दुर्ग के रुदा में जल जीवन मिशन की पोल खुली: टंकी अधूरी, कागजों में पूरी
Harrison Masih | Jul 29, 2025, 16:17 IST
CG-durg-ruda-water-tank-scam-under-jal-jeevan-mission the sootr
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रुदा गांव में जल जीवन मिशन के तहत करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी अधूरी पड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना टंकी लगाए ही अधिकारियों ने काम पूरा दिखा दिया।
छत्तीसगढ़ के जल जीवन मिशन के अंतर्गत एक बार फिर पीएचई (लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग) का सिस्टम सवालों के घेरे में है। दुर्ग जिले के रुदा ग्राम पंचायत में करीब एक करोड़ रूपए की लागत से बनी अधूरी पानी टंकी अब भ्रष्टाचार और लापरवाही की मिसाल बनकर सामने आई है। मामला सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने खुलकर नाराजगी जताई है।
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन पर 13 हजार करोड़ खर्च, सीएम के क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा काम अधूरे
रुदा गांव में बनी टंकी में अभी तक वर्टिकल वॉल यानी पानी भंडारण की मुख्य संरचना (टंकी) तक तैयार नहीं है। सिर्फ कॉलम, बीम और स्लैब बनाकर करीब एक करोड़ की राशि खर्च कर दी गई। ग्रामीणों ने जब पीएचई अधिकारियों से सवाल किया तो उन्हें कहा गया कि “टंकी अलग से लगाई जाएगी।”
पीएचई अफसरों के अनुसार, अब रुदा में जिंक एल्युमिनियम की ओवरहेड टंकी लगाई जाएगी, जो एक नई तकनीक है और इससे लागत में कमी आएगी। लेकिन विशेषज्ञों और पुराने अफसरों का कहना है कि जब पूरा स्ट्रक्चर आरसीसी (RCC) का है, तो वर्टिकल वॉल को भी उसी से बनाना तकनीकी और लागत दोनों में बेहतर होता। जिंक एल्युमिनियम टंकी की उम्र सिर्फ 15-20 साल होती है, जबकि आरसीसी टंकी की आयु 50 से 70 साल तक होती है।
ये खबर भी पढ़ें... जल जीवन मिशन के 250 से अधिक इंजीनियरों को नोटिस की तैयारी, आंदोलन की मिली धमकी
Corruption in Jal Jeevan Mission
जनपद पंचायत के पूर्व सदस्य रूपेश देशमुख और गांव के सरपंच नंद कुमार साहू ने बताया कि 2021 में मई से अक्टूबर के बीच इस काम के वर्क ऑर्डर जारी हुए थे और अक्टूबर 2022 में इसे पूरा भी दिखा दिया गया। सामान्य सभा में भी यह घोषणा कर दी गई कि काम पूर्ण हो चुका है। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के लोगों को पानी नहीं मिल पाया है।
ये खबर भी पढ़ें... जल जीवन मिशन के फंड से फोटोकॉपी-टाइपिंग पर एक करोड़ खर्च
जल जीवन मिशन घोटाला Ruda village Durg
रुदा गांव में अधूरी पानी टंकी दुर्ग का रुदा गांव
ये खबर भी पढ़ें... जल जीवन मिशन की सुस्त चाल, संकट से घिरे 5 हजार गांव
2021 में जल जीवन मिशन के अंतर्गत दुर्ग जिले के 13 गांवों – आमटी, मासाभाट, आलबरस, भोथली, झोला, खाड़ा, रुदा, निकुम, तिरगा, बिरेझर, चंगोरी, थनौद और अंजोरा में पानी टंकी बनाने के लिए वर्क ऑर्डर जारी किए गए थे। योजना के अनुसार अक्टूबर 2022 तक सभी काम पूरे होने थे।
लेकिन रुदा में सामने आए इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अन्य गांवों में भी इसी तरह की अधूरी और कागजी योजनाओं को पूरा दिखा दिया गया?
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन पर 13 हजार करोड़ खर्च, सीएम के क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा काम अधूरे
करोड़ों खर्च, लेकिन पानी की एक बूंद नहीं!
तकनीक या तिकड़म?
ये खबर भी पढ़ें... जल जीवन मिशन के 250 से अधिक इंजीनियरों को नोटिस की तैयारी, आंदोलन की मिली धमकी
Corruption in Jal Jeevan Mission
कागज़ों में टंकी पूरी, जमीन पर अधूरी
ये खबर भी पढ़ें... जल जीवन मिशन के फंड से फोटोकॉपी-टाइपिंग पर एक करोड़ खर्च
अधिकारियों के तर्क
संजीव बृजपुरिया, अधीक्षण अभियंता, दुर्ग पीएचई का कहना है कि “सिविल वर्क पूरा हो चुका है, बस टंकी की सप्लाई में देरी के कारण पूरा काम अधूरा रह गया है।” तत्कालीन ईई उत्कर्ष पांडे ने कहा कि “नई तकनीक से जिंक एल्युमिनियम टंकी लगाने से लागत एक चौथाई कम हो जाती है, इसलिए वही टंकी लगाई जा रही है।
|
ये खबर भी पढ़ें... जल जीवन मिशन की सुस्त चाल, संकट से घिरे 5 हजार गांव
13 गांवों में था टंकी निर्माण का आदेश
लेकिन रुदा में सामने आए इस मामले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अन्य गांवों में भी इसी तरह की अधूरी और कागजी योजनाओं को पूरा दिखा दिया गया?
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्सऔर एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापनऔरक्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari