छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: 28 आबकारी अधिकारियों की EOW कोर्ट में पेशी,सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

Harrison Masih | Sept 23, 2025, 16:34 IST
Share
cg-liquor-scam-28-officers-eow-court-update the sootr
cg-liquor-scam-28-officers-eow-court-update the sootr

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में बड़ा मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद 28 आबकारी अधिकारी आज EOW की विशेष अदालत में पेश हुए। करोड़ों के इस घोटाले में किसने निभाई क्या भूमिका और कैसे बना पूरा सिंडिकेट, जानिए पूरी कहानी…

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद आज 28 आबकारी अधिकारी EOW की विशेष अदालत में पेश हुए। सभी अधिकारी जमानत की शर्तों के अनुसार अपने कागजात लेकर कोर्ट पहुंचे, जहां उन्हें जमानत दे दी गई। यह वही अधिकारी हैं जिन पर शराब सिंडिकेट के जरिए करोड़ों रुपए की अवैध वसूली करने का आरोप है और जिन्हें राज्य सरकार पहले ही निलंबित कर चुकी है।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: चैतन्य बघेल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप, ईडी ने पेश किया 7000 पन्नों का चालान

जमानत और कोर्ट की कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी अधिकारियों ने अग्रिम जमानत के कागजात कोर्ट में पेश किए। प्रत्येक अधिकारी ने 1-1 लाख रुपए का जमानत पट्टा जमा किया और 28 अधिकारियों को जमानत दे दी गई। यह जमानत सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले ही मंजूर की जा चुकी थी।

आरोप और सस्पेंशन

इन सभी अधिकारियों पर आरोप है कि वे शराब घोटाले के सिंडिकेट में शामिल थे। इस घोटाले में आरोप है कि अधिकारियों ने 2019 से 2023 के बीच 90 करोड़ रुपए की अवैध वसूली की। कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में 32 सौ करोड़ रुपए का शराब घोटाला सामने आया। राज्य सरकार ने इस मामले में 22 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है जबकि 7 अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुके हैं।

ये खबर भी पढ़ें... CG Excise Scam : ED ने कांग्रेस दफ्तर पहुंचकर थमा दिया चालान, सुकमा भवन अटैच

सिंडिकेट का गठन और आरोप

इसी घोटाले के तहत कारोबारी अनवर ढेबर ने फरवरी 2019 में होटल वेनिंगटन में एक बैठक कर सिंडिकेट बनाया। इस मीटिंग में डिस्टलरी मालिक, कारोबारी और आबकारी विभाग के अधिकारी शामिल थे। आरोप है कि डिस्टलरी से शराब सप्लाई पर कमीशन लेना और कीमत बढ़ाने का निर्णय इस बैठक में लिया गया। पूरे कारोबार को ए, बी और सी पार्ट में बांटकर पैसे का हिसाब रखा गया।

ये खबर भी पढ़ें... सौम्या के करीबी ने 50 करोड़ का खेल खेला, जयचंद ने कमाए 10 करोड़,EOW की कार्रवाई में बड़े खुलासे

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला क्या है?

  1. हजारों करोड़ का घोटाला – ईडी और ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार, छत्तीसगढ़ में करीब 2,000 से 3200 करोड़ का शराब घोटाला हुआ है।
  2. सिंडिकेट की भूमिका – फरवरी 2019 में कारोबारी अनवर ढेबर ने डिस्टलरी मालिकों और अफसरों के साथ मिलकर शराब सिंडिकेट बनाया, जिसके जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया।
  3. मुख्य आरोपी – इस मामले में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर समेत कई अधिकारी और कारोबारी आरोपी बनाए गए।
  4. अवैध वसूली – जांच में सामने आया कि सिंडिकेट से जुड़े अफसरों और कारोबारियों ने 2019 से 2023 के बीच करीब 90 करोड़ रुपए से ज्यादा की अवैध वसूली की।
  5. कानूनी कार्रवाई – इस घोटाले में 29 आबकारी अफसरों को आरोपी बनाया गया, जिनमें कई निलंबित और सेवानिवृत्त भी शामिल हैं। फिलहाल मामला अदालत में है और ईडी व ईओडब्ल्यू जांच जारी रखे हुए हैं।

ED की जांच और FIR

इस मामले में ED ने भी जांच शुरू की है। ED की FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का जिक्र है। जांच में सामने आया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के MD AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दे रहे थे।

ये खबर भी पढ़ें... CG liquor scam:बिग बॉस वाट्सएप ग्रुप से चलता था लेन देन, चैतन्य बघेल पर 1,000 करोड़ के प्रबंधन का आरोप

मामला और वर्तमान स्थिति

पिछले महीने राज्य सरकार ने सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया था। हाईकोर्ट ने 18 अगस्त को अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद सभी अधिकारी सुप्रीम कोर्ट गए और जमानत प्राप्त की। आज सभी आरोपी EOW कोर्ट में पेश होकर जमानत प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।

Tags:
  • छत्तीसगढ़ शराब घोटाला
  • CG liquor scam
  • 3200 करोड़ का शराब घोटाला
  • CG Excise Scam
  • 28 अधिकारियों को जमानत
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा