बस्तर के 41 नक्सल मुक्त गांवों में पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा, आजादी के बाद पहला मौका

Harrison Masih | Jan 26, 2026, 09:48 IST
Share
bastar-41-naxal-affected-villages-first-republic-day-tricolour-2026
bastar-41-naxal-affected-villages-first-republic-day-tricolour-2026

बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित इलाकों में इस बार गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक बनने जा रहा है। बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के 41 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। नक्सलियों के कोर एरिया और करेगुट्टा पहाड़ पर भी झंडावंदन होगा।

NEWS IN SHORT

  • बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित 41 गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा।
  • बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा के कई गांव दशकों बाद राष्ट्रीय समारोह से जुड़ेंगे।
  • नक्सलियों के कोर एरिया और करेगुट्टा पहाड़ पर भी पहली बार झंडावंदन होगा।
  • सुरक्षा कैंप और बड़े नक्सलियों के खात्मे से क्षेत्र में विश्वास और शांति का माहौल बना।
  • यह आयोजन बस्तर में लोकतंत्र, विकास और संविधान की मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।

NEWS IN DETAIL

नक्सल प्रभावित इलाकों में ऐतिहासिक गणतंत्र दिवस

बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इस बार गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक बनने जा रहा है। जिन गांवों में कभी नक्सलियों की दहशत, बंदूक और डर का माहौल था, वहां 26 जनवरी को पहली बार शान से तिरंगा फहराया जाएगा। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. के अनुसार, इस वर्ष नक्सल प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। इनमें 18 गांव नारायणपुर, 13 बीजापुर और 10 सुकमा जिले में स्थित हैं।

ये खबर भी पढ़ें... रायपुर में राज्यपाल और बिलासपुर में सीएम साय फहराएंगे तिरंगा, डॉग स्क्वॉड रहेगा मुख्य आकर्षण

republic-day
republic-day


दशकों बाद राष्ट्रीय परंपराओं से जुड़ाव

ये गांव कई दशकों से राष्ट्रीय पर्वों और सरकारी आयोजनों से दूर थे। हाल के महीनों में सुरक्षा कैंप स्थापित होने से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ाव मजबूत हुआ है।

ये खबर भी पढ़ें... ध्वजारोहण और झंडावंदन में क्या है बड़ा अंतर, जानें गणतंत्र दिवस पर इनका महत्व

दहशत से विकास की ओर बस्तर

आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और स्थानीय सहयोग से इलाके में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। पिछले साल 13 गांवों में स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था, जबकि इस साल कुल 54 गांवों में गणतंत्र दिवस समारोह होगा। बीजापुर, नारायणपुर और सुकमा के अलावा दंतेवाड़ा जिले के पिल्लूर, डोडीसुमार और कमालूर गांवों में भी पहली बार तिरंगा फहराया जाएगा। नक्सलियों के कोर एरिया माने जाने वाले कोडनार, अंजागार, मंडेला, जदूर और बायपेटा गांवों में झंडावंदन को बड़ी सफलता माना जा रहा है।

करेगुट्टा पहाड़ पर पहली बार तिरंगा



karregutta-
karregutta-


ये खबर भी पढ़ें... गणतंत्र दिवस 2026: राजस्थान की बेटी को राष्ट्रपति भवन से मिला विशेष आमंत्रण, यह है खास

सबसे अहम उपलब्धि करेगुट्टा पहाड़ पर तिरंगे का फहराना है, जिसे नक्सलियों का सबसे मजबूत किला माना जाता था। 25 वर्षों बाद 24,000 सुरक्षाबलों के बड़े ऑपरेशन से इस क्षेत्र को माओवादी कब्जे से मुक्त कराया गया था।

Sootr Knowledge

  • बस्तर संभाग लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है।
  • सुरक्षा कैंप स्थापना से प्रशासन और ग्रामीणों के बीच भरोसा बढ़ा है।
  • राष्ट्रीय पर्व लोकतांत्रिक जुड़ाव का प्रतीक माने जाते हैं।
  • करेगुट्टा पहाड़ नक्सलियों का रणनीतिक गढ़ रहा है।
  • तिरंगा फहराना राज्य की संवैधानिक मौजूदगी का प्रतीक है।
ये खबर भी पढ़ें... Republic Day 2026: 1950 से 2026 तक, कुछ ऐसे बदला भारतीय गणतंत्र का आधुनिक सफर

IMP FACTS

  • पहली बार गणतंत्र दिवस: 41 गांव
  • कुल जिले: बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा
  • करेगुट्टा ऑपरेशन: 24,000 सुरक्षाबल शामिल
  • कुल गांव (इस वर्ष): 54

निष्कर्ष

बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में पहली बार तिरंगे का फहराना केवल एक समारोह नहीं, बल्कि डर से आज़ादी, लोकतंत्र की जीत और विकास की नई शुरुआत का प्रतीक है। यह बदलाव बस्तर के भविष्य को नई दिशा देने वाला साबित होगा।

Tags:
  • बस्तर
  • Republic Day
  • गणतंत्र दिवस
  • तिरंगा
  • गणतंत्र दिवस 2026
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा