बिलासपुर में स्वाइन फ्लू : संदिग्ध मरीज के लिए मिनटों में बना ग्रीन कॉरिडोर
Aishwarya Dwivedi | Jul 10, 2026, 14:13 IST
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बिलासपुर में स्वाइन फ्लू का संदिग्ध मरीज मिलने से हड़कंप मच गया। गंभीर हालत में मरीज को मूसलाधार बारिश के बीच ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एयर एंबुलेंस से हैदराबाद रेफर किया गया है।
समझें क्या है पूरा मामला
बिलासपुर में स्वाइन फ्लू का अलर्ट
डॉक्टर मरीज की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यह मरीज हाल ही में कोलकाता से बिलासपुर वापस आया था। घर लौटने के बाद ही उसकी तबीयत अचानक खराब होने लगी। इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
कोलकाता से लौटने पर बिगड़ी तबीयत
परिजन उसे तुरंत शहर के अपोलो अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बिना देरी किए मरीज की जांच शुरू कर दी। जांच में मरीज के फेफड़ों में गंभीर संक्रमण पाया गया। इसके बाद डॉक्टर सतर्क हो गए।
बिलासपुर में स्वाइन फ्लू का अलर्ट
दोनों फेफड़ों में गंभीर निमोनिया
इसके बाद डॉक्टरों ने मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन किया। संक्रमण की पुष्टि के लिए मरीज के सैंपल लिए गए हैं। इन सैंपलों को जांच के लिए एम्स (AIIMS - All India Institute of Medical Sciences) भेजा गया है। एम्स की रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी की आधिकारिक पुष्टि होगी।
बारिश में बना ग्रीन कॉरिडोर
एयर एंबुलेंस से हैदराबाद रेफर
FAQ
- प्रश्न 1: स्वाइन फ्लू किस वायरस के कारण होता है?
स्वाइन फ्लू किस वायरस के कारण होता है?उत्तर: स्वाइन फ्लू $H_1N_1$ इन्फ्लूएंजा वायरस के कारण होता है। - प्रश्न 2: स्वाइन फ्लू वायरस का नाम $H_1N_1$ क्यों है?उत्तर: इसमें H का मतलब हीमैगुटिनिन
(Hemagglutinin) और N का मतलब न्यूरामिनिडेस (Neuraminidase) है, जो वायरस की सतह पर पाए जाने वाले प्रोटीन हैं। - स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए कौन सी मुख्य एंटीवायरल दवा दी जाती है?
उत्तर: इसके इलाज के लिए मुख्य रूप से ओसेल्टामिविर (Oseltamivir) दी जाती है, जिसे बाजार में टेमीफ्लू (Tamiflu) नाम से जाना जाता है। - विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्वाइन फ्लू को किस वर्ष वैश्विक महामारी (Pandemic) घोषित किया था?
उत्तर: वर्ष 2009 में (जून 2009 से अगस्त 2010 तक यह महामारी घोषित था)।
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