क्यों Gen Z से ज्यादा खुश हैं Baby Boomers? मेंटल हेल्थ रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Kaushiki | Feb 27, 2026, 11:25 IST
Share
mental-health-crisis-2025
mental-health-crisis-2025

Sapien Labs 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय युवाओं की मेंटल हेल्थ काफी खराब है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया की जवाबदेही और रिवेन्यू शेयरिंग पर जोर दिया है।

आज के दौर में हम सब डिजिटल दुनिया से जुड़े हुए हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह जुड़ाव हमें अंदर से खोखला कर रहा है? हाल ही में आई Global Mind Health 2025 की ने एक बड़ा खुलासा किया है। इस रिपोर्ट को अमेरिका के Sapien Labs ने तैयार किया है।

इस स्टडी के मुताबिक भारतीय युवा मानसिक रूप से काफी संघर्ष कर रहे हैं। यह सर्वे 84 देशों में हुआ, जिसमें भारत के 78 हजार से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स का सर्वे भी शामिल है। इस सर्वे में 18 से 34 साल के युवाओं का स्कोर बहुत कम आया है। रिजल्ट बताते हैं कि भारतीय युवा मेंटल हेल्थ में बहुत पीछे हैं।

84 देशों की लिस्ट में भारत 60वें नंबर पर खड़ा है। युवाओं का माइंड हेल्थ कोशिएंट (MHQ) स्कोर सिर्फ 33 ही रहा। इसके उलट, 55 साल से ऊपर के लोगों का स्कोर 96 रहा। ये आंकड़ा हम सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी जैसा है।

MENTAL HEAALTH
MENTAL HEAALTH


क्यों तनाव में हैं भारत के यंग एडल्ट्स

Global Mind Health 2025 रिपोर्ट के मुताबिक, यह गिरावट केवल एक अस्थायी समस्या नहीं है। इसके पीछे कई स्ट्रक्चरल कारण बताए गए हैं।

  • पहला कारण पर्यावरण में बढ़ता हुआ प्रदूषण और टॉक्सिन्स हैं।
  • दूसरा बड़ा कारण फिजिकल एक्टिविटी या शारीरिक मेहनत की कमी है।
  • युवा अब मैदानों के बजाय स्क्रीन पर ज्यादा वक्त बिता रहे हैं।
  • इस वजह से उनकी भावनाओं को कंट्रोल करने की क्षमता घटी है।
  • वे छोटी-छोटी बातों पर बहुत जल्दी तनाव में आ जाते हैं।
  • उनके लिए रिश्तों को लंबे समय तक निभाना मुश्किल हो रहा है।
  • एकाग्रता यानी फोकस की कमी भी एक बड़ी समस्या बन गई है।

यंग एडल्ट्स के चार मेन विलन

स्टडी ने युवाओं की इस हालत के चार मेन रीजन बताए।

  • पहला कारण स्मार्टफोन का बहुत जल्दी हाथ में आ जाना है। भारत में स्मार्टफोन मिलने की एवरेज एज 16.5 साल है। जल्दी फोन मिलने से मेंटल हेल्थ रिस्क काफी बढ़ जाता है।
  • दूसरा कारण अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (Ultra-Processed Food) का बढ़ता हुआ सेवन है। 44% युवा नियमित रूप से जंक और पैकेट बंद खाना खाते हैं।
  • तीसरा कारण परिवार से घटता हुआ जुड़ाव और बॉन्डिंग है। केवल 64% युवा ही अपने परिवार के करीब महसूस करते हैं।
  • चौथा कारण स्पिरिचुअलिटी से बढ़ती दूरी को भी माना गया है।
हैरानी की बात ये है कि घर के बड़े ज्यादा खुश हैं। 55 साल से ऊपर के लोगों (Baby Boomers 1946–1964) का स्कोर 96 रहा है। वहीं युवाओं का माइंड हेल्थ क्वोशिएंट (MHQ) सिर्फ 33 ही है। ये अंतर दिखाता है कि नई पीढ़ी मानसिक रूप से कमजोर हुई है। बुजुर्गों की मानसिक क्षमता युवाओं के मुकाबले बहुत ज्यादा बेहतर पाई गई है।

सरकार का सोशल मीडिया पर कड़ा प्रहार

इसी बीच, सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (Social Media Platforms) अब केवल जरिया नहीं हैं, वे अब एक पब्लिशर (Publisher) की तरह काम कर रहे हैं। इसलिए उन्हें अपने कंटेंट की पूरी जिम्मेदारी लेनी ही होगी।

अश्विनी वैष्णव ने कंटेंट क्रिएटर्स को फेयर कंपनसेशन देने की मांग की। सोशल मीडिया कंपनियां सारा मुनाफा खुद नहीं रख सकतीं। उन्हें पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ कमाई बांटनी होगी। उन्होंने डीपफेक और फर्जी खबरों को समाज के लिए खतरनाक बताया।

कंटेंट क्रिएटर्स को मिलना चाहिए सही मुआवजा

IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्रिएटर्स के हक में भी आवाज उठाई है। उन्होंने साफ कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपनी कमाई का उचित हिस्सा कन्टेंट क्रिएटर्स (mental health) के साथ शेयर करना होगा। पत्रकार, प्रोफेसर और कलाकार कड़ी मेहनत से कंटेंट बनाते हैं।

इस पर कंपनियां भारी मुनाफा कमाती हैं। ये मुनाफा अब क्रिएटर्स के साथ ईमानदारी से शेयर होना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इंटेलेक्चुअल डेवलपमेंट पूरी तरह रुक जाएगा।

इसके साथ ही सरकार ऑनलाइन गेमिंग के खतरनाक एल्गोरिदम और साइबर फ्रॉड पर लगाम कसेगी। अब कंपनियों को अवैध कंटेंट और नशे जैसी लत लगाने वाले गेम्स के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

मंत्री ने कहा कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सबसे जरूरी है। प्लेटफॉर्म्स को अपनी जिम्मेदारी से अब पीछे नहीं हटना चाहिए। अगर आईपी (Intellectual Property) का सम्मान नहीं हुआ, तो प्रोग्रेस पर रोक लगाया जाएगा।

ये खबरें भी पढ़ें...

रील के लिए खर्च कर दिए 12 लाख रुपए, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने कहा हाई रोलर

सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड कर रहा है पंच? जानिए इस जापानी बंदर का सच

क्या है Divorce Dust Trend ? सोशल मीडिया पर रिश्ते में बना विवाद की वजह

अश्लीलता फैलाने वाले पांच नए OTT Platforms Ban

Tags:
  • mental health
  • अश्विनी वैष्णव
  • सोशल मीडिया
  • IT मंत्री अश्विनी वैष्णव
  • Social Media Platforms
  • कन्टेंट क्रिएटर्स
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा