बच्चों की संख्या में रायपुर-बलौदाबाजार टॉप पर, दुर्ग और सुकमा में भारी गिरावट
Harrison Masih | Apr 11, 2026, 17:54 IST
cg-child-population-news-2026-district-wise-growth-decline
छत्तीसगढ़ में 6 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या करीब 36 लाख 57 हजार आंकी गई है, लेकिन जिलों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। रायपुर में सबसे ज्यादा बाल आबादी है, जबकि नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों में संख्या कम है।
छत्तीसगढ़ में 6 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या को लेकर एक अहम तस्वीर सामने आई है। राज्य में इस उम्र के बच्चों की कुल संख्या लगभग 36 लाख 57 हजार आंकी गई है। लेकिन यह संख्या सभी जिलों में समान रूप से नहीं बढ़ रही, कहीं तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, तो कहीं लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
राज्य के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के आकलन के अनुसार, 2011 की जनसंख्या के आधार पर हर साल बच्चों की संख्या में बदलाव का अध्ययन किया गया है। इससे पता चलता है कि कुल मिलाकर बच्चों की संख्या में धीरे-धीरे गिरावट का रुझान है। यह राज्य में जनसंख्या वृद्धि दर कम होने का संकेत देता है।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, रायपुर में सबसे अधिक 3 लाख 32 हजार से ज्यादा बच्चे हैं। इसके बाद बिलासपुर, बलोदाबाजार, कबीरधाम और कोरबा जैसे जिले आते हैं, जहां बाल जनसंख्या अपेक्षाकृत अधिक है। इन जिलों में शहरीकरण, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और रोजगार के अवसर अधिक होने के कारण जनसंख्या का दबाव बना हुआ है।
नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर और कोरिया में बच्चों की संख्या सबसे कम है। ये ज्यादातर दूरस्थ और आदिवासी इलाके हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित हैं, कुपोषण की समस्या है, पलायन भी एक बड़ा कारण है।
आंकड़ों के मुताबिक, बलोदाबाजार, बेमेतरा, मुंगेली, रायपुर और कबीरधाम जिलों में बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन जिलों में वृद्धि के प्रमुख कारण हैं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में वृद्धि। विशेष रूप से बलोदाबाजार में 50 हजार से अधिक बच्चों की वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य में सबसे अधिक है।
![Child population]()
दूसरी ओर दुर्ग, धमतरी, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गरियाबंद, सुकमा और बीजापुर जैसे जिलों में बच्चों की संख्या में गिरावट देखी गई है।
![Child population decreased]()
जन्मदर में कमी
रोजगार के लिए बड़े पैमाने पर पलायन
स्वास्थ्य और पोषण संबंधी चुनौतियां
सुकमा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में गिरावट की रफ्तार ज्यादा देखी गई है, जो चिंता का विषय है।
छत्तीसगढ़ में आश्रित आबादी का बढ़ता बोझ ; गैर-कार्यशील जनसंख्या बना राज्य के लिए बड़ा संकट घटती जनसंख्या से घबराया चीन, छुट्टियों का लालच देकर आबादी बढ़ाने की कोशिश कर रही सरकार भारत में जनसंख्या तो बढ़ी, लेकिन महिलाओं में बच्चों को जन्म देने की घटती रुचि ने बढ़ाई टेंशन घटती जनसंख्या से घबराया चीन, छुट्टियों का लालच देकर आबादी बढ़ाने की कोशिश कर रही सरकार
क्या कहता है आंकड़ा?
रायपुर सबसे आगे, कई जिले पीछे
किन जिलों में सबसे कम बच्चे?
इन जिलों में तेजी से बढ़ रही बच्चों की संख्या
| जिला | बाल जनसंख्या (वर्तमान अनुमान) | वृद्धि |
| बलौदाबाज़ार | 2,15,511 | + 50,686 |
| बिलासपुर | 2,80,848 | + 41,559 |
| कबीरधाम | 1,79,782 | + 37,878 |
| बेमेतरा | 1,56,140 | + 32,386 |
| मुंगेली | 1,49,948 | + 29,317 |
| रायपुर | 3,32,336 | + 28,292 |
Child population
इन जिलों में घट रही है बाल आबादी
| जिला | बाल जनसंख्या (वर्तमान अनुमान) | गिरावट |
| बालोद | 63,827 | - 32,444 |
| दुर्ग | 1,81,220 | - 29,291 |
| धमतरी | 76,564 | - 25,345 |
| सुकमा | 22,872 | - 13,387 |
| मोहला-मानपुर | 27,034 | - 10,377 |
Child population decreased
इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
रोजगार के लिए बड़े पैमाने पर पलायन
स्वास्थ्य और पोषण संबंधी चुनौतियां
सुकमा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित और दूरस्थ क्षेत्रों में गिरावट की रफ्तार ज्यादा देखी गई है, जो चिंता का विषय है।
ये खबरें भी पढ़ें...
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari