INC-सूटेबिलिटी विवाद में फंसे छत्तीसगढ़ के हजारों नर्सिंग छात्र

VINAY VERMA | Jul 28, 2026, 13:54 IST
Share
नर्सिंग के लिए उपयुक्तता से जुड़ा विवाद
नर्सिंग के लिए उपयुक्तता से जुड़ा विवाद

छत्तीसगढ़ में INC सूटेबिलिटी विवाद से हजारों नर्सिंग छात्रों का भविष्य अनिश्चित है। 2026-27 सत्र की मान्यता, निरीक्षण और प्रवेश प्रक्रिया अटकने का खतरा लगातार गंभीर होता जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में नर्सिंग छात्र का भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है। वजह न तो पढ़ाई है और न ही परीक्षा। असली विवाद भारतीय उपचर्या परिषद (INC) और प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों के बीच चल रही खींचतान है। एक तरफ INC लगातार "सूटेबिलिटी" लेने का दबाव बना रहा है। दूसरी तरफ कॉलेजों का कहना है कि मान्यता देने का अधिकार राज्य नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल का है। इस रस्साकशी में सबसे बड़ा नुकसान छात्रों का हो रहा है।

INC का नया नियम, कॉलेजों की आपत्ति

छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (SNRC) ने सभी सरकारी और निजी नर्सिंग कॉलेजों के साथ जीएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को नया निर्देश जारी किया है। आदेश में कहा गया है कि INC गजट नोटिफिकेशन-2020 के तहत राज्य काउंसिल से मान्यता मिलने के छह महीने के भीतर INC से Suitability लेना अनिवार्य है। जिन संस्थानों ने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें तीन दिन के भीतर जरूरी दस्तावेज भेजने को कहा गया है।

कॉलेज बोले- कोर्ट से हारकर बदला नियम

नर्सिंग कॉलेजों का दावा है कि पहले INC सीधे मान्यता लेने का दबाव बनाता था। इस मामले में हाईकोर्ट ने राहत दी थी। अब उसी प्रक्रिया को नए नाम "Suitability" के जरिए लागू करने की कोशिश की जा रही है। कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि जब राज्य काउंसिल मान्यता देने वाली वैधानिक संस्था है, तो फिर अलग से Suitability लेने की बाध्यता क्यों बनाई जा रही है। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय परिषद संस्थानों को अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया में उलझा रही है।

तीन दिन की मोहलत, वरना अटक सकती है मान्यता

SNRC ने साफ कर दिया है कि जिन संस्थानों के पास INC की Suitability नहीं होगी, उनके शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निरीक्षण और मान्यता की प्रक्रिया आगे बढ़ाना संभव नहीं होगा। यही आदेश कॉलेजों और छात्रों की चिंता बढ़ा रहा है। कई संस्थानों ने इस मुद्दे को लेकर पहले ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर रखी हैं। अब उनसे भी केस की ताजा स्थिति मांगी गई है।

छात्र पूछ रहे- हमारी गलती क्या है?

इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा परेशान छात्र हैं। उन्होंने फीस जमा की, पढ़ाई शुरू की और डिग्री का सपना देखा। लेकिन अब उन्हें यह डर सता रहा है कि कहीं कॉलेज की मान्यता पर विवाद का असर उनकी पढ़ाई और करियर पर न पड़ जाए। अभिभावकों का कहना है कि दो संस्थाओं की कानूनी लड़ाई का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।

सरकार और परिषद पर बढ़ा दबाव

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि राज्य सरकार, SNRC और INC को जल्द समाधान निकालना चाहिए। यदि समय रहते विवाद नहीं सुलझा, तो नए सत्र में प्रवेश, निरीक्षण और मान्यता की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसका सीधा असर हजारों सीटों और स्वास्थ्य शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा।

अब फैसले का इंतजार

फिलहाल गेंद INC, राज्य नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल और न्यायालय के पाले में है। लेकिन हर गुजरते दिन के साथ छात्रों की चिंता बढ़ रही है। सवाल सिर्फ Suitability का नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य का है। अगर जल्द रास्ता नहीं निकला, तो नर्सिंग शिक्षा का यह विवाद आने वाले दिनों में बड़ा संकट बन सकता है।

FAQ

  1. INC सूटेबिलिटी विवाद किससे जुड़ा है?
    A. यह विवाद नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया और भारतीय उपचर्या परिषद (INC) से Suitability लेने की अनिवार्यता को लेकर है।
  2. INC का पूरा नाम क्या है?
    A. INC का पूरा नाम Indian Nursing Council (भारतीय उपचर्या परिषद) है।
  3. छत्तीसगढ़ में नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता कौन देता है?
    A. छत्तीसगढ़ नर्सेस रजिस्ट्रेशन काउंसिल (SNRC) राज्य स्तर पर मान्यता प्रक्रिया से जुड़ी संस्था है।

यह खबरें भी पढ़ें...

AIIMS में सरकारी नौकरी का मौका: नर्सिंग ऑफिसर के 2,218 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

कोर्ट की सख्ती का असर, एमपी में नर्सिंग कॉलैजों की मान्यता के 370 आवेदन आए

नर्सिंग कॉलेजों में बड़ा फेरबदल : 9 प्रभारी प्राचार्य बदले

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, खाली सीटों पर फिर होगी BSc नर्सिंग काउंसलिंग

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • शिक्षा
  • नोटिफिकेशन
  • राज्य सरकार
  • स्वास्थ्य
  • नर्सिंग छात्र
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब