महाशिवरात्रि आज, 300 साल बाद बन रहा ग्रहों का अद्भुत संयोग, जानें शुभ मुहूर्त
Kaushiki | Feb 10, 2026, 12:42 IST
mahashivratri-2026
महाशिवरात्रि 2026 पर 15 फरवरी को 300 साल बाद दुर्लभ राजयोग बन रहे हैं। आइए जानें पूजा का निशीथ काल मुहूर्त, चार प्रहर का समय और पारण विधि...
Mahashivratri 2026: 2026 की महाशिवरात्रि आपके लिए बहुत ही सौभाग्यशाली और खास होने वाली है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, 300 साल बाद ग्रहों का ऐसा अद्भुत संयोग बन रहा है जो जीवन बदल सकता है।
इस पावन पर्व पर आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति बहुत ही शुभ रहने वाली है। फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को भक्त महादेव और मां पार्वती का विवाह उत्सव मनाएंगे।
इस बार शिवरात्रि पर 5 राजयोगों के साथ 10 विशेष शुभ योग भी बन रहे हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक, ये समय साधना और संकल्प सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। आइए इस दिव्य पर्व के मुहूर्त और महत्व को जानें।
इस बार कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु का अद्भुत मिलन होगा। इससे बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और शुक्रादित्य जैसे महत्वपूर्ण राजयोग एक साथ सक्रिय रहने वाले हैं।
शनि देव अपनी प्रिय राशि कुंभ में रहकर 'शश' नामक महापुरुष राजयोग बनाएंगे। ग्रहों की यह स्थिति व्यापार, स्वास्थ्य और आर्थिक उन्नति के लिए बहुत मंगलकारी मानी गई है।
धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, शुभ योगों (महाशिवरात्रि शुभ मुहूर्त) में की गई पूजा का अक्षय फल मिलता है। महाशिवरात्रि के दिन शिव योग सुबह से ही शुरू होकर पूरे दिन बना रहेगा।
महाशिवरात्रि 2026: महादेव की अपार कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि पर जरूर घर लाएं ये 3 चीजें
क्या आप जानते हैं फाल्गुन नहीं, इस महीने में हुआ था शिव और पार्वती का विवाह
महाशिवरात्रि 2026 पर जरूर करें ये उपाय, चमक उठेगी आपकी किस्मत
महाशिवरात्रि पर इन पवित्र चीजों से करें महादेव का अभिषेक, दूर होंगे सभी कष्ट
इस पावन पर्व पर आकाश मंडल में ग्रहों की स्थिति बहुत ही शुभ रहने वाली है। फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को भक्त महादेव और मां पार्वती का विवाह उत्सव मनाएंगे।
इस बार शिवरात्रि पर 5 राजयोगों के साथ 10 विशेष शुभ योग भी बन रहे हैं। ज्योतिषियों के मुताबिक, ये समय साधना और संकल्प सिद्धि के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। आइए इस दिव्य पर्व के मुहूर्त और महत्व को जानें।
कब है महाशिवरात्र 2026
हिंदू पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी 15 फरवरी 2026 को शाम से शुरू होगी। यह तिथि 15 फरवरी शाम 05:04 से 16 फरवरी शाम 05:34 तक रहेगी। शिवरात्रि की मुख्य पूजा रात में होती है। इसलिए व्रत 15 फरवरी को होगा। इस दिन श्रवण नक्षत्र का प्रभाव पूजा के फल को कई गुना ज्यादा बढ़ा देगा। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इसी पावन दिन भगवान शिव का दिव्य प्राकट्य हुआ था और माता पार्वती के साथ उनका शुभ विवाह संपन्न हुआ था। 2026 की ये शिवरात्रि ज्योतिषीय नजरिए से बहुत खास माना जा रहा है।
चार शक्तिशाली राजयोगों का निर्माण
शनि देव अपनी प्रिय राशि कुंभ में रहकर 'शश' नामक महापुरुष राजयोग बनाएंगे। ग्रहों की यह स्थिति व्यापार, स्वास्थ्य और आर्थिक उन्नति के लिए बहुत मंगलकारी मानी गई है।
महाशिवरात्रि पूजा के शुभ मुहूर्त
- प्रथम प्रहर: 15 फरवरी शाम 06:11 बजे से रात 09:23 बजे तक करें।
- द्वितीय प्रहर: 15 फरवरी रात 09:23 बजे से 16 फरवरी रात 12:35 बजे तक।
- तृतीय प्रहर: 16 फरवरी रात 12:35 बजे से सुबह 03:47 बजे तक पूजन करें।
- चतुर्थ प्रहर: 16 फरवरी सुबह 03:47 बजे से सुबह 06:59 बजे तक का समय।
- निशिथ काल (महामुहूर्त): रात 12:09 बजे से देर रात 01:00 बजे तक।
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक।
- जो भक्त महाशिवरात्रि (महाशिवरात्रि का त्योहार) का उपवास रख रहे हैं। वे अगले दिन 16 फरवरी को सुबह 06:59 बजे से दोपहर 03:24 बजे तक अपना व्रत खोल (पारण कर) सकते हैं।
महाशिवरात्रि पूजन विधि
- संकल्प और शुद्धि: सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें और हाथ में जल, अक्षत व पुष्प लेकर पूरे दिन व्रत रखने का संकल्प लें। भगवान शिव से अपनी मनोकामना कहें।
- पंचामृत अभिषेक: शिवलिंग पर सबसे पहले गंगाजल चढ़ाएं, उसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर (पंचामृत) से अभिषेक करें। अंत में शुद्ध जल या गन्ने के रस से स्नान कराएं।
- विशेष सामग्री अर्पण: महादेव को उनकी प्रिय वस्तुएं जैसे—बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद चंदन और भस्म अर्पित करें। ध्यान रहे कि शिव पूजा में तुलसी, हल्दी और केतकी के फूल वर्जित हैं।
- मंत्र जप और आरती: पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का निरंतर जप करें। शिव चालीसा का पाठ करें और अंत में कपूर जलाकर भोलेनाथ की प्रेमपूर्वक आरती करें।
- निशिथ काल और प्रहर पूजा: संभव हो तो रात के निशिथ काल में विशेष पूजा करें। चारों प्रहर की पूजा में अलग-अलग दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक करने का विधान है, जो अक्षय पुण्य प्रदान करता है।
FAQ
- महाशिवरात्रि 2026 पर 300 साल बाद कौन सा दुर्लभ संयोग बन रहा है?
इस साल शिवरात्रि पर कुंभ राशि में चार ग्रहों की युति से बुधादित्य, लक्ष्मी नारायण और शश राजयोग बन रहे हैं। ऐसा संयोग शताब्दियों में एक बार आता है जो सभी राशियों को प्रभावित करता है। - 2026 में महाशिवरात्रि का व्रत किस दिन रखना चाहिए?
महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी 2026, रविवार के दिन रखा जाना शास्त्रों के अनुसार उचित है। चतुर्दशी तिथि 15 तारीख की रात को व्याप्त रहेगी जो निशीथ पूजा के लिए जरूरी है। - महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने का सबसे सही समय क्या है?
व्रत का पारण 16 फरवरी को सुबह 06:59 से दोपहर 03:24 के बीच करना चाहिए। पारण हमेशा स्नान और दान के बाद सात्विक भोजन से ही करना शुभ माना गया है। - महाशिवरात्रि पर राहुकाल का ध्यान रखना क्यों जरूरी है?
शास्त्रों के अनुसार, राहुकाल में किए गए धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण फल नहीं देते। 15 फरवरी को शाम 04:47 से 06:11 के बीच राहुकाल रहेगा। इसलिए इस दौरान विशेष अभिषेक या संकल्प लेने से बचना चाहिए।
महाशिवरात्रि 2026: महादेव की अपार कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि पर जरूर घर लाएं ये 3 चीजें
क्या आप जानते हैं फाल्गुन नहीं, इस महीने में हुआ था शिव और पार्वती का विवाह
महाशिवरात्रि 2026 पर जरूर करें ये उपाय, चमक उठेगी आपकी किस्मत
महाशिवरात्रि पर इन पवित्र चीजों से करें महादेव का अभिषेक, दूर होंगे सभी कष्ट
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari