धर्मांतरण कानूनों को लेकर छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस,पूर्व विधायक ने किया विरोध

Harrison Masih | Sept 17, 2025, 20:41 IST
Share
supreme-court-notice-religious-conversion-laws-cg-vikas-upadhyay
supreme-court-notice-religious-conversion-laws-cg-vikas-upadhyay

सुप्रीम कोर्ट ने धर्मांतरण से जुड़े कानूनों पर छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों को नोटिस जारी किया है और 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इस आदेश के बाद रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक ने बीजेपी पर निशाना साधा है।

Supreme Court notices 8 states: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को धर्मांतरण से जुड़े कानूनों को लेकर छत्तीसगढ़ समेत 8 राज्यों को नोटिस जारी किया है, और 4 हफ्ते में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इन कानूनों पर याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें छत्तीसगढ़ के धर्मांतरण कानून को भी चुनौती दी गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी।

ये खबर भी पढ़ें... भानुप्रतापपुर में धर्मांतरण के खिलाफ ग्रामीणों का कड़ा रुख, 6 गांवों में पादरी-पास्टर की ‘नो एंट्री’

छत्तीसगढ़ पर खास ध्यान

छत्तीसगढ़ में भी धर्मांतरण से संबंधित कानून लागू है, जिसे राज्य सरकार ने 2021 में पेश किया था। राज्य सरकार ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और समाज में असमानता व हिंसा को रोकने के लिए जरूरी कदम बताया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश ने छत्तीसगढ़ के इस कानून के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ये खबर भी पढ़ें... दुर्ग धर्मांतरण विवाद: बजरंग दल पर अश्लील हरकत का आरोप,महिला आयोग ने एसपी को लिखा पत्र

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय की टिप्पणी

रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बीजेपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने केंद्र और राज्य स्तर पर धर्मांतरण को चुनावी मुद्दा बना लिया है, जो सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के लिए किया जा रहा है। विकास उपाध्याय ने कहा, "बीजेपी धर्म और जाति के नाम पर समाज को बांटकर अपनी राजनीतिक साख बढ़ाने की कोशिश कर रही है।" विकास उपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के लिए धर्मांतरण एक राजनीतिक टूल बन चुका है, जिसका इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है। उनका कहना था, "धर्मांतरण पर कानून बना कर बीजेपी लोगों के मौलिक अधिकारों को छिनना चाहती है और समाज में तनाव पैदा कर रही है।
ये खबर भी पढ़ें... भिलाई में धर्मांतरण विवाद, बजरंग दल और मसीही समाज में तनाव, जामुल थाने का घेराव

याचिकाकर्ताओं का आरोप

सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ताओं ने यह कहा कि धर्मांतरण पर बने इन कानूनों का उद्देश्य अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर रोक लगाना है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन कानूनों का उद्देश्य इंटर-रिलिजन मैरिज और धार्मिक रीति-रिवाजों पर अंकुश लगाना है, जो संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के खिलाफ है।

उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में सख्ती

याचिकाकर्ताओं ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश का उदाहरण दिया, जहां 2024 में धर्मांतरण कानून में संशोधन कर सजा को बढ़ाकर 20 साल से आजीवन कारावास तक कर दिया गया है। इसके साथ ही जमानत की शर्तें भी कड़ी कर दी गई हैं। इस कानून के लागू होने के बाद, धर्मांतरण से जुड़े मामलों में चर्चों की प्रार्थनाओं और इंटरफेथ मैरिज में शामिल लोगों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।

ये खबर भी पढ़ें... धर्मांतरण विवाद में पास्टर समेत 7 के खिलाफ FIR, थाने के बाहर तनाव के बाद कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के कानून पर ध्यान

छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर कानून लागू करने के बाद से राज्य सरकार ने इसे धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बताया था। हालांकि, विपक्षी पार्टियां इस कानून को अल्पसंख्यकों के अधिकारों का उल्लंघन मानती हैं और इसे बीजेपी द्वारा चुनावी मुद्दा बनाने का आरोप लगाती हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, छत्तीसगढ़ में इस कानून की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठने लगे हैं, और इस मुद्दे पर राजनीति तेज हो गई है।

आगे की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई छह हफ्ते बाद तय की है। अदालत ने राज्य सरकारों से इन कानूनों पर अपने पक्ष को प्रस्तुत करने के लिए समय दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट इन कानूनों को संवैधानिक मानता है या फिर इन्हें रद्द कर देता है।

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • धर्मांतरण कानून
  • पूर्व विधायक विकास उपाध्याय
  • 8 राज्यों को नोटिस
  • Supreme Court notices 8 states
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा