छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता भर्ती: अब 7 घंटे कार्य करना होगा अनिवार्य
Aishwarya Dwivedi | Jul 20, 2026, 13:27 IST
गेस्ट-लेक्चरर-नीति-नियम
छत्तीसगढ़ में नई अतिथि व्याख्याता नीति 2026 लागू हो गई है। अब एक विषय के विभिन्न पदों के लिए केवल एक आवेदन देना होगा। इसके अलावा रोजाना 7 घंटे कार्य अनिवार्य रहेगा।
समझें क्या है पूरा मामला
- उच्च शिक्षा संचालनालय ने अतिथि व्याख्याता नीति 2026 लागू की है।
- अब एक ही विषय के विभिन्न पदों के लिए एक आवेदन लगेगा।
- मेरिट सूची के आधार पर ही पदों का आवंटन किया जाएगा।
- अतिथि व्याख्याताओं को प्रतिदिन 7 घंटे कार्य करना जरूरी होगा।
- पीएचडी और मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन भुगतान नहीं होगा।
अतिथि व्याख्याता नीति में बदलाव
पहले अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों के लिए कई आवेदन जमा करने पड़ते थे। अब इस व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। यदि किसी संस्थान में एक ही विषय के प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक के पद खाली हैं, तो अभ्यर्थी को केवल एक ही आवेदन देना होगा। इसके बाद विषय की मेरिट सूची बनेगी। इसी सूची में वरीयता के अनुसार पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
योग्यता और मानदेय के नियम
काम के एवज में मिलने वाले मानदेय का ढांचा भी स्पष्ट किया गया है। अतिथि व्याख्याता को 2 हजार रुपए प्रति कार्यदिवस मिलेंगे। इनका अधिकतम मासिक मानदेय 50 हजार रुपए होगा। अतिथि ग्रंथपाल और क्रीड़ा अधिकारी को 1 हजार 600 रुपए प्रति कार्यदिवस दिए जाएंगे। इनका मासिक मानदेय अधिकतम 40 हजार रुपए रहेगा।
शिक्षण सहायक को 1हजार 400 रुपए प्रति कार्यदिवस के हिसाब से भुगतान होगा। इन्हें महीने में अधिकतम 35 हजार रुपए मिलेंगे। ग्रंथपाल सहायक और क्रीड़ा सहायक को 1 हजार 200 रुपए प्रतिदिन मिलेंगे। इनका अधिकतम मासिक मानदेय 30 हजार रुपए तय किया गया है।
कार्य की अवधि और अन्य दायित्व
आंतरिक परीक्षाओं का संचालन और मूल्यांकन भी इनके जिम्मे रहेगा। नेक (NAAC – National Assessment and Accreditation Council) मूल्यांकन के कार्यों में भी इनकी मदद ली जाएगी। इसके अलावा ट्यूटोरियल और रेमेडियल क्लास भी लेनी होंगी।
अवकाश और अनुभव प्रमाण पत्र
पीएचडी (PhD – Doctor of Philosophy) के शोध कार्य के लिए 180 दिन का अवकाश मिल सकता है। लेकिन यह अवकाश पूरी तरह से अवैतनिक रहेगा। इसी तरह महिला अभ्यर्थियों को मातृत्व अवकाश की सुविधा दी जाएगी। अधिकतम 180 दिनों का मातृत्व अवकाश मिल सकता है। हालांकि, मातृत्व अवकाश की अवधि में भी वेतन नहीं दिया जाएगा।
FAQ
छत्तीसगढ़ में अतिथि व्याख्याता का अधिकतम मानदेय कितना है?
उत्तर: नई नीति के अनुसार अतिथि व्याख्याता को 2000 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 50,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।- क्या पीएचडी और मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन मिलेगा?
उत्तर: नहीं, पीएचडी अध्ययन कार्य और मातृत्व अवकाश के लिए अधिकतम 180 दिनों का अवैतनिक अवकाश मिलेगा। इस दौरान वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। - अनुभव प्रमाण पत्र पाने के लिए कितने समय तक पढ़ाना अनिवार्य है?
उत्तर: किसी एक शिक्षा सत्र में कम से कम 5 महीने तक अध्यापन कार्य कराने पर ही अनुभव प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
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