मौत का राज खोलने वाले संस्थान में डॉक्टर नहीं, 84 लाख के बजट पर वित्त विभाग की रोक, दो लोगों के भरोसे जांच

VINAY VERMA | Oct 30, 2026, 12:40 IST
Share
छत्तीसगढ़ के इकलौते मेडिको लीगल संस्थान में डॉक्टरों की कमी, 25 साल से नहीं हुई नियमित भर्ती
छत्तीसगढ़ के इकलौते मेडिको लीगल संस्थान में डॉक्टरों की कमी, 25 साल से नहीं हुई नियमित भर्ती

रायपुर। किसी व्यक्ति की मौत कैसे हुई? क्या उसकी जान हादसे में गई? क्या यह हत्या थी? या फिर उसे जहर देकर मार दिया गया? ऐसे सवालों का जवाब खोजने में मेडिको लीगल संस्थान की बड़ी भूमिका होती है। लेकिन छत्तीसगढ़ में यही संस्थान विशेषज्ञ डॉक्टर्स की कमी से जूझ रहा है।

छत्तीसगढ़ के इकलौते मेडिको लीगल संस्थान में जरूरी विशेषज्ञ डॉक्टर ही नहीं हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पिछले 25 साल से नियमित भर्ती नहीं हुई है। खाली पद भरने का प्रस्ताव भी सरकारी फाइलों में अटका हुआ है।

भर्ती के लिए करीब 84 लाख रुपए सालाना अतिरिक्त खर्च का प्रस्ताव भेजा गया था। लेकिन वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति जता दी। इसके बाद भर्ती की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब सवाल उठ रहा है कि जब जांच करने के लिए पर्याप्त विशेषज्ञ ही नहीं होंगे, तो गंभीर मामलों में मौत की असली वजह कैसे सामने आएगी?

छत्तीसगढ़ में डॉक्टर-कर्मचारियों की मनमानी हाजिरी पर लगेगी रोक, पोस्टिंग वाली जगह से ही लगेगी अटेंडेंस | Arbitrary attendance of doctors-employees in Chhattisgarh will be stopped, attendance will be taken only from the place of posting
छत्तीसगढ़ में डॉक्टर-कर्मचारियों की मनमानी हाजिरी पर लगेगी रोक, पोस्टिंग वाली जगह से ही लगेगी अटेंडेंस
25 Oct 2026 ,
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में अब डॉक्टर और कर्मचारी मनमर्जी से हाजिरी नहीं लगा सकेंगे। नवंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस के नियम बदलने की तैयारी है। कर्मचारियों को उसी जगह से हाजिरी लगानी होगी जहां उनकी पोस्टिंग है। दूसरी जगह से लगाई गई हाजिरी मान्य नहीं होगी। गैरहाजिर रहने पर वेतन भी कट सकता है।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में अब डॉक्टर और कर्मचारी मनमर्जी से हाजिरी नहीं लगा सकेंगे। नवंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस के नियम बदलने की तैयारी है। कर्मचारियों को उसी जगह से हाजिरी लगानी होगी जहां उनकी पोस्टिंग है। दूसरी जगह से लगाई गई हाजिरी मान्य नहीं होगी। गैरहाजिर रहने पर वेतन भी कट सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • संस्थान में स्वीकृत पदों के मुकाबले कर्मचारियों की भारी कमी है।
  • भर्ती के लिए करीब 84 लाख रुपए सालाना अतिरिक्त खर्च का प्रस्ताव था।
  • वित्त विभाग की असहमति से भर्ती की राह अटकी है।
  • संस्थान का सालाना बजट करीब दो करोड़ रुपए बताया जा रहा है।
  • भर्ती और खर्च पर अब तक अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

मेडिको लीगल संस्थान छत्तीसगढ़ में कितने पद स्वीकृत?

राज्य गठन के बाद मध्यप्रदेश से पांच कर्मचारियों की टीम छत्तीसगढ़ आई थी। इसमें तीन मेडिकल ऑफिसर और दो लिपिक थे। समय के साथ सभी सेवानिवृत्त हो गए।

इसके बाद संस्थान के लिए 25 नए पद स्वीकृत किए गए। प्रस्तावित व्यवस्था में 15 पद सीधी भर्ती से भरे जाने थे। बाकी 10 पद पदोन्नति से भरे जाने थे। 25 साल से भर्ती नहीं हुई, यानी नियमित भर्ती आज तक नहीं हो सकी।

बालाघाट फर्जी डॉक्टर मामला: एक ही नाम, एक ही डिग्री, दो सुनील कुमार, एक असली, एक नकली! | Balaghat Fake Doctor Case: Same Name, Same Degree, Two Sunil Kumars, One Real, One Fake!
असली डॉक्टर की डिग्री चुराकर 15 साल तक नौकरी करता रहा मुन्ना भाई, BMO बना, तब जाकर खुली पोल
11 Oct 2026 ,
By Aman Vaishnav
मध्य प्रदेश में एक शख्स असली डॉक्टर की डिग्री और पहचान चुराकर 15 साल तक सरकारी नौकरी करता रहा। फर्जी और असली दोनों डॉक्टरों के नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और कॉलेज की डिग्री बिल्कुल एक जैसी थी। आरोपी ने साल 2009 में नौकरी शुरू की। इसके बाद साल 2023 में प्रमोट होकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर यानी बीएमओ भी बन गया।
मध्य प्रदेश में एक शख्स असली डॉक्टर की डिग्री और पहचान चुराकर 15 साल तक सरकारी नौकरी करता रहा। फर्जी और असली दोनों डॉक्टरों के नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि और कॉलेज की डिग्री बिल्कुल एक जैसी थी। आरोपी ने साल 2009 में नौकरी शुरू की। इसके बाद साल 2023 में प्रमोट होकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर यानी बीएमओ भी बन गया।

अब संस्थान में कितने लोग बचे?

संस्थान की हालत लगातार बिगड़ती गई। पहले तीन अधिकारी-कर्मचारी बचे थे। जूनियर फॉरेंसिक स्पेशलिस्ट जून में सेवानिवृत्त हो गए। उनकी संविदा नियुक्ति बढ़ाई गई।

प्रयोगशाला सहायक का संविदा कार्यकाल खत्म हो गया। उनका मामला लंबित है। इस तरह संस्थान बेहद सीमित मानव संसाधन से चल रहा है।

गृह विभाग भर्ती प्रस्ताव पर क्या हुआ?

गृह विभाग ने खाली पद भरने का प्रस्ताव भेजा था। जानकारी के मुताबिक 15 पदों पर सीधी भर्ती मांगी गई थी। लेकिन वित्त विभाग की आपत्ति के कारण सभी पदों पर सहमति नहीं बनी।

कुछ पदों की मंजूरी जरूर मिली है। मेडिकल ऑफिसर के एक पद पर चयन छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) से होना है। नॉन-मेडिकल पद, कंप्यूटर ऑपरेटर और प्यून के पदों की स्वीकृति की जानकारी भी सामने आई है।

एसएमएस में रिटायर्ड डॉक्टरों को कुर्सी, नियमित डॉक्टरों को मौका नहीं: नियुक्ति, वेतन-पेंशन पर उठे सवाल | Retired Doctors Get Chairs in SMS, Regular Doctors Not Given Chance: Questions Raised on Appointment, Salary-Pension
एसएमएस में रिटायर्ड डॉक्टरों को फिर मिली कुर्सी, नियमित डॉक्टरों को मौका क्यों नहीं? नियुक्ति से लेकर वेतन-पेंशन तक उठे सवाल
12 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रिटायर्ड डॉक्टरों को दोबारा नियुक्त करने के बाद यूनिट हेड और उपाधीक्षक जैसी जिम्मेदारियां देने पर सवाल उठ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में नियमों की जानकारी मांगी है। वहीं, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी प्रशासनिक पदों पर बार-बार एक्सटेंशन देने का विरोध किया है।
जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रिटायर्ड डॉक्टरों को दोबारा नियुक्त करने के बाद यूनिट हेड और उपाधीक्षक जैसी जिम्मेदारियां देने पर सवाल उठ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधानसभा में नियमों की जानकारी मांगी है। वहीं, मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी प्रशासनिक पदों पर बार-बार एक्सटेंशन देने का विरोध किया है।

क्या ये मंजूरियां काफी हैं?

