हड़ताल पर गए 41 कर्मचारियों का वेतन स्थगित, पूर्व सूचना के बावजूद कार्रवाई से भड़के कर्मचारी, संचालक पर मनमानी का आरोप
VINAY VERMA | Feb 12, 2026, 23:01 IST
Photograph: (thesootr)
हड़ताल में शामिल होने पर विभाग में विवाद। 41 कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश। कर्मचारियों ने नियम विरुद्ध कार्रवाई का आरोप लगाया, धरना जारी।
संचालक, पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय ने 41 अधिकारी-कर्मचारियों की तीन दिन की सैलरी रोकने का आदेश दिया। इसके बाद विभाग में विवाद गहरा गया है।
यह कार्रवाई 29 से 31 दिसंबर 2025 तक हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ की गई है। जिसे छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर किया गया था। आदेश जारी होते ही विभाग के कर्मचारी भड़क गए और काम बंद कर धरने पर बैठ गए।
जारी आदेश में कहा गया है कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-6 एवं नियम-7 के प्रावधानों के तहत आगामी माह के वेतन से तीन दिवस का वेतन आहरण स्थगित किया जाता है।
आदेश में 41 अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम भी सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें संयुक्त संचालक स्तर से लेकर सहायक वर्ग, तकनीकी स्टाफ और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जबकि कर्मचारी इस आदेश को नियमविरुद्ध बता रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
बिलासपुर में फिल कोल ग्रुप पर आयकर के छापे, SIR स्टीकर लगी गाड़ियों से पहुंची टीम
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने फेडरेशन के आह्वान पर हड़ताल में भाग लेने से पहले विभाग को विधिवत सूचना दी थी। ऐसे में बिना शासन के स्पष्ट निर्देश के वेतन स्थगित करना गलत है। आदेश के विरोध में संयुक्त संचालक, डिप्टी डायरेक्टर, सहित कई अधिकारी और कर्मचारी धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने संचालक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मनमाने ढंग से की गई है।
ये खबर भी पढ़ें...
जेल में कांग्रेस नेताओं के साथ होता है बुरा बर्ताव, चैतन्य बोले- जज को वही दिखाया जाता है जो देखना चाहते हैं
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं। महंगाई भत्ता, वेतन विसंगति का निराकरण और नियमितीकरण जैसे मुद्दों को लेकर प्रदेशभर के कर्मचारी 29 से 31 दिसंबर तक हड़ताल पर गए थे।
यह आंदोलन किसी एक विभाग तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्यव्यापी था। कर्मचारियों का आरोप है कि जब अन्य विभागों में इस तरह की कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो केवल पुरातत्व विभाग में वेतन स्थगन का आदेश जारी करना भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है।
ये खबर भी पढ़ें...
डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी के बाद निगम कमिश्नर की बारी, घोटाले में शामिल एसडीएम-तहसीलदार, दलाल और करोबारी
विरोध कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक वेतन कटौती स्थगन का आदेश वापस नहीं लिया जाता और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता, तब तक काम बंद कर आंदोलन जारी रहेगा। इससे विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहा है और संग्रहालय व अभिलेखागार से जुड़े नियमित कार्यों पर भी असर पड़ने लगा है।
ये खबर भी पढ़ें...
बालको चिमनी कांड के 16 साल: कोर्ट में नहीं आए 41 मौतों के जिम्मेदार चीनी अधिकारी, बोले- नहीं मिली सीधी फ्लाइट
इस मामले में पुरातत्व संचालनालय के ज्वाइंट डायरेक्टर जेआर भगत ने कहा कि सिविल सेवा आचरण नियमों के अनुसार बिना पूर्व अनुमति या सूचना के अनशन-हड़ताल करने पर वेतन काटने का प्रावधान है। लेकिन उक्त अवधि की जानकारी विभाग को दी गई थी।
सीजी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर पूर्व सूचना देकर हड़ताल में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन स्तर से कोई निर्देश नहीं मिला है और शासन जो भी दिशा-निर्देश जारी करेगा, उसे मान्य करेंगे।
यह कार्रवाई 29 से 31 दिसंबर 2025 तक हुई प्रदेशव्यापी हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ की गई है। जिसे छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर किया गया था। आदेश जारी होते ही विभाग के कर्मचारी भड़क गए और काम बंद कर धरने पर बैठ गए।
क्या कहा गया है आदेश में
आदेश में 41 अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम भी सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें संयुक्त संचालक स्तर से लेकर सहायक वर्ग, तकनीकी स्टाफ और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जबकि कर्मचारी इस आदेश को नियमविरुद्ध बता रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
बिलासपुर में फिल कोल ग्रुप पर आयकर के छापे, SIR स्टीकर लगी गाड़ियों से पहुंची टीम
कर्मचारियों का तर्क
ये खबर भी पढ़ें...
जेल में कांग्रेस नेताओं के साथ होता है बुरा बर्ताव, चैतन्य बोले- जज को वही दिखाया जाता है जो देखना चाहते हैं
मांग पूरा करवाना चाहते हैं कर्मी
यह आंदोलन किसी एक विभाग तक सीमित नहीं था, बल्कि राज्यव्यापी था। कर्मचारियों का आरोप है कि जब अन्य विभागों में इस तरह की कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो केवल पुरातत्व विभाग में वेतन स्थगन का आदेश जारी करना भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है।
ये खबर भी पढ़ें...
डिप्टी कलेक्टर की गिरफ्तारी के बाद निगम कमिश्नर की बारी, घोटाले में शामिल एसडीएम-तहसीलदार, दलाल और करोबारी
हड़ताल जारी रखने की निर्णय
ये खबर भी पढ़ें...
बालको चिमनी कांड के 16 साल: कोर्ट में नहीं आए 41 मौतों के जिम्मेदार चीनी अधिकारी, बोले- नहीं मिली सीधी फ्लाइट
ज्वांइट डायरेक्टर ने बताया नियम
सीजी कर्मचारी फेडरेशन के आह्वान पर पूर्व सूचना देकर हड़ताल में शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शासन स्तर से कोई निर्देश नहीं मिला है और शासन जो भी दिशा-निर्देश जारी करेगा, उसे मान्य करेंगे।
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA