महाराष्ट्र से पकड़ा गया रायपुर चिटफंड घोटाले का फरार डायरेक्टर
Harrison Masih | Jun 03, 2025, 15:28 IST
Absconding director Raipur Chitfund scam arrested Maharashtra
राजधानी रायपुर में करोड़ों की ठगी करने वाली एक चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर को आखिरकार क्राइम ब्रांच पुलिस ने पांच साल बाद महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम प्रथमेश नितिन मिरजकर है।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में करोड़ों की ठगी करने वाली एक चिटफंड कंपनी के फरार डायरेक्टर को आखिरकार क्राइम ब्रांच पुलिस ने पांच साल बाद महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम प्रथमेश नितिन मिरजकर है, जो "साईं प्रसाद प्रॉपर्टीज लिमिटेड" नामक चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर था।
आरोपी पर लोगों को दुगने पैसे लौटाने का झांसा देकर निवेश करवाने और फिर कंपनी बंद करके फरार होने का गंभीर आरोप है। रायपुर पुलिस इससे पहले इसी मामले में कंपनी के अन्य डायरेक्टर्स को गिरफ्तार कर चुकी है।
ये खबर भी पढ़ें... बड़ेसेट्टी पंचायत के बाद अब केरलापेंदा भी नक्सलियों से हुआ मुक्त
यह मामला रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2019 में न्यू राजेंद्र नगर थाना में एक एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें संतोष कुमार साहू सहित कई निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें "साईं प्रसाद प्रॉपर्टीज लिमिटेड" के डायरेक्टरों ने यह कहकर ठगा कि 6.5 साल में उनके निवेश को दोगुना कर दिया जाएगा।
इस झांसे में आकर कई लोगों ने लाखों रुपये इस कंपनी में निवेश कर दिए। तय समय गुजरने के बाद जब लोगों ने अपनी राशि वापस मांगी तो कंपनी के सभी अधिकारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में स्क्रब टाइफस बीमारी ने दी दस्तक... ये है लक्षण
पुलिस की जांच में इस घोटाले की पुष्टि होने के बाद कंपनी के चार डायरेक्टर बाला साहब भापकर, वंदना भापकर, शशांक भापकर और शैलेष अमृत भोईर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। लेकिन आरोपी प्रथमेश नितिन मिरजकर पिछले पांच वर्षों से फरार चल रहा था।
क्राइम ब्रांच रायपुर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मिरजकर महाराष्ट्र के पुणे में छुपा हुआ है। इसके बाद एक विशेष टीम को पुणे भेजा गया, जहां से उसे हिरासत में लिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायपुर लाया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंपनी द्वारा निवेश की गई रकम का क्या हुआ और क्या इसमें कोई और लोग भी शामिल हैं।
ये खबर भी पढ़ें... पत्नी को बचाने के लिए गलत जानकारी देने पर दुर्ग बीईओ गोविंद साव निलंबित
इस चिटफंड घोटाले में निवेशकों को अब भी अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद है, लेकिन कंपनी के खाते और संपत्ति की जांच व कानूनी प्रक्रिया में समय लग सकता है। पुलिस की प्राथमिकता यह है कि अधिकतम राशि निवेशकों को वापस दिलाई जा सके।
यह मामला एक बार फिर चिटफंड कंपनियों की लुभावनी योजनाओं के पीछे छिपे धोखाधड़ी के जाल को उजागर करता है। निवेशकों को बिना लाइसेंस और सत्यापन वाली कंपनियों में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
ये खबर भी पढ़ें... अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट में 3.42 करोड़ के मुआवजा घोटाले में RTO सस्पेंड, RI बर्खास्त
absconding | Director | chitfund fraud | arrested | Raipur | maharshtra | chattisgarh | चिटफंड फ्रॉड | छत्तीसगढ़
आरोपी पर लोगों को दुगने पैसे लौटाने का झांसा देकर निवेश करवाने और फिर कंपनी बंद करके फरार होने का गंभीर आरोप है। रायपुर पुलिस इससे पहले इसी मामले में कंपनी के अन्य डायरेक्टर्स को गिरफ्तार कर चुकी है।
ये खबर भी पढ़ें... बड़ेसेट्टी पंचायत के बाद अब केरलापेंदा भी नक्सलियों से हुआ मुक्त
ये है पूरा मामला
इस झांसे में आकर कई लोगों ने लाखों रुपये इस कंपनी में निवेश कर दिए। तय समय गुजरने के बाद जब लोगों ने अपनी राशि वापस मांगी तो कंपनी के सभी अधिकारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में स्क्रब टाइफस बीमारी ने दी दस्तक... ये है लक्षण
पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
महाराष्ट्र से लाया गया रायपुर
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कंपनी द्वारा निवेश की गई रकम का क्या हुआ और क्या इसमें कोई और लोग भी शामिल हैं।
ये खबर भी पढ़ें... पत्नी को बचाने के लिए गलत जानकारी देने पर दुर्ग बीईओ गोविंद साव निलंबित
निवेशकों की चिंता बरकरार
यह मामला एक बार फिर चिटफंड कंपनियों की लुभावनी योजनाओं के पीछे छिपे धोखाधड़ी के जाल को उजागर करता है। निवेशकों को बिना लाइसेंस और सत्यापन वाली कंपनियों में निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
ये खबर भी पढ़ें... अरपा-भैंसाझार प्रोजेक्ट में 3.42 करोड़ के मुआवजा घोटाले में RTO सस्पेंड, RI बर्खास्त
absconding | Director | chitfund fraud | arrested | Raipur | maharshtra | chattisgarh | चिटफंड फ्रॉड | छत्तीसगढ़
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari