छत्तीसगढ़ में जमीन खरीद-बिक्री के नियम कड़े,अब कृषि भूमि पर 5 डिसमिल से कम की नहीं होगी रजिस्ट्री
Arun Tiwari | Sept 24, 2025, 17:37 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में कृषि भूमि पर 5 डिसमिल (लगभग 1/20 एकड़) से कम क्षेत्रफल की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य में कृषि भूमि पर 5 डिसमिल (लगभग 1/20 एकड़) से कम क्षेत्रफल की जमीन की रजिस्ट्री नहीं होगी। विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद राजस्व एवं पंजीयन विभाग ने इस संबंध में नया आदेश जारी कर दिया है।
सरकार का तर्क है कि लगातार छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट रही जमीन से खेती योग्य क्षेत्रफल घट रहा है और विवाद भी बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि अब 5 डिसमिल से कम की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है।राजस्व अधिकारियों का कहना है कि छोटे-छोटे टुकड़ों में जमीन बंटने से भू-अधिकार संबंधी विवाद बढ़ रहे थे।
इसके अलावा किसानों की कृषि योग्य भूमि घट रही थी और लोग बिना आधारभूत सुविधाओं के अवैध बस्तियां बसा रहे थे। नया नियम इन पर रोक लगाने में मदद करेगा। इसका असर किसानों पर पड़ेगा क्योंकि वे अब अपनी जमीन 5 डिसमिल से कम टुकड़ों में नहीं बेच पाएंगे। वहीं छोटे प्लॉट खरीदने वाले भी इससे प्रभावित होंगे।
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5 डिसमिल (लगभग 2,178 वर्ग फीट) से कम क्षेत्रफल की जमीन अब रजिस्ट्री योग्य नहीं होगी। यदि कोई खरीदार छोटी जमीन लेना चाहता है, तो उसे न्यूनतम 5 डिसमिल का ही सौदा करना होगा। पहले कई जगहों पर 1, 2 या 3 डिसमिल के छोटे-छोटे प्लॉट की बिक्री होती थी, जिससे न केवल अवैध कालोनियों का जाल फैल रहा था, बल्कि कृषि भूमि भी तेजी से सिकुड़ रही थी।
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1. जमीन का लगातार बंटवारा रोकना
गांवों और कस्बों में जमीन छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटती जा रही थी। 1–2 डिसमिल के प्लॉट बिक रहे थे, जिससे खेती योग्य भूमि बहुत छोटे हिस्सों में बंटकर अउपयोगी (uneconomical) हो रही थी।
2. कृषि योग्य भूमि बचाना :
जमीन के टुकड़े इतने छोटे हो गए थे कि उनमें खेती संभव ही नहीं रह जाती थी।इससे कृषि भूमि कम हो रही थी और भू-संसाधन पर दबाव बढ़ रहा था।
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3. अवैध प्लॉटिंग और कालोनियों पर रोक
कई जगह जमीन माफिया 1-2 डिसमिल के छोटे प्लॉट काटकर बिना नक्शा पास कराए बेच रहे थे।इन बस्तियों में सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं होतीं।नया नियम अवैध प्लॉटिंग को काफी हद तक रोकेगा।
4. भू-अधिकार विवाद कम करना
छोटे-छोटे हिस्सों में रजिस्ट्री होने से सीमांकन और स्वामित्व विवाद बढ़ रहे थे। कई मामले अदालतों तक पहुंच जाते थे।न्यूनतम सीमा तय करने से इन विवादों में कमी आएगी।
5. भविष्य की शहरी योजना और विकास
सरकार चाहती है कि जमीन का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से हो। छोटे टुकड़ों में बिक्री रोकने से प्लानिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट आसान होगा।
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सरकार का तर्क है कि लगातार छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट रही जमीन से खेती योग्य क्षेत्रफल घट रहा है और विवाद भी बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि अब 5 डिसमिल से कम की रजिस्ट्री पर रोक लगाई गई है।राजस्व अधिकारियों का कहना है कि छोटे-छोटे टुकड़ों में जमीन बंटने से भू-अधिकार संबंधी विवाद बढ़ रहे थे।
इसके अलावा किसानों की कृषि योग्य भूमि घट रही थी और लोग बिना आधारभूत सुविधाओं के अवैध बस्तियां बसा रहे थे। नया नियम इन पर रोक लगाने में मदद करेगा। इसका असर किसानों पर पड़ेगा क्योंकि वे अब अपनी जमीन 5 डिसमिल से कम टुकड़ों में नहीं बेच पाएंगे। वहीं छोटे प्लॉट खरीदने वाले भी इससे प्रभावित होंगे।
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क्या है नया नियम :
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क्यों लिया गया ये फैसला :
गांवों और कस्बों में जमीन छोटे-छोटे टुकड़ों में बंटती जा रही थी। 1–2 डिसमिल के प्लॉट बिक रहे थे, जिससे खेती योग्य भूमि बहुत छोटे हिस्सों में बंटकर अउपयोगी (uneconomical) हो रही थी।
2. कृषि योग्य भूमि बचाना :
जमीन के टुकड़े इतने छोटे हो गए थे कि उनमें खेती संभव ही नहीं रह जाती थी।इससे कृषि भूमि कम हो रही थी और भू-संसाधन पर दबाव बढ़ रहा था।
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3. अवैध प्लॉटिंग और कालोनियों पर रोक
कई जगह जमीन माफिया 1-2 डिसमिल के छोटे प्लॉट काटकर बिना नक्शा पास कराए बेच रहे थे।इन बस्तियों में सड़क, नाली, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं होतीं।नया नियम अवैध प्लॉटिंग को काफी हद तक रोकेगा।
4. भू-अधिकार विवाद कम करना
छोटे-छोटे हिस्सों में रजिस्ट्री होने से सीमांकन और स्वामित्व विवाद बढ़ रहे थे। कई मामले अदालतों तक पहुंच जाते थे।न्यूनतम सीमा तय करने से इन विवादों में कमी आएगी।
5. भविष्य की शहरी योजना और विकास
सरकार चाहती है कि जमीन का उपयोग योजनाबद्ध तरीके से हो। छोटे टुकड़ों में बिक्री रोकने से प्लानिंग और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट आसान होगा।
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