छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रभारी की तलाश, स्मृति ईरानी को मिल सकती है कमान
Arun Tiwari | Aug 26, 2026, 16:35 IST
छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रभारी की तलाश
छत्तीसगढ़ बीजेपी को जल्द नया प्रदेश प्रभारी मिल सकता है। नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद खाली पद के लिए 4 बड़े नाम चर्चा में हैं। इनमें से किस चेहरे पर पार्टी लगाएगी दांव, इस पर सबकी नजर है।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में बड़े बदलाव के बाद अब राज्यों के प्रभारियों में भी फेरबदल की कवायद तेज हो गई है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ बीजेपी को नया प्रभारी मिलने की चर्चा है। छत्तीसगढ़ के प्रभारी पहले नितिन नवीन ही थे। उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से यह कुर्सी खाली है।
पार्टी के भीतर नए प्रभारी के लिए चार नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, संगठन में लंबे अनुभव वाले सुनील बंसल, मध्यप्रदेश के गजेंद्र पटेल और उत्तर प्रदेश के हरीश द्विवेदी के नाम शामिल हैं।
बीजेपी ने हाल ही में राष्ट्रीय संगठन की नई टीम घोषित की है। 17 अगस्त को घोषित टीम में स्मृति ईरानी, गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सुनील बंसल को भी राष्ट्रीय महासचिव के पद पर बरकरार रखा गया है। राष्ट्रीय टीम में बदलाव के बाद अब संगठन की जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा होना है।
राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारी भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के लिए ऐसे चेहरे पर विचार किया जा रहा है, जिसके पास संगठन को मजबूती देने के साथ-साथ सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय का अनुभव हो।
चार नामों में स्मृति ईरानी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख चेहरा रही ईरानी को नई टीम में राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। लंबे अंतराल के बाद संगठन में उनकी महत्वपूर्ण वापसी हुई है। पार्टी के भीतर उन्हें प्रभावी वक्ता और राजनीतिक-संगठनात्मक मामलों की समझ रखने वाले नेता के तौर पर देखा जाता है।
सुनील बंसल भी इस दौड़ में महत्वपूर्ण नाम माने जा रहे हैं। वे बीजेपी संगठन में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और राष्ट्रीय महासचिव के पद पर अपनी जगह बरकरार रखने वाले चुनिंदा नेताओं में हैं। चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने में उनकी विशेषज्ञता को देखते हुए उनका नाम छत्तीसगढ़ के लिए भी चर्चा में है।
मध्यप्रदेश के गजेंद्र पटेल और उत्तर प्रदेश के हरीश द्विवेदी के नाम भी चर्चा में हैं। दोनों को नई राष्ट्रीय टीम में महासचिव बनाया गया है। हरीश द्विवेदी फिलहाल असम के प्रभारी के तौर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वहीं गजेंद्र पटेल को मध्यप्रदेश से राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार के साथ संगठन को भी लगातार सक्रिय रखने की कोशिश हो रही है। ऐसे में प्रदेश प्रभारी की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
प्रभारी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच सेतु का काम करता है। साथ ही सरकार और संगठन के बीच तालमेल, आगामी चुनावों की रणनीति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और पार्टी के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी उसकी भूमिका रहती है।
बीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन विस्तार और आने वाले चुनावों की तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है। नई टीम की बैठकों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों की समीक्षा पर चर्चा हुई है।
दिलचस्प यह भी है कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय संगठन में इस बार खास प्रतिनिधित्व मिला है। दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सांसद रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
अब निगाहें बीजेपी की आगामी संगठनात्मक बैठक पर हैं। इसी बैठक और केंद्रीय नेतृत्व के स्तर पर होने वाले मंथन के बाद छत्तीसगढ़ के नए प्रभारी के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना है। चार नामों में से किसे जिम्मेदारी मिलती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
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पार्टी के भीतर नए प्रभारी के लिए चार नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, संगठन में लंबे अनुभव वाले सुनील बंसल, मध्यप्रदेश के गजेंद्र पटेल और उत्तर प्रदेश के हरीश द्विवेदी के नाम शामिल हैं।
राष्ट्रीय महासचिव को प्रभार:
राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारी भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा हैं। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के लिए ऐसे चेहरे पर विचार किया जा रहा है, जिसके पास संगठन को मजबूती देने के साथ-साथ सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय का अनुभव हो।
स्मृति ईरानी सबसे चर्चित नामों में:
सुनील बंसल का संगठनात्मक अनुभव मजबूत:
गजेंद्र पटेल और हरीश द्विवेदी भी दावेदार:
छत्तीसगढ़ के लिए फैसला क्यों अहम:
प्रभारी संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच सेतु का काम करता है। साथ ही सरकार और संगठन के बीच तालमेल, आगामी चुनावों की रणनीति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और पार्टी के विस्तार जैसे मुद्दों पर भी उसकी भूमिका रहती है।
बीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठन विस्तार और आने वाले चुनावों की तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है। नई टीम की बैठकों में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों की समीक्षा पर चर्चा हुई है।
दिलचस्प यह भी है कि छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय संगठन में इस बार खास प्रतिनिधित्व मिला है। दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सांसद रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
संगठन बैठक में फैसला:
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