क्या माथे पर तिलक लगाना केवल धार्मिक परंपरा है या इसके पीछे छिपा है विज्ञान?

Kaushiki | Aug 18, 2026, 13:15 IST
Share
Applying Tilak on Forehead
Applying Tilak on Forehead

माथे पर तिलक लगाना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं है। इसके पीछे गहरा न्यूरोलॉजिकल और वैज्ञानिक कारण छिपा है। दोनों भौंहों के बीच स्थित आज्ञा चक्र पर दबाव पड़ने से मन शांत होता है, तनाव घटता है और काम में फोकस बढ़ता है।

Science of Tilak: जब भी हम किसी शुभ काम के लिए घर से बाहर निकलते हैं, तो हमारी मां या बड़े बुजुर्ग हमारे माथे पर तिलक लगाते हैं। पुरानी पौराणिक कथाओं और इतिहास के पन्नों को पलटें तो पता चलता है कि युद्ध के मैदान में जाने से पहले राजा-महाराजाओं का भी विजय तिलक किया जाता था।

सामान्य तौर पर माथे पर सजा तिलक देखकर यही माना जाता है कि व्यक्ति किसी धार्मिक काम से आ रहा है या उसने अभी-अभी पूजा-पाठ पूरा किया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तिलक हमेशा दोनों भौंहों के बिल्कुल बीच में ही क्यों लगाया जाता है?

हमारी प्राचीन सनातन परंपरा ने हजारों साल पहले ही इंसानी शरीर के इस विज्ञान को समझ लिया था। उन्होंने इसे दैनिक जीवन की एक सुंदर और जरूरी शैली बना दिया। तो आइए आज जानते हैं कि रोज माथे पर तिलक लगाने से हमारे शरीर, दिमाग और मानसिक सेहत को कौन-कौन से फायदे मिलते हैं।

Science of Tilak
Science of Tilak


शास्त्र और विज्ञान क्या कहता है

पौराणिक शास्त्रों के मुताबिक, हमारे शरीर में सात मुख्य चक्र होते हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण चक्र आज्ञा चक्र होता है। यह चक्र ठीक वहीं स्थित होता है जहां हम तिलक लगाते हैं। अध्यात्म में इस बिंदु को हमारी तीसरी आंख भी कहा गया है।

यह स्थान हमारे मन, बुद्धि, ज्ञान और सोचने की शक्ति का मुख्य केंद्र माना जाता है। जब इस स्थान पर उंगली या अंगूठे से हल्का दबाव देकर तिलक लगाया जाता है, तो यह चक्र तुरंत जागृत और सक्रिय हो जाता है।

अगर हम इसे आधुनिक विज्ञान और न्यूरोलॉजी की भाषा में समझें, तो दोनों भौंहों के बीच का यह हिस्सा बहुत खास होता है। यह संवेदनशील तंत्रिकाओं (Nerves) से जुड़ा हुआ बेहद सेंसिटिव पॉइंट है।

इस जगह पर हल्का सा स्पर्श या दबाव पड़ते ही दिमाग को खास तंत्रिका संकेत मिलते हैं। इससे व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ती है। उसका ध्यान इधर-उधर भटकने के बजाय किसी एक लक्ष्य पर केंद्रित हो जाता है।

जानिए, माथे पर तिलक लगाने के चमत्कारी फायदे और क्या है इसके नियम | Jansatta
जानिए, माथे पर तिलक लगाने के चमत्कारी फायदे और क्या है इसके नियम | Jansatta


प्राकृतिक कूलर जो दिमाग शांत रखे

ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक,आमतौर पर हम पूजा में चंदन का उपयोग करते हैं। चंदन की तासीर प्रकृति से बहुत ठंडी होती है। माथे के केंद्र पर चंदन लगाने से शांति मिलती है। इससे हमारे पूरे दिमाग को ठंडक का अहसास होता है।

चंदन का तिलक लगाने से अनिद्रा की समस्या दूर होती है। भस्म और रोली में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं। दोनों भौंहों के बीच का हिस्सा नसों से जुड़ा है।

हल्का दबाव संवेदनशील तंत्रिकाओं के सिरों को एक्टिव करता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में इस पॉइंट पर एक्यूप्रेशर के फायदे दिखे हैं। इस बिंदु पर हल्का दबाव पड़ने से तनाव कम होता है। इसके नियमित प्रयोग से मानसिक चिंता में भारी कमी आती है।

Tilak: सनातन में कितने प्रकार के तिलक लगाएं जाते हैं? क्या है इनका महत्व..  देखें तस्वीरें - Religion - GNT
Tilak: सनातन में कितने प्रकार के तिलक लगाएं जाते हैं? क्या है इनका महत्व.. देखें तस्वीरें - Religion - GNT


भारत में कई तरह से लगते हैं तिलक

धार्मिक परंपरा के मुताबिक, भारत में अलग-अलग संप्रदाय में अलग तिलक लगते हैं। वैष्णव तिलक भगवान विष्णु के उपासक माथे पर लगाते हैं। यह तिलक माथे पर नीचे से ऊपर की ओर लगता है। इसे शरीर की ऊर्जा को ऊपर ले जाने का प्रतीक मानते हैं।

शैव तिलक में तीन आड़ी रेखाएं बनाई जाती हैं। इन्हें त्रिपुंड कहते हैं और यह शिव भक्त भस्म से बनाते हैं। यह तीन रेखाएं इंसान के तीन गुणों को दर्शाती हैं। माता दुर्गा के भक्त माथे पर लाल शाक्त तिलक लगाते हैं। सभी तरह के तिलक का अपना खास धार्मिक महत्व है।

उन्नत और वैज्ञानिक जीवन शैली है धर्म

आज का आधुनिक विज्ञान जिस विषय पर रिसर्च कर रहा है। वह ज्ञान हमारे पास वैदिक काल से ही मौजूद है। इस समृद्ध और वैज्ञानिक विरासत पर हमें गर्व होना चाहिए।

माथे पर तिलक लगाना केवल धर्म का प्रदर्शन नहीं है। यह इस बात का सबूत है कि हमारे ऋषि ज्ञानी थे। वे इंसानी शरीर और उसके मनोविज्ञान को गहराई से समझते थे।

जिसे आज विज्ञान एक्यूप्रेशर या न्यूरो-सिग्नलिंग कहता है। उसे हमारी परंपराओं में हजारों साल पहले शामिल किया गया था। ताकि हर इंसान रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ और एकाग्र रह सके।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

FAQ

  1. माथे पर तिलक लगाने से दिमाग पर क्या असर पड़ता है?
    माथे पर तिलक लगाने से नसों के केंद्र यानी आज्ञा चक्र पर दबाव पड़ता है। इससे संवेदी तंत्रिकाएं सक्रिय हो जाती हैं, जिससे तनाव और चिंता कम होती है तथा काम में एकाग्रता और ध्यान बढ़ता है।
  2. क्या माथे पर तिलक लगाने का कोई वैज्ञानिक कारण भी है?
    हां, दोनों भौंहों के बीच का स्थान एक्यूप्रेशर पॉइंट की तरह काम करता है। इस पर चंदन या रोली लगाने से दिमाग शांत रहता है, सिरदर्द और अनिद्रा की समस्या में आराम मिलता है और नसों को शीतलता मिलती है।
  3. सनातन परंपरा में कौन-कौन से प्रमुख तिलक लगाए जाते हैं?
    मुख्य रूप से तीन प्रकार के तिलक होते हैं। भगवान विष्णु के भक्त खड़ा 'वैष्णव' तिलक लगाते हैं, भगवान शिव के भक्त भस्म से तीन रेखाओं वाला 'त्रिपुंड' लगाते हैं और देवी भक्त लाल रंग का 'शाक्त' तिलक लगाते हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...

सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजा का क्या है असली राज, भूलकर भी न करें ये काम

नाग पंचमी पर इस तरह से करें शिवजी और नाग देव की पूजा, भूलकर भी न करें ये गलतियां

शिवलिंग की पूजा से मिलते हैं अद्भुत लाभ, जानें शिव महापुराण में क्या है लिखा

हिंदू धर्म में पूजा करते समय सही आसन पर बैठना क्यों है जरूरी, यहां जानें जरूरी नियम

Tags:
  • ज्योतिषशास्त्र
  • विज्ञान
  • चंदन
  • धार्मिक परंपरा
  • तीसरी आंख
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि