सिंहासन छत्तीसी : सीएस के पास पहुंची है किस आईपीएस की शिकायत, एक बंगला है जिस पर दो माननीयों का आया है दिल

Arun Tiwari | Mar 22, 2026, 11:05 IST
Share
singhasan chhattisi cg ips corruption complaint mla bungalow controversy
singhasan chhattisi cg ips corruption complaint mla bungalow controversy

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे एक सीनियर आईपीएस और एक सरकारी बंगले पर दो प्रभावशाली नेताओं के दावों ने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है। आज के सिंहासन छत्तीसी में पढ़िए इन घटनाओं के बारे में विस्तार से...

Raipur. छत्तीसगढ़ की नौकरशाही इन दिनों बहुत चर्चा में है। चर्चा काम से ज्यादा भ्रष्टाचार (corruption) को लेकर है। साहबान काम से ज्यादा कमाने पर फोकस कर रहे हैं। मुख्य सचिव के पास एक सीनियर आईपीएस की शिकायत पहुंची है। इस शिकायत में कहा गया है कि साहब ने संपत्ति का जो ब्यौरा दिया है, वह सिर्फ स्टार्टर है, मेन कोर्स तो उन्होंने बताया ही नहीं।

संपत्ति की पूरी जानकारी खसरा और रकबा समेत दी गई है। वहीं बीजेपी के दो माननीय हैं जिनका दिल एक बंगले पर आ गया है। अब विभाग मुश्किल में है कि यह बंगला किसे दिया जाए क्योंकि दोनों पर ही दिल्ली दरबार का हाथ है। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों की ऐसी ही अनसुनी खबरों के लिए पढ़िए द सूत्र का साप्ताहिक कॉलम सिंहासन छत्तीसी।

मुख्य सचिव के पास आईपीएस की शिकायत

छत्तीसगढ़ में इन दिनों शिकायतों का दौर चल रहा है। और हो भी क्यों न, नौकरशाही काम ही कुछ ऐसे कर रही है। एक सीनियर आईपीएस की शिकायत मुख्य सचिव के पास पहुंची है। शिकायत भी उन्होंने की है, जो सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हैं। शिकायत में कहा गया है कि इन आईपीएस साहब ने अपनी संपत्ति की घोषणा कुछ और की है और इनके पास संपत्ति इससे कहीं अधिक है।

शिकायत में उस संपत्ति का ब्यौरा भी है। इन साहब के शागिर्द एक राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी हैं। इस शिकायत में उनका भी नाम है। यह वही साहब लोग हैं जिनका नाम एक ऑनलाइन गेमिंग में आ चुका है। इनके घर तक सीबीआई भी पहुंच चुकी है। अब देखना है कि इस शिकायत पर बड़े साहब का कितना एक्शन होता है।

एक बंगले मिले न्यारा

c69032ba-122
c69032ba-122


बंगले की चाहत किसे नहीं होती। अगर वो माननीय हों तो बात ही कुछ और है। एक बंगले पर दो माननीयों का दिल आ गया है। एक मेडम तो हाल ही में राज्यसभा पहुंची हैं, वे भी दिल्ली की मेहरबानी से। और दूसरे गाहे बगाहे पीएम के आस-पास नजर आ ही जाते हैं। मुश्किल यह है कि बंगला दें तो किसे दें। मेडम ने अपने नाम का ऐलान होते ही इस बंगले की डिमांड रख दी।

इस बंगले पर पहले से जिनकी नजर है, वे भी राज्यमंत्री हैं, भले ही उनकी लोकसभा रायपुर नहीं है। विभाग इस दुविधा में है कि यह बंगला किसे अलॉट किया जाए। इस पूरी कहानी में एक और दिलचस्प बात है। यह बंगला कोई ऐसा-वैसा नहीं बल्कि डिप्टी सीएम का है।

क्या सारे घर के बदल डालेंगे

छत्तीसगढ़ सरकार में जब-तब मंत्रियों के बदले जाने की चर्चा चलती रहती है। एक बार फिर बड़े जोर से यह चर्चा चल उठी है कि दिल्ली यहां पर पूरे घर के बदलने जा रही है। इसमें पार्टी के नए मुखिया का भी रोल है क्योंकि वे छत्तीसगढ़ से भली-भांति परिचित हैं। कहा जा रहा है कि वे अब अगले चुनाव की टीम सेट करना चाह रहे हैं।

यह बात मान भी ली जाए कि सारे तो नहीं बदले जाएंगे, लेकिन आधे मंत्रियों पर तलवार जरूर लटक रही है। सरकार को करीब ढाई साल बीतने वाले हैं और एक साल चुनावी साल रहता है। तो सरकार के पास बचे महज डेढ़ साल। अब इन डेढ़ सालों में बीजेपी के दोबारा सरकार में लौटने की चौसर बिछाई जा रही है। लिहाजा दिल्ली अपनी गोटियां बिठाने की तैयारी में है।

पटवारी की यारी, झूठी हुई गिरदावरी

एक के बाद एक लगातार तीन जिलों में मिली अफीम की खेती ने पटवारियों की मुश्किल बढ़ा दी है। बलरामपुर के पूरे 58 पटवारी बदले गए हैं। इस खबर से दुर्ग और रायगढ़ के पटवारियों में हड़कंप मचा है। दरअसल सीएम ने कलेक्टरों की मुश्कें कस दी हैं। प्रदेश में अफीम की खेती हो रही है और कलेक्टरों को कुछ खबर ही नहीं है।

अफीम की खेती करने वाले बीजेपी नेता को भी जेल में डाल दिया है। सीएम ने कलेक्टरों को तो कलेक्टरों ने पटवारियों को कसना शुरू कर दिया है। खबर है कि गिरदावरी रिपोर्ट भी पटवारी ठेके पर तैयार करवा लेते हैं। कमाई खूब हो रही है तो कुछ कमाई देकर एजेंटों को गिरदावरी रिपोर्ट बनाने के लिए तैनात कर देते हैं। पटवारी घर में आराम करते हैं और गिरदावरी पर साइन कर देते हैं।

जहां अफीम की खेती मिली है वहां गिरदावरी रिपोर्ट में अन्य फसल लिखी है। जाहिर है यह सब पटवारियों की मिली भगत से होने की पूरे आसार हैं। यही कारण है कि अब कलेक्टरों ने पटवारियों को नापने की तैयारी कर ली है।

द सूत्र पर पढ़िए सिंहासन छत्तीसी के अन्य कॉलम...

सिंहासन छत्तीसी: पीएमओ से छत्तीसगढ़ के तीन अफसरों की शिकायत, गोपनीय चिट्ठी ने मचाया हड़कंप

एक अफसर पर सरकार की गजब मेहरबानी, छत्तीसगढ़ के एक शहर पर क्यों है दिग्गजों की नजर

सर और मेडम के गठजोड़ से हो रहा जंगल में मंगल, माननीय को चाहिए चिट्ठी लिखने की फीस

मेडम पर मेहरबान हैं साहब, लड़कियों की सेहत सप्लाई कर रही है टेबल कुर्सी बनाने वाली कंपनी

Tags:
  • सिंहासन छत्तीसी
  • द सूत्र पर पढ़िए सिंहासन छत्तीसी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा