिता की इकलौती संतान ही थे। साथ ही गर्भवती महिलाओं को भी इस अनुष्ठान से दूर रखा जाता है।
वैज्ञानिक नजरिए से अग्नि का तेज ताप गर्भ के लिए ठीक नहीं होता। धुएं से सांस लेने में तकलीफ होने का डर भी बना रहता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं को परिक्रमा करने से भी मना किया जाता है।
नवजात शिशुओं की सुरक्षा
तंत्र-मंत्र की क्रियाओं के डर से भी बच्चों को घर में रखा जाता है। अग्नि की लपटों और शोर से बच्चे डर भी सकते हैं। सुरक्षित रहने के लिए बच्चों को घर के अंदर रखना ही बेहतर है।
होलिका दहन की भस्म का महत्व
कई लोग इस भस्म को घर के कोनों में भी छिड़कते हैं। इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है। परंपराओं का सम्मान करने से त्योहार की खुशियां कई गुना बढ़ जाती हैं। आप सभी को होली और होलिका दहन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
ये खबरें भी पढ़ें....
मथुरा-वृंदावन में होली देखने का है प्लान, तो नोट कर लें ब्रज की होली का पूरा शेड्यूल
होली 2026 पर भद्रा और ग्रहण का साया, भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां
भद्रा और चंद्र ग्रहण के साये में होगा होलिका दहन 2026, जानें पूजा का सही मुहूर्त
MP के इस गांव में अनूठी होली, एक दिन पहले होलिका दहन और रंगोत्सव, जानें खास वजह
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman