आईपीएस राहुल बंसल पर 1 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप, CBI कोर्ट ने DGP को दिया नोटिस
Harrison Masih | Aug 07, 2026, 22:22 IST
आईपीएस राहुल बंसल पर रिश्वत लेने का आरोप
अंबिकापुर CSP और ट्रेनी IPS राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा है। हरियाणा निवासी शिकायतकर्ता ने दिल्ली CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर कर हवाला के जरिए रिश्वत देने का दावा किया है।
अंबिकापुर के CSP और ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल पर एक करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। यह आरोप हरियाणा निवासी एक व्यक्ति ने लगाया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट में परिवाद दायर किया है। शिकायत के साथ व्हाट्सऐप चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी कोर्ट में जमा किए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठगी के एक मामले की जांच के दौरान राहुल बंसल ने दबाव बनाकर रिश्वत की मांग की। आरोप के मुताबिक, यह रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी न्यायिक जांच चल रही है और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
परिवाद में अंबिकापुर साइबर सेल में पदस्थ ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को भी आरोपी बनाया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर रिश्वत के लेन-देन में मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, एक करोड़ रुपए की रकम हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से पहुंचाई गई। इस मामले में CBI कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा निवासी आकाश कुमार पर ठगी का केस दर्ज है। आकाश कुमार का आरोप है कि इस मामले की जांच के दौरान उससे रिश्वत की मांग की गई।
उन्होंने 8 जून 2026 को CBI निदेशक को शिकायत देकर मामले में FIR दर्ज करने और जांच की मांग की थी। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट में धारा 175(3) के तहत परिवाद दायर किया।
इस परिवाद में ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल (IPS Rahul Bansal), ASI प्रवीण कुमार राठौर, आरक्षक अंशुल शर्मा और CBI को पक्षकार बनाया गया है। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A के साथ BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
CBI स्पेशल कोर्ट के जज सुधांशु कौशिक ने मामले में CBI, राहुल बंसल, ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को नोटिस जारी किया।
सभी पक्षों की ओर से वकीलों के माध्यम से जवाब पेश किए गए हैं। इसके बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के DGP को भी नोटिस जारी कर मामले की रिपोर्ट मांगी।
DGP की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। 4 अगस्त 2026 को कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को होगी।
यह पूरा मामला अंबिकापुर साइबर रेंज थाने में दर्ज एक ठगी के केस से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, अंबिकापुर निवासी रवि मोहन गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर उससे ठगी की गई।
ठगों ने उसे मनी ट्रेड 365 और स्काई ट्रेड नाम के ऐप डाउनलोड करवाए। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 84 किस्तों में करीब 20 लाख 15 हजार रुपए जमा कराए गए।
आरोप है कि इसी केस की जांच के दौरान आरोपियों को बचाने और जांच को प्रभावित करने के लिए एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई।
इस मामले में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। CBI कोर्ट में सुनवाई जारी है और आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार होगी।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि ठगी के एक मामले की जांच के दौरान राहुल बंसल ने दबाव बनाकर रिश्वत की मांग की। आरोप के मुताबिक, यह रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई। हालांकि, इन आरोपों की अभी न्यायिक जांच चल रही है और आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
साइबर सेल के पुलिसकर्मियों पर भी आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, एक करोड़ रुपए की रकम हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से पहुंचाई गई। इस मामले में CBI कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
CBI में शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे फरियादी
उन्होंने 8 जून 2026 को CBI निदेशक को शिकायत देकर मामले में FIR दर्ज करने और जांच की मांग की थी। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने दिल्ली की CBI स्पेशल कोर्ट में धारा 175(3) के तहत परिवाद दायर किया।
इस परिवाद में ट्रेनी आईपीएस राहुल बंसल (IPS Rahul Bansal), ASI प्रवीण कुमार राठौर, आरक्षक अंशुल शर्मा और CBI को पक्षकार बनाया गया है। शिकायत में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 7A के साथ BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की मांग की गई है।
कोर्ट ने CBI और पुलिस अधिकारियों को जारी किया नोटिस
सभी पक्षों की ओर से वकीलों के माध्यम से जवाब पेश किए गए हैं। इसके बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के DGP को भी नोटिस जारी कर मामले की रिपोर्ट मांगी।
DGP की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था, लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। 4 अगस्त 2026 को कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले रिपोर्ट जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त 2026 को होगी।
किस ठगी मामले से जुड़ा है मामला?
शिकायत के अनुसार, अंबिकापुर निवासी रवि मोहन गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि शेयर मार्केट में ज्यादा मुनाफा दिलाने का लालच देकर उससे ठगी की गई।
ठगों ने उसे मनी ट्रेड 365 और स्काई ट्रेड नाम के ऐप डाउनलोड करवाए। इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में कुल 84 किस्तों में करीब 20 लाख 15 हजार रुपए जमा कराए गए।
आरोप है कि इसी केस की जांच के दौरान आरोपियों को बचाने और जांच को प्रभावित करने के लिए एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई।
आरोपों की जांच जारी
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