छत्तीसगढ़ में शनिवार को स्कूलों का समय बदलेगा, सुबह 7:30 बजे से शुरू होंगी कक्षाएं
Harrison Masih | Sept 06, 2025, 12:07 IST
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छत्तीसगढ़ में शनिवार को स्कूल का समय फिर सुबह 7.30 बजे कर दिया जाएगा। शिक्षक संगठनों के विरोध और व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है।
CG schools bagless day: छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शनिवार के संचालन समय को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा अब अंतिम दौर में है। शिक्षक संगठनों के दबाव और व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के निर्देश पर लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने शनिवार को स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है।
यह प्रस्ताव शिक्षा सचिव को भेजा गया है और संभावना है कि सोमवार को इसकी मंजूरी के बाद नया आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस बदलाव से बच्चों और शिक्षकों को होने वाली असुविधाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
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चालू शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग ने अपने शैक्षणिक कैलेंडर में शनिवार के स्कूल संचालन समय में बदलाव किया था। पहले शनिवार को एक पाली वाले स्कूल सुबह 7:30 बजे से शुरू होते थे, लेकिन इस बार इसे सोमवार से शुक्रवार की तरह सुबह 10 बजे से शुरू करने का निर्णय लिया गया। चूंकि शनिवार को ‘बैगलेस डे’ घोषित है, इस दिन योग, व्यायाम, खेल और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।
हालांकि, सुबह 10 बजे स्कूल शुरू होने से बच्चों और शिक्षकों को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी, समय की कमी और गतिविधियों के संचालन में असुविधा जैसी शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद शिक्षक संगठनों ने पुराने समय को बहाल करने की मांग उठाई।
शिक्षक संगठनों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और शनिवार के स्कूल समय को पूर्ववत करने की मांग की। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद उन्हें पुराने समय को लागू करने का भरोसा दिलाया। उनके निर्देश पर डीपीआई ने इस दिशा में त्वरित कार्रवाई शुरू की। प्रस्ताव में स्कूलों के समय को इस प्रकार निर्धारित करने की सिफारिश की गई है।
शनिवार को बैगलेस डे के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य बच्चों को किताबी पढ़ाई के बोझ से मुक्त कर रचनात्मक और शारीरिक गतिविधियों में शामिल करना है। योग, व्यायाम, खेल, कला और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां इस दिन का हिस्सा होती हैं। सुबह 7:30 बजे से स्कूल शुरू होने से इन गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय मिलेगा और बच्चों को ताजगी भरे माहौल में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा।
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इस प्रस्ताव का स्वागत शिक्षकों और अभिभावकों ने किया है। शिक्षकों का कहना है कि सुबह का समय गतिविधियों के लिए अधिक उपयुक्त है, खासकर गर्मी के मौसम में। अभिभावकों का मानना है कि समय परिवर्तन से बच्चों का दिनचर्या संतुलित रहेगी और वे स्कूल की गतिविधियों में अधिक उत्साह के साथ भाग लेंगे।
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अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूलों से नए समय-सारिणी की जानकारी लें और बच्चों को बैगलेस डे की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही, शिक्षकों से अनुरोध है कि वे इस समय का उपयोग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए करें।यह बदलाव न केवल स्कूलों की कार्यप्रणाली को सुगम बनाएगा, बल्कि बच्चों के लिए शनिवार को अधिक रचनात्मक और उत्पादक बनाएगा।
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यह प्रस्ताव शिक्षा सचिव को भेजा गया है और संभावना है कि सोमवार को इसकी मंजूरी के बाद नया आदेश जारी कर दिया जाएगा। इस बदलाव से बच्चों और शिक्षकों को होने वाली असुविधाओं में राहत मिलने की उम्मीद है।
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क्यों हुई बदलाव की जरूरत?
हालांकि, सुबह 10 बजे स्कूल शुरू होने से बच्चों और शिक्षकों को कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गर्मी, समय की कमी और गतिविधियों के संचालन में असुविधा जैसी शिकायतें सामने आईं, जिसके बाद शिक्षक संगठनों ने पुराने समय को बहाल करने की मांग उठाई।
शिक्षक संगठनों की मांग और शिक्षा मंत्री का आश्वासन
- एक पाली वाले स्कूल: सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक।
- दो पाली वाले स्कूल:हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल: सुबह 7:30 बजे से 11:30 बजे तक।
- प्राइमरी और मिडिल स्कूल: दोपहर 12:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक।
नया आदेश जल्द होगा जारी
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा तैयार प्रस्ताव को शिक्षा सचिव को भेजा जा चुका है। जानकारी के अनुसार, सोमवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की संभावना है, जिसके बाद राज्य शासन द्वारा शनिवार के स्कूल संचालन समय को लेकर नया आदेश जारी किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल शिक्षकों और बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि बैगलेस डे की गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में भी मदद मिलेगी।
बैगलेस डे का महत्व
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छत्तीसगढ़ स्कूल समय बदलाव की 5 मुख्य बातें:
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अभिभावकों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
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अभिभावकों और छात्रों को सलाह
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