News Strike: क्या मंत्री पद छोड़कर केंद्र में बड़ी जिम्मेदारी निभाएंगे कैलाश विजयवर्गीय?
Harish Divekar | Jan 28, 2026, 07:00 IST
Photograph: (thesootr)
कैलाश विजयवर्गीय मंत्री पद छोड़कर बड़ी जिम्मेदारी ले सकते हैं। बीजेपी उन्हें संगठन में अहम भूमिका दे सकती है, जो उनके अनुभव के अनुसार होगी ।
News In Short
नितिन नबीन की टीम में मध्यप्रदेश का वेटेज बढ़ सकता है।
विजयवर्गीय का संगठन में अनुभव, बीजेपी को फायदा देगा।
केंद्रीय टीम में कैलाश विजयवर्गीय की भूमिका अहम हो सकती है।
कई नेता संगठन में जिम्मेदारी पाने के लिए तैयार हैं।
News In Detail
विजयवर्गीय को मिलेगी नई बड़ी जिम्मेदारी!
हालांकि, वो उस जिम्मेदारी के साथ मंत्री पद पर बने रहेंगे या नहीं। ये नहीं कहा जा सकता। क्योंकि बीजेपी में एक व्यक्ति एक पद का ही सिद्धांत है। तो विजयवर्गीय अगर कोई नई जिम्मेदारी संभालते हैं तो जाहिर सी बात है कि उन्हें अपनी मौजूदा जिम्मेदारी को टाटा-टाटा, बाय-बाय करना होगा। वो जिम्मेदारी क्या होगी वो हो सकती है टीम नितिन नबीन में जगह।
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बीजेपी की नई टीम में मध्यप्रदेश का दबदबा
बीजेपी का लॉयल स्टेट होने के साथ-साथ मप्र बीजेपी की ऐसी लैबोरेटरी भी रहा है। जहां किया गया हर प्रयोग बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हुआ है और इस बार तो प्रदेश ने अपनी सारी लोकसभा सीटें भी बीजेपी के ही खाते में डाल दी हैं। ऐसे में नितिन नबीन की टीम में भी मप्र का दबदबा दिख सकता है। इस टीम के लिए सबसे आगे जो नाम बताए जा रहे हैं उन्हीं में से एक कैलाश विजयवर्गीय का भी नाम है।
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बीजेपी के तजुर्बेकार और प्रभावशाली नेता
इसके अलावा केंद्र में संगठन का जिम्मा संभालने का भी उनके पास अनुभव है। वो जेपी नड्डा की टीम में भी राष्ट्रीय महासचिव रहे हैं। जिसे देखते हुए कहा जा सकता है कि वो दोबारा इस या ऐसे किसी पद पर नजर आएं तो हैरानी नहीं होगी। इसकी एक और वजह है विजयवर्गीय पार्टी के सीनियर नेताओं में से हैं। जिनकी धमक पूरे देश में बात चाहें उत्तरप्रदेश की हो, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ या किसी और हिंदीभाषी प्रदेश की हो। कैलाश विजयवर्गीय का नाम हर जगह जाना पहचाना है।
विजयवर्गीय के अनुभव से बीजेपी को फायदा
यानी बीजेपी के एक फैसले से दो काम आराम से पूरे और चोखे भी होंगे। विजयवर्गीय के संगठन में जाने के बाद पार्टी किसी और नेता को कैबिनेट में मौका दे सकती है।
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केंद्रीय संगठन के लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में
इसके अलावा करीब आधा दर्जन नाम ऐसे हैं जो इस रेस में काफी आगे चल रहे हैं। इनमें एक नाम पूर्व मंत्री अरविंद भदौरिया का है जो एक्टिव राजनीति से बाहर हैं। उन्हें अब तक कोई पद नहीं मिला है।
उनके अलावा कुछ जमीनी चेहरे भी इस टीम का हिस्सा बन सकते हैं। जिसमें रजनीश अग्रवाल, भक्ति शर्मा जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। प्रदेशाध्यक्ष के पद पर रहे वीडी शर्मा भी फिलहाल सांसद होने के अलावा संगठन के किसी अहम पद पर नहीं हैं। हो सकता है उन्हें भी मौका मिले।
सुमेर सिंह सोलंकी, गजेंद्र पटेल, कविता पाटीदार ऐसे नाम बताए जा रहे हैं जो केंद्रीय संगठन में खास जगह हासिल कर सकते हैं। ताजा स्थिति की बात करें तो संसदीय बोर्ड में एसी का नेतृत्व कर रहे सत्य नारायण जटिया राष्ट्रीय संगठन में पहले से ही हैं। उनके अलावा लाल सिंह आर्य हैं जो अनुसूचि जाति मोर्चा के अध्यक्ष हैं, ओम प्रकाश धुर्वे भी हैं जो राष्ट्रीय सचिव हैं। यानी तीन लोग एमपी से पहले ही केंद्रीय संगठन का हिस्सा हैं।
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मध्यप्रदेश के नेताओं को मिल सकता है वेटेज
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