पेपर लीक की जांच करेगी पांच सदस्यों की कमेटी, पुलिस में FIR दर्ज

Arun Tiwari | Aug 22, 2026, 09:02 IST
Share
आईजीकेवी-पेपर-लीक-पांच-सदस्यीय-समिति-एफआईआर
आईजीकेवी-पेपर-लीक-पांच-सदस्यीय-समिति-एफआईआर

आईजीकेवी में पेपर लीक के बाद मुख्यमंत्री के आदेश पर पांच सदस्यीय जांच समिति गठित हुई और एफआईआर दर्ज की गई। 20 अगस्त की निरस्त परीक्षा अब सितंबर में होगी।

RAIPUR : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) विषय की परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया में प्रसारित होने के मामले को गंभीरता से लिया है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश में परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने या विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने प्रकरण की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।

साथ ही प्रकरण में तेलीबांधा थाने में अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। मामले की तकनीकी जांच में साइबर सेल की भी सहायता ली जा रही है, ताकि प्रश्नपत्र के प्रसारण की पूरी कड़ी का पता लगाया जा सके।

कैसे हुआ पेपर लीक:

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। भर्ती हो या शैक्षणिक परीक्षा, उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है।

विद्यार्थियों की मेहनत, उनका विश्वास और उनका भविष्य हमारे लिए सर्वोपरि है। इस मामले की पूरी तह तक जाकर जांच की जाएगी। प्रश्नपत्र कहां से बाहर आया, किसने इसे प्रसारित किया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, प्रत्येक तथ्य सामने लाया जाएगा। दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

यह है मामला:

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के लगभग 1,200 विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे।

परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रसारित होने की शिकायत सामने आई थी। मामले की गंभीरता और परीक्षा की निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी है। निरस्त परीक्षा सितंबर के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएगी।

इन बिंदुओं पर जांच:

गठित जांच समिति द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित प्रश्नपत्र और परीक्षा में उपयोग किए गए मूल प्रश्नपत्र का मिलान करने के साथ ही यह पता लगाया जाएगा कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्रोत से बाहर आया, किन माध्यमों से आगे प्रसारित हुआ और इसकी पहुंच कहां तक रही।

पुलिस एवं साइबर सेल द्वारा उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने और प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों और अभिभावकों का विश्वास बनाए रखना सरकार और शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी किसी भी गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा, जिससे मेहनत और ईमानदारी से परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के हित प्रभावित हों।

समीक्षा के निर्देश:

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को भविष्य की परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था की भी व्यापक समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर उसके सुरक्षित रख-रखाव, परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा प्रारंभ होने तक की पूरी प्रक्रिया में आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने को कहा गया है, ताकि इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो।

FAQ

  1. IGKV Paper Leak: एंटोमोलॉजी का पेपर लीक क्यों हुआ और कौन सी परीक्षा रद्द हुई है?
    उत्तर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में 20 अगस्त को आयोजित बीएससी एग्रीकल्चर (द्वितीय वर्ष) के 'एंटोमोलॉजी' (कीट विज्ञान) विषय का पर्चा परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता प्रभावित होने के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस परीक्षा को तुरंत रद्द (रद्द) कर दिया।
  2. इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की रद्द हुई परीक्षा अब दोबारा कब होगी?
    उत्तर: विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, एंटोमोलॉजी विषय की निरस्त की गई यह परीक्षा अब सितंबर के प्रथम सप्ताह में पुनः आयोजित की जाएगी। छात्र सटीक तारीखों की जानकारी के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट चेक कर सकते हैं।
  3. IGKV पेपर लीक मामले की जांच कौन कर रहा है?
    उत्तर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इसके अलावा, मामले की आपराधिक और तकनीकी जांच के लिए पुलिस प्रशासन तथा साइबर सेल की मदद ली जा रही है।

यह खबरें भी पढ़ें...

Gen-Z ने उड़ाई सियासत की नींद, साधने में जुटी संघ, सरकार और बीजेपी की टीम

छत्तीसगढ़ की महिला मानव तस्करी का शिकार, यूपी के बांदा में 20 हजार में बिकी

नितिन नवीन की वायरल फोटो से शुरू हुई कार्टून वॉर, कांग्रेस-बीजेपी आमने-सामने

छत्तीसगढ़ के धमतरी में अवैध कीटनाशक फैक्ट्री सील, बिक्री पर लगी तत्काल रोक

Tags:
  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
  • सोशल मीडिया
  • राज्य सरकार
  • पेपर लीक
  • इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?

By Arohi Raj

वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड

By Umeshwari Baghel

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर

By Sanjay Gupta

बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर
ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, तो शोषण कैसे कर सकते हैं', नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, तो शोषण कैसे कर सकते हैं', नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें

By Aman Vaishnav, CHAKRESH

देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल

By

उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा

By

राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा