बिल पास के लिए 8% दो... रिश्वतखोर DGM तोमर के खिलाफ FIR दर्ज
Kanak Durga Jha | Oct 21, 2024, 12:01 IST
FIR lodged against DGM Tomar bribe for bill passed
FIR Against DGM Tomar : छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के डीजीएम और प्रभारी एमडी नवीन प्रताप सिंह तोमर पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है।
FIR Against DGM Tomar : छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के डीजीएम और प्रभारी एमडी नवीन प्रताप सिंह तोमर पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा है। तोमर पर आरोप है कि उन्होंने बिलों को पास करने के बदले 8% की दर से रिश्वत ली। ईडी की जांच के बाद, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के इस मामले में कुल 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
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ईडी की जांच में पता चला कि नवीन प्रताप सिंह तोमर नियमित रूप से मैनपावर टेंडर ठेकेदारों से बिल पास करने के बदले रिश्वत लेते थे। 29 नवंबर 2023 को ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान सीएसएमसीएल कार्यालय के पास 28.80 लाख रुपये की नकदी जब्त की। यह रिश्वत की रकम अभिषेक कुमार सिंह और तिजउराम निर्मलकर द्वारा देवांश देवांगन और जितेंद्र कुमार निर्मलकर को सौंपी जा रही थी, जिन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
ईडी की जांच के दौरान यह सामने आया कि सीएसएमसीएल को मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनी मेसर्स ईगल हंटर सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 3.43 करोड़ रुपये के बिल जमा किए थे। लेकिन डीजीएम तोमर ने बिल पास करने के बदले 29.40 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत की राशि 29 नवंबर 2023 को आईसीआईसीआई बैंक, रायपुर से निकाली गई और फिर तोमर के प्रतिनिधियों को सौंपने का प्रयास किया गया।
ईडी की टीम ने मौके पर नकदी से भरा काले रंग का बैग, मोबाइल फोन, और आपत्तिजनक चैट और कॉल लॉग भी बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि रिश्वत की यह रकम लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा द्वारा एकत्र की जा रही थी, जिन्होंने अपने कर्मचारी जितेंद्र कुमार निर्मलकर का मोबाइल नंबर नवीन प्रताप सिंह तोमर को दिया था।
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ईडी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत नवीन प्रताप सिंह तोमर समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में बीआर लोहिया, अजय लोहिया, अभिषेक कुमार सिंह, तिजउराम निर्मलकर, नीरज कुमार, देवांश देवांगन, जितेंद्र कुमार निर्मलकर, और लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा शामिल हैं।
यह मामला न केवल छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारियों में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई के लिए ईडी मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है।
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ईडी की टीम ने की छापेमारी
ईडी की जांच में पता चला कि नवीन प्रताप सिंह तोमर नियमित रूप से मैनपावर टेंडर ठेकेदारों से बिल पास करने के बदले रिश्वत लेते थे। 29 नवंबर 2023 को ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान सीएसएमसीएल कार्यालय के पास 28.80 लाख रुपये की नकदी जब्त की। यह रिश्वत की रकम अभिषेक कुमार सिंह और तिजउराम निर्मलकर द्वारा देवांश देवांगन और जितेंद्र कुमार निर्मलकर को सौंपी जा रही थी, जिन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
ऐसे हुआ खुलासा?
ईडी की जांच के दौरान यह सामने आया कि सीएसएमसीएल को मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनी मेसर्स ईगल हंटर सॉल्यूशंस लिमिटेड ने 3.43 करोड़ रुपये के बिल जमा किए थे। लेकिन डीजीएम तोमर ने बिल पास करने के बदले 29.40 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। रिश्वत की राशि 29 नवंबर 2023 को आईसीआईसीआई बैंक, रायपुर से निकाली गई और फिर तोमर के प्रतिनिधियों को सौंपने का प्रयास किया गया।
नकदी जब्त
ईडी की टीम ने मौके पर नकदी से भरा काले रंग का बैग, मोबाइल फोन, और आपत्तिजनक चैट और कॉल लॉग भी बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान पता चला कि रिश्वत की यह रकम लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा द्वारा एकत्र की जा रही थी, जिन्होंने अपने कर्मचारी जितेंद्र कुमार निर्मलकर का मोबाइल नंबर नवीन प्रताप सिंह तोमर को दिया था।
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ईडी की कार्रवाई
ईडी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग के तहत नवीन प्रताप सिंह तोमर समेत कुल 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों में बीआर लोहिया, अजय लोहिया, अभिषेक कुमार सिंह, तिजउराम निर्मलकर, नीरज कुमार, देवांश देवांगन, जितेंद्र कुमार निर्मलकर, और लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा शामिल हैं।
यह मामला न केवल छत्तीसगढ़ के सरकारी अधिकारियों में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है, बल्कि रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है। जांच अभी जारी है और आगे की कार्रवाई के लिए ईडी मामले पर करीबी नजर बनाए हुए है।
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