संस्थान के प्रभारी और गृह विभाग की प्रमुख सचिव के बीच कई बार चर्चा हुई। इसके बाद प्यून के एक पद की मंजूरी मिलने की बात कही गई।

लेकिन विशेषज्ञों की जरूरत के मुकाबले ये मंजूरियां नाकाफी नजर आती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीकी कर्मचारी और प्रयोगशाला स्टाफ चाहिए। सीमित पदों से कामकाज सामान्य होने की उम्मीद मुश्किल है।

84 लाख रुपए के प्रस्ताव पर आपत्ति क्यों?

भर्ती के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत बताई गई है। वित्त विभाग की वित्त विभाग की आपत्ति ने प्रस्ताव को रोक दिया। यहां सबसे बड़ा सवाल सिर्फ खर्च का नहीं है। सवाल उस व्यवस्था का है, जिससे हत्या, संदिग्ध मौत और गंभीर मामलों में अहम मेडिकल साक्ष्य जुटाए जाते हैं।

मौत की जांच में पोस्टमार्टम और मेडिकल साक्ष्य की भूमिका अहम मानी जाती है। संस्थान में विशेषज्ञ कम हों, तो दबाव बढ़ना तय है।

ग्लो ड्रिप का खतरा: गरबा में चमक के चक्कर में दिल और किडनी को पहुंचा रहे नुकसान, डॉक्टरों ने चेताया | Glo Drop Danger: Girls damaging heart and kidney for glow in Garba, doctors warn
गरबा में गोरी और चमकार दिखने लड़कियां लगवा रहीं ग्लो ड्रिप, खूबसूरती के चक्कर में दिल और किडनी को नुकसान
12 Oct 2026 ,
By Arun Tiwari
नवरात्रि में खूबसूरत दिखने और चेहरे पर खास चमक लाने के लिए लोग मेकअप, हेयर स्टाइल और स्किन केयर पर काफी ध्यान देते हैं। अब इस तैयारी में एक नया ट्रेंड भी शामिल हो रहा है। अहमदाबाद में गरबा खेलने जाने वाले कुछ लोग चेहरे को चमकदार बनाने और त्वचा का रंग निखारने के लिए IV ग्लो ड्रिप का सहारा ले रहे हैं।
नवरात्रि में खूबसूरत दिखने और चेहरे पर खास चमक लाने के लिए लोग मेकअप, हेयर स्टाइल और स्किन केयर पर काफी ध्यान देते हैं। अब इस तैयारी में एक नया ट्रेंड भी शामिल हो रहा है। अहमदाबाद में गरबा खेलने जाने वाले कुछ लोग चेहरे को चमकदार बनाने और त्वचा का रंग निखारने के लिए IV ग्लो ड्रिप का सहारा ले रहे हैं।

क्या हर मामले की जांच रुक जाएगी?

यह कहना उपलब्ध जानकारी से साबित नहीं होता। लेकिन जांच की गति और सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।

डायरेक्टर के लिए गाड़ी तक नहीं, क्या बोले डॉ. विकास ध्रुव?

संस्थान के प्रभारी संचालक डॉ. विकास ध्रुव का कहना है कि मध्यप्रदेश से अलग होने के बाद छत्तीसगढ़ में सेटअप की तैयारी हुई। लेकिन इसे किनारे कर दिया गया। उनके मुताबिक संस्थान लगातार उपेक्षा झेल रहा है।

अधिकारी-कर्मचारी रिटायर होते गए। लेकिन नई भर्तियां नहीं हुईं।

डॉ. ध्रुव के मुताबिक गृह विभाग की अहम शाखा होने पर भी संस्थान की अपनी बिल्डिंग नहीं है। साधन-संसाधन भी नहीं हैं। डायरेक्टर के लिए एक गाड़ी तक नहीं है। उनके मुताबिक काम केवल आश्वासन पर चल रहा है।

अब सरकार से क्या सवाल हैं?

राज्य के इकलौते मेडिको लीगल संस्थान में जरूरी पद कब भरे जाएंगे? 25 साल में भर्ती क्यों नहीं हुई? विशेषज्ञ डॉक्टरों के बिना बेहतर नतीजों की उम्मीद कैसे की जाए? बजट की आपत्ति के बीच उन मामलों का क्या होगा, जिनमें मौत का असली कारण परिवारों को न्याय दिलाने के लिए जरूरी है?

अब देखना यह है कि सरकार क्या करेगी। वह भर्ती और बजट पर फैसला लेकर संस्थान को काम करने लायक बनाएगी या मामला फाइलों में उलझा रहेगा।
Tags:
  • मेडिको लीगल संस्थान छत्तीसगढ़
  • मेडिको लीगल संस्थान
  • डॉक्टरों की कमी
  • वित्त विभाग
  • छत्तीसगढ़
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, दोपहर 3 बजे होगा अंतिम संस्कार

By Aman Vaishnav

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशी बाई का निधन, दोपहर 3 बजे होगा अंतिम संस्कार
दिवाली से पहले एमपी के कर्मचारियों को DA का तोहफा, 2% बढ़ेगा महंगाई भत्ता, 9 महीने का एरियर भी मिलेगा

By Manya Jain

दिवाली से पहले एमपी के कर्मचारियों को DA का तोहफा, 2% बढ़ेगा महंगाई भत्ता, 9 महीने का एरियर भी मिलेगा
राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को चुनौती देने चुनावी मैदान में उतरे बैतूल के अतिथि शिक्षक, पहले 10 विधायकों के हस्ताक्षर की तलाश

By Manya Jain

राज्यसभा उपचुनाव में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी को चुनौती देने चुनावी मैदान में उतरे बैतूल के अतिथि शिक्षक, पहले 10 विधायकों के हस्ताक्षर की तलाश
दिवाली के पटाखे ने छीनी 13 साल के बच्चे की अंगुली, 21 दिन बाद होगी सर्जरी; पेट से चिपकाया हाथ

By Jyoti Mahender Bhardwaj

दिवाली के पटाखे ने छीनी 13 साल के बच्चे की अंगुली, 21 दिन बाद होगी सर्जरी; पेट से चिपकाया हाथ
राजस्थान में 7,840 पदों पर सरकारी भर्तियों की तैयारी, VDO के 4 हजार पदों पर निकलेगी भर्ती

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में 7,840 पदों पर सरकारी भर्तियों की तैयारी, VDO के 4 हजार पदों पर निकलेगी भर्ती
अनवर ढेबर के घर ED की दबिश, कोल लेवी और CSMCL घोटाले में EOW-ACB का प्रदेशभर में बड़ा एक्शन

By VINAY VERMA

अनवर ढेबर के घर ED की दबिश, कोल लेवी और CSMCL घोटाले में EOW-ACB का प्रदेशभर में बड़ा एक्शन
हाईकोर्ट का फर्जी आदेश पेश करने पर सूरजगढ़ विधायक पुत्र पर FIR के निर्देश, कोर्ट ने बताया न्याय प्रणाली पर हमला

By Jyoti Mahender Bhardwaj

हाईकोर्ट का फर्जी आदेश पेश करने पर सूरजगढ़ विधायक पुत्र पर FIR के निर्देश, कोर्ट ने बताया न्याय प्रणाली पर हमला