7 लाख दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारियों के सहारे चल रही सरकार, इनको नियमित कर दे तो आधे हो जाएंगे बेरोजगार
Arun Tiwari | Feb 19, 2026, 15:52 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार का पूरा तंत्र ठेके और आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। सरकार को इन कर्मचारियों को नियमित करने का भारी दबाव है, लेकिन आर्थिक बोझ और बेरोजगारी दोनों बढ़ सकते हैं।
News in Short
- दैनिक वेतनभोगी,संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों पर टिका सरकारी सिस्टम।
- 7 लाख कर्मचारियों को नियमित होने का इंतजार।
- कमेटी भी नहीं दे पाई कोई परिणाम।
- इनको नियमित किया तो आधे हो जाएंगे बेरोजगार।
News in Detail
एक तरफ प्रदेश में 15 लाख बेरोजगार हैं तो दूसरी तरफ 7 लाख दैनिक वेतनभोगी और आउटसोर्स कर्मचारी हैं। सरकार यदि इनको नियमित कर देगी तो बेरोजगारों की संख्या आधी हो जाएगी। इनको नियमित करने में सरकार के खजाने पर बड़ा बोझ पड़ेगा यही कारण है कि सरकार यह कदम नहीं उठा पा रही है।
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ठेके पर सरकारी सिस्टम
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1 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी
आंकड़ों के अनुसार राज्य में 1.11 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जो शासन के कई महत्वपूर्ण कार्यों को अंजाम दे रहे हैं। विभागवार स्थिति देखें तो सबसे अधिक अनियमित कर्मचारी ऊर्जा विभाग और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में कार्यरत हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, सहकारिता और वाणिज्य कर जैसे महत्वपूर्ण विभाग भी बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारियों के भरोसे हैं। स्कूल शिक्षा, कौशल विकास, समाज कल्याण, आवास और श्रम विभागों में भी यही स्थिति बनी हुई है।
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आउटसोर्स के भरोस कुछ प्रमुख विभाग
- ऊर्जा विभाग - 27,000
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग - 25,000
- लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग - 9,000
- सहकारिता विभाग - 7,600
- वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग - 7,500
- अन्य - 14,000
40 फीसदी वेतन बढ़ाने की जरुरत
कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव में अपने घोषणा पत्र में दैनिक वेतनभोगी व अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, लेकिन अब बीजेपी सरकार भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।
वहीं नियमितीकरण के लिए लगातार आंदोलन कर रहे अनियमित कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष गोपाल प्रसाद साहू कहते हैं कि हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के मुद्दे पर ठोस निर्णय लिया जाए।
अब आगे क्या
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निष्कर्ष
द सूत्र नॉलेज
मैन पॉइंट्स...
- छत्तीसगढ़ की सरकारी व्यवस्था अनियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों के भरोसे चल रही है, जबकि नियमित कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है।
- राज्य में लगभग 7 लाख अनियमित व आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 1.11 लाख से ज्यादा आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में तैनात हैं।
- ऊर्जा, नगरीय प्रशासन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सबसे अधिक अस्थायी कर्मचारी काम कर रहे हैं।
- अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा है।
- कम वेतन, नौकरी की असुरक्षा से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है।
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