रायपुर चौपाटी विवाद फिर गरमाया: युवा कांग्रेस ने BJP विधायक के पोस्टर पर पोती कालिख, सीएम आवास घेरने की चेतावनी
Harrison Masih | Nov 26, 2025, 18:19 IST
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रायपुर के एनआईटी चौपाटी विवाद को लेकर युवा कांग्रेस ने BJP विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर विरोध किया। विपक्ष चौपाटी हटाने, अधिकारियों की भूमिका और नालंदा-2 निर्माण पर सवाल उठा रहा है।
Raipur. रायपुर के एनआईटी चौपाटी विवाद को लेकर माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। इस मामले में अब विपक्ष (कांग्रेस) ने अपना विरोध और तेज कर दिया है। आज, युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री और स्थानीय भाजपा विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर अपना कड़ा विरोध जताया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उसी जगह पर प्रदर्शन किया, जहां नालंदा-2 निर्माण की घोषणा का होर्डिंग लगा था। उन्होंने भाजपा सरकार और विधायक राजेश मूणत के खिलाफ नारे लगाए।
रायपुर NIT चौपाटी को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगभग ₹10 करोड़ खर्च करके विकसित किया गया था। भाजपा सरकार आने के बाद इस चौपाटी को हटाने और उसी स्थान पर एक नई लाइब्रेरी-कम-अध्ययन केंद्र 'नालंदा-2' बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हुआ। दुकानें भले ही आमानाका क्षेत्र में शिफ्ट कर दी गई हैं, लेकिन विपक्ष इसे लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। नगरीय प्रशासन ने नवंबर 2025 में नालंदा-2 के लिए टेंडर पूरा कर लिया है।
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चौपाटी विवाद में एक नया मोड़ तब आया जब रेलवे ने जमीन पर अपना दावा जता दिया। रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर जमीन खाली करने को कहा। वर्तमान में, नगर निगम और रेलवे के बीच इस जमीन विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है।
कांग्रेस नेता चौपाटी को अवैध बताने और उसे तोड़ने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ दिन पहले, कांग्रेस नेताओं ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
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उच्चस्तरीय जांच: चौपाटी विवाद की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का तुरंत गठन हो।
अधिकारियों पर कार्रवाई: चौपाटी को अनुमति देने और बाद में उसे अवैध घोषित कर तोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका: राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने वाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच की जाए।
स्पष्ट नीति: भविष्य की कार्रवाईयों के लिए स्पष्ट नीति प्रकाशित की जाए।
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
विवाद की जड़: चौपाटी हटाकर नालंदा-2 का निर्माण
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रेलवे विवाद ने बढ़ाई उलझन
ऐसे समझें पूरा मामलाकांग्रेस सरकार के दौरान ₹10 करोड़ खर्च कर विकसित की गई एनआईटी चौपाटी को भाजपा सरकार ने हटाकर उस स्थान पर 'नालंदा-2' नामक लाइब्रेरी बनाने का फैसला किया है।चौपाटी हटाए जाने के विरोध में युवा कांग्रेस ने आज भाजपा विधायक राजेश मूणत के पोस्टर पर कालिख पोतकर प्रदर्शन किया, उन पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस की मुख्य मांग चौपाटी को अनुमति देने और फिर तोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच है; 7 दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी दी गई है। इस विवाद में रेलवे ने भी दखल दिया है, जिसने चौपाटी की जमीन पर अपना दावा जताते हुए 32 दुकानदारों को नोटिस भेजा है, जिससे मामला और उलझ गया है। |
कांग्रेस की प्रमुख मांगें और आंदोलन की चेतावनी
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कांग्रेस की मुख्य मांगें:
अधिकारियों पर कार्रवाई: चौपाटी को अनुमति देने और बाद में उसे अवैध घोषित कर तोड़ने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
जनप्रतिनिधियों की भूमिका: राजनीतिक दबाव में निर्णय लेने वाले जनप्रतिनिधियों की भूमिका की जांच की जाए।
स्पष्ट नीति: भविष्य की कार्रवाईयों के लिए स्पष्ट नीति प्रकाशित की जाए।
युवा कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेता लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे।
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