सूचना आयोग के नोटिस अधिकारी कर देते हैं गायब, सरकार ने निकाला तोड़, नोडल की होगी नियुक्ति
VINAY VERMA | Apr 24, 2026, 14:35 IST
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राज्य सरकार ने सूचना आयोग के नोटिसों की तामिली में हो रही देरी को लेकर सख्त कदम उठाया है। अब हर विभाग में नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य कर दी गई है। एक महीने के भीतर यह अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो आयोग के नोटिसों की तामिली सुनिश्चित करेंगे।
Raipur। छत्तीसगढ़ में सरकारी कामकाज की सुस्ती अब खुलकर सामने आ रही है। सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों में विभागों की लापरवाही इतनी बढ़ गई है
कि नोटिस तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे। इसी अव्यवस्था पर अब सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने साफ निर्देश जारी कर दिए हैं कि हर विभाग में अब नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नोटिसों की तामिली में लगातार देरी हो रही थी। हालात ये हैं कि कई मामलों में सुनवाई सालों तक लंबित रहती है।
वजह? नोटिस संबंधित अधिकारियों तक समय पर पहुंच ही नहीं पाते। यही वजह है कि अब सरकार ने सिस्टम में ‘वाबदेही तय करने का फैसला लिया है।
जारी आदेश में सभी विभागों को एक महीने के भीतर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। ये नियुक्ति तीन स्तरों पर होगीकृविभाग, संभाग और जिला स्तर।
विभागाध्यक्ष स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी, संभाग स्तर पर संभागीय कार्यालय का अधिकारी और जिला स्तर पर कलेक्टर को जिम्मेदारी दी गई है कि वे नोडल अधिकारी तय करें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्त नोडल अधिकारी ही सूचना आयोग के नोटिसों की तामिली सुनिश्चित करेंगे। यानी अब बहानेबाजी की गुंजाइश कम हो जाएगी।
अब तक आयोग के नोटिस विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त या कलेक्टर के माध्यम से भेजे जाते थे। लेकिन इन अधिकारियों के पास पहले से ही कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होती हैं।
नतीजाकृनोटिस तामिली की प्रक्रिया अक्सर पीछे छूट जाती थी। इसका सीधा असर यह हुआ कि कई मामलों में सुनवाई लटकती गई और शिकायतकर्ताओं को सालों इंतजार करना पड़ा।
सरकार ने आदेश में खुद माना है कि तामिली प्रक्रिया में देरी के कारण कई प्रकरण वर्षों तक लंबित रहते हैं। यानी सिस्टम की कमजोरी अब आधिकारिक तौर पर स्वीकार की जा चुकी है।
नए आदेश के मुताबिक, भविष्य में (छत्तीसगढ़ सूचना आयोग)सूचना आयोग के नोटिस ई-ऑफिस सिस्टम के जरिए भी भेजे जाएंगे। इससे ट्रैकिंग आसान होगी और यह पता चल सकेगा कि नोटिस कहां अटका है। साथ ही विभागों को समय-समय पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी देनी होगी।
यह आदेश सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत द्वारा डिजिटल साइन के साथ जारी किया गया है। इससे साफ है कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और अब ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
अगर आदेश का सही तरीके से पालन हुआ तो मामलों में लंबित फाइलों का बोझ कम हो सकता है। लोगों को समय पर जानकारी मिल सकेगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ आदेश जारी करने से सिस्टम सुधर जाएगा, या फिर यह भी कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा?
फिलहाल सरकार ने सख्त संदेश दे दिया है कि अब (छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग)सूचना आयोग के नोटिस गायब नहीं होंगे, बल्कि सीधे जिम्मेदार अधिकारी तक पहुंचेंगे। अब देखना होगा कि सरकारी मशीनरी इस नई व्यवस्था को कितनी गंभीरता से लागू करती है।
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कि नोटिस तक समय पर नहीं पहुंच पा रहे। इसी अव्यवस्था पर अब सरकार को सख्त कदम उठाना पड़ा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने साफ निर्देश जारी कर दिए हैं कि हर विभाग में अब नोडल अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
तामिली में हो रही देरी
वजह? नोटिस संबंधित अधिकारियों तक समय पर पहुंच ही नहीं पाते। यही वजह है कि अब सरकार ने सिस्टम में ‘वाबदेही तय करने का फैसला लिया है।
एक महीने की डेडलाइन
विभागाध्यक्ष स्तर पर वरिष्ठ अधिकारी, संभाग स्तर पर संभागीय कार्यालय का अधिकारी और जिला स्तर पर कलेक्टर को जिम्मेदारी दी गई है कि वे नोडल अधिकारी तय करें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियुक्त नोडल अधिकारी ही सूचना आयोग के नोटिसों की तामिली सुनिश्चित करेंगे। यानी अब बहानेबाजी की गुंजाइश कम हो जाएगी।
पुराना सिस्टम क्यों हुआ फेल?
नतीजाकृनोटिस तामिली की प्रक्रिया अक्सर पीछे छूट जाती थी। इसका सीधा असर यह हुआ कि कई मामलों में सुनवाई लटकती गई और शिकायतकर्ताओं को सालों इंतजार करना पड़ा।
सरकार ने आदेश में खुद माना है कि तामिली प्रक्रिया में देरी के कारण कई प्रकरण वर्षों तक लंबित रहते हैं। यानी सिस्टम की कमजोरी अब आधिकारिक तौर पर स्वीकार की जा चुकी है।
ई-ऑफिस से होगी मॉनिटरिंग
डिजिटल साइन से जारी आदेश
क्या बदलेगा इससे?
लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ आदेश जारी करने से सिस्टम सुधर जाएगा, या फिर यह भी कागजों में ही सिमट कर रह जाएगा?
नोटिस गायब नहीं होंगे
